80 साल बाद गांवों में जलेगा विकास का उजाला

Jamshedpur News: जमशेदपुर के पोटका विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत डुमरिया प्रखंड के सुदूरवर्ती खैरबनी गांव के बानागोड़ा और पलाशबनी पंचायत के बाकड़ाकोचा गांव के राहड़गोड़ा टोला में पहली बार बिजली पहुंचने जा रही है। आजादी के करीब 80 वर्षों बाद इन गांवों में विद्युतीकरण कार्य का शुभारंभ होने से ग्रामीणों में भारी उत्साह देखा गया। पोटका विधायक Sanjeev Sardar ने विधिवत पूजा-अर्चना कर बिजली परियोजना का शिलान्यास किया। ग्रामीणों ने पारंपरिक ढंग से गाजे-बाजे के साथ विधायक का स्वागत कर खुशी जाहिर की। यह कार्य झारखंड सरकार की ‘मुख्यमंत्री उज्ज्वल झारखंड योजना’ और ‘एमयूजेआई’ योजना के तहत कराया जा रहा है, जिसके माध्यम से ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों में बिजली जैसी मूलभूत सुविधा पहुंचाई जा रही है। योजना के अंतर्गत गांवों में बिजली के खंभे, तार और ट्रांसफॉर्मर लगाए जाएंगे तथा पात्र परिवारों को मुफ्त बिजली कनेक्शन उपलब्ध कराया जाएगा।

वर्षों की उपेक्षा के बाद बदलेगी गांवों की तस्वीर
ग्रामीणों ने बताया कि दशकों तक कई जनप्रतिनिधि गांवों में आए, लेकिन किसी ने इन सुदूर इलाकों की मूलभूत समस्याओं पर ध्यान नहीं दिया। सड़क, बिजली और पानी जैसी आवश्यक सुविधाओं के अभाव में लोगों को कठिन जीवन जीना पड़ता था। खासकर बिजली नहीं होने के कारण बच्चों की पढ़ाई और ग्रामीणों की दैनिक गतिविधियां प्रभावित होती थीं। ग्रामीणों ने कहा कि पहली बार किसी सरकार ने इन गांवों तक विकास पहुंचाने का गंभीर प्रयास किया है। लोगों ने मुख्यमंत्री Hemant Soren और विधायक संजीव सरदार के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि अब गांवों में भी आधुनिक सुविधाओं का लाभ मिलने लगेगा। ग्रामीणों के अनुसार बिजली आने से शिक्षा, रोजगार और छोटे व्यवसायों को बढ़ावा मिलेगा।


पारंपरिक स्वागत से गूंज उठा गांव
शिलान्यास कार्यक्रम के दौरान दोनों गांवों में उत्सव जैसा माहौल देखने को मिला। ग्रामीणों ने विधायक संजीव सरदार का पारंपरिक आदिवासी रीति-रिवाजों के साथ स्वागत किया। ढोल-नगाड़ों और गाजे-बाजे के बीच ग्रामीणों ने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि यह दिन उनके गांव के इतिहास में यादगार साबित होगा। महिलाओं और बुजुर्गों ने भी इस पहल को गांव के भविष्य के लिए महत्वपूर्ण बताया। ग्रामीणों का कहना था कि बिजली सुविधा मिलने के बाद गांव में शिक्षा, स्वास्थ्य और संचार व्यवस्था में भी सुधार होगा। कई ग्रामीणों ने कहा कि अब बच्चों को पढ़ाई के लिए लालटेन और ढिबरी का सहारा नहीं लेना पड़ेगा।

विधायक ने ग्रामीणों की समस्याएं भी सुनीं
कार्यक्रम के दौरान विधायक संजीव सरदार ने ग्रामीणों से मुलाकात कर उनकी समस्याओं को भी सुना। ग्रामीणों ने सड़क, पेयजल और अन्य बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी मांगें विधायक के समक्ष रखीं। विधायक ने भरोसा दिलाया कि क्षेत्र के किसी भी गांव को विकास से वंचित नहीं रहने दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार गांव-गांव तक विकास पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। सड़क, बिजली, पानी और शिक्षा जैसी सुविधाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना सरकार की प्राथमिकता है। विधायक ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि विद्युतीकरण कार्य गुणवत्ता के साथ जल्द पूरा किया जाए ताकि ग्रामीणों को शीघ्र लाभ मिल सके।


मुख्यमंत्री की सोच से सुदूर गांवों तक पहुंच रहा विकास
विधायक संजीव सरदार ने कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में राज्य सरकार लगातार ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों के विकास के लिए कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि जिन गांवों को वर्षों तक विकास से दूर रखा गया, वहां अब तेजी से योजनाएं पहुंचाई जा रही हैं। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य राज्य के अंतिम गांव और अंतिम व्यक्ति तक विकास की रोशनी पहुंचाना है। यही कारण है कि अब दूर-दराज के गांवों में भी बिजली, सड़क और अन्य बुनियादी सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है। विधायक ने कहा कि बिजली आने से ग्रामीणों का जीवन स्तर बदलेगा और गांव आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ेंगे।

बड़ी संख्या में ग्रामीण रहे मौजूद
शिलान्यास कार्यक्रम में झामुमो प्रखंड अध्यक्ष मिर्जा सोरेन, भगत बास्के, भगत हांसदा, अर्जून मुर्मू, उदय मुर्मू, दांदु राम मार्डी, रामदास हेंब्रम, मुखिया हेंब्रम, राम सोरेन, सालखू मुर्मू, दासमात मुर्मू समेत बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान ग्रामीणों में खुशी और उत्साह का माहौल बना रहा तथा लोगों ने सरकार के विकास कार्यों की सराहना की।