Jamshedpur News: झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) ने केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। पूर्वी सिंहभूम जिला कमेटी के तत्वावधान में जमशेदपुर के साकची स्थित उपायुक्त (डीसी) कार्यालय के समक्ष एक विशाल एक दिवसीय धरना प्रदर्शन का आयोजन किया गया है। पार्टी का स्पष्ट मानना है कि केंद्र की वर्तमान नीतियां आम आदमी की कमर तोड़ने वाली हैं। यह प्रदर्शन केवल एक राजनीतिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि जनता की दबी हुई आवाज को प्रशासन और केंद्र तक पहुँचाने का एक सशक्त माध्यम है। झामुमो नेताओं का कहना है कि अब समय आ गया है जब चुप बैठने के बजाय सड़क पर उतरकर हक की लड़ाई लड़ी जाए।
महंगाई और गैस सिलेंडरों के बढ़ते दाम से लोग परेशान
इस विरोध प्रदर्शन का मुख्य केंद्र बिंदु बढ़ती महंगाई और रसोई गैस की कीमतों में हुई बेतहाशा वृद्धि है। झामुमो ने विशेष रूप से छोटे गैस सिलेंडरों और कमर्शियल गैस के दामों में बढ़ोतरी को आड़े हाथों लिया है। जिला अध्यक्ष विक्टर सोरेन के अनुसार, गैस की कीमतों में वृद्धि का सीधा असर न केवल घरेलू बजट पर पड़ा है, बल्कि छोटे होटल, रेहड़ी-पटरी वाले और छोटे व्यवसायियों का रोजगार भी संकट में आ गया है। मध्यम वर्ग, जो पहले से ही आर्थिक तंगी से जूझ रहा है, उसके लिए अब दो वक्त की रोटी और ईंधन का जुगाड़ करना भी दूभर होता जा रहा है।
गरीबों और छोटे व्यवसायियों की उपेक्षा का आरोप
झामुमो के जिला अध्यक्ष विक्टर सोरेन ने केंद्र सरकार की मंशा पर सवाल उठाते हुए कहा कि सरकार की गलत नीतियों का सबसे अधिक खामियाजा गरीब और छोटे व्यापारी भुगत रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार की प्राथमिकता सूची में आम जनता और छोटे कारोबारी कहीं नजर नहीं आते। आर्थिक नीतियों को इस तरह से तैयार किया जा रहा है जिससे पूंजीपतियों को लाभ हो, जबकि जमीन पर संघर्ष कर रहा छोटा व्यवसायी कर्ज और महंगाई के दलदल में धंसता जा रहा है। झामुमो का कहना है कि सरकार को अपनी इस कार्यशैली में तत्काल सुधार करने की आवश्यकता है।
डीसी कार्यालय के समक्ष विरोध प्रदर्शन आज
गुरुवार को आयोजित इस धरना प्रदर्शन में झामुमो अपनी संगठनात्मक शक्ति का प्रदर्शन भी कर रहा है। साकची स्थित डीसी कार्यालय के बाहर भारी संख्या में कार्यकर्ताओं के जुटने की संभावना जताई गई है। इस कार्यक्रम की सफलता के लिए जिला कमेटी ने प्रखंड और पंचायत स्तर तक के नेताओं को जिम्मेदारी सौंपी है। यह प्रदर्शन केवल जिला मुख्यालय तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें गांव-गांव से आए पंचायत स्तरीय कार्यकर्ताओं और आम जनता की भागीदारी सुनिश्चित की गई है, ताकि यह संदेश दिया जा सके कि सरकार के खिलाफ आक्रोश हर स्तर पर व्याप्त है।
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वरिष्ठ नेताओं और आम जनता की भागीदारी से बनेगा दबाव
इस विरोध प्रदर्शन की सबसे बड़ी विशेषता इसमें होने वाली सामूहिक भागीदारी है। विक्टर सोरेन ने बताया कि इस धरने में पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के साथ-साथ प्रखंड अध्यक्ष, पंचायत प्रतिनिधि और बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक शामिल होंगे। झामुमो का मानना है कि जब तक आम जनता स्वयं अपने अधिकारों के लिए खड़ी नहीं होगी, तब तक सोई हुई सरकार को जगाना मुश्किल है। इस एक दिवसीय धरने के माध्यम से उपायुक्त को ज्ञापन भी सौंपा जाएगा, जिसमें केंद्र सरकार से अपनी जनविरोधी नीतियों को वापस लेने और महंगाई पर अंकुश लगाने की मांग की जाएगी। झामुमो ने स्पष्ट किया है कि यदि मांगों पर विचार नहीं किया गया, तो आने वाले समय में यह आंदोलन और भी उग्र रूप ले सकता है।
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