Potka News: पूर्वी सिंहभूम जिले के पोटका प्रखंड के सबसे सुदूरवर्ती नारदा पंचायत अंतर्गत मिठाईझरना गांव में मंगलवार को उस समय उत्साह का माहौल बन गया, जब पोटका विधायक Sanjeev Sardar प्रशासनिक अधिकारियों के साथ गांव पहुंचे। दुर्गम पहाड़ी रास्तों और कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के बावजूद विधायक ने ट्रैक्टर से लगभग 14 किलोमीटर का सफर तय कर ग्रामीणों से मुलाकात की। यह क्षेत्र लंबे समय से मूलभूत सुविधाओं से वंचित रहा है, जहां आज भी सड़क, बिजली, स्वास्थ्य और पेयजल जैसी बुनियादी जरूरतें पूरी तरह उपलब्ध नहीं हैं।
मिठाईझरना, चुकागोड़ा, बाँसबनी और जामकुटा गांव मुख्य सड़क से लगभग 14 किलोमीटर ऊपर पहाड़ी क्षेत्र में स्थित हैं। यहां करीब 60 से 70 आदिम जनजाति सबर एवं आदिवासी परिवार निवास करते हैं। लगभग 1100 की आबादी वाले इन गांवों में आजादी के 78 वर्षों बाद भी विकास की किरण पूरी तरह नहीं पहुंच सकी है।
ट्रैक्टर से तय किया दुर्गम रास्ता, ग्रामीणों ने किया स्वागत
विधायक संजीव सरदार तीन ट्रैक्टरों के माध्यम से प्रशासनिक टीम के साथ गांव पहुंचे। पहाड़ी पगडंडियों और कच्चे रास्तों से गुजरते हुए उन्होंने गांव तक का सफर तय किया। ग्रामीणों ने वर्षों बाद किसी जनप्रतिनिधि को अपने गांव पहुंचते देखा, जिससे लोगों में खुशी और उम्मीद दोनों देखने को मिली। गांव पहुंचने के बाद विधायक ने ग्रामीणों के साथ बैठक की और उनकी समस्याओं को विस्तार से सुना। ग्रामीणों ने बिजली, सड़क, राशन, पेयजल, पेंशन और आवास से जुड़ी परेशानियों को सामने रखा। कई ग्रामीणों ने बताया कि बारिश के दिनों में गांव का संपर्क पूरी तरह कट जाता है, जिससे दैनिक जीवन काफी प्रभावित होता है।
ग्रामीणों की समस्याओं को लेकर अधिकारियों को दिए निर्देश
दौरे के दौरान विधायक के साथ प्रखंड, अंचल, विद्युत विभाग, वन विभाग, पेयजल एवं स्वच्छता विभाग और टाटा स्टील फाउंडेशन के अधिकारी भी मौजूद रहे। विधायक ने मौके पर ही विभिन्न विभागों के अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इन गांवों की समस्याओं का समाधान प्राथमिकता के आधार पर किया जाना चाहिए। अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि गांवों के विकास के लिए जल्द ब्लूप्रिंट तैयार कर कार्य शुरू किया जाए। विधायक ने यह भी कहा कि जिन योजनाओं का लाभ अब तक इन गांवों तक नहीं पहुंचा है, उन्हें जल्द लागू किया जाए ताकि ग्रामीणों को राहत मिल सके।
चार गांवों में बिजली योजना का हुआ शिलान्यास
दौरे का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा चार गांवों में विद्युतीकरण योजना का शिलान्यास रहा। विधायक संजीव सरदार ने मुख्यमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत मिठाईझरना, चुकागोड़ा, बाँसबनी और जामकुटा गांव में बिजली पहुंचाने की योजना की आधारशिला रखी। ग्रामीणों के लिए यह ऐतिहासिक क्षण था, क्योंकि इन गांवों में पहली बार नियमित बिजली पहुंचने की उम्मीद जगी है। वर्तमान में कुछ घरों में टाटा स्टील द्वारा लगाए गए सोलर पैनलों के माध्यम से सीमित बिजली उपलब्ध है, जिससे लोग केवल रोशनी और पंखे का उपयोग कर पा रहे हैं। अब सरकारी योजना के तहत स्थायी बिजली व्यवस्था विकसित की जाएगी। जादूगोड़ा विद्युत विभाग के एसडीओ मो. सैफुद्दीन ने बताया कि विभाग द्वारा जल्द ही विद्युतीकरण कार्य शुरू कर दिया जाएगा और निर्धारित समय के भीतर इसे पूरा करने का प्रयास किया जाएगा।
वर्षों बाद विकास की जगी नई उम्मीद
ग्रामीणों ने कहा कि दशकों से वे विकास की मुख्यधारा से कटे हुए हैं। कई परिवारों के पास अब तक पक्का आवास नहीं है और स्वास्थ्य सुविधाएं भी काफी दूर उपलब्ध हैं। ऐसे में विधायक और प्रशासनिक टीम का गांव पहुंचना लोगों के लिए उम्मीद की नई किरण बनकर आया। ग्रामीणों ने बताया कि कई बार समस्याओं को लेकर आवाज उठाई गई, लेकिन पहाड़ी क्षेत्र होने के कारण योजनाओं का लाभ समय पर नहीं मिल पाया। अब पहली बार ग्रामीणों को लग रहा है कि उनकी समस्याओं का समाधान संभव हो सकेगा। महिलाओं ने पेयजल और राशन की समस्या उठाई, जबकि बुजुर्गों ने पेंशन और स्वास्थ्य सेवाओं की कमी की बात कही। विधायक ने आश्वासन दिया कि सभी समस्याओं का चरणबद्ध तरीके से समाधान किया जाएगा।
माओवाद प्रभावित क्षेत्र होने से प्रभावित रहा विकास
विधायक संजीव सरदार ने कहा कि पोटका और डुमरिया प्रखंड की सीमा पर स्थित ये गांव लंबे समय तक माओवाद प्रभावित क्षेत्र रहे हैं। सुरक्षा कारणों और दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों के चलते विकास कार्य वर्षों तक प्रभावित रहे।
उन्होंने कहा कि अब स्थिति बदल रही है और सरकार का लक्ष्य है कि इन गांवों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ा जाए। सड़क, बिजली, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी मूलभूत सुविधाओं को प्राथमिकता के आधार पर उपलब्ध कराया जाएगा। विधायक ने कहा कि किसी भी क्षेत्र का विकास तभी संभव है जब वहां रहने वाले अंतिम व्यक्ति तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचे। इसी सोच के तहत सरकार सुदूर ग्रामीण इलाकों में लगातार काम कर रही है।
अबुआ सरकार की योजनाओं का मिलेगा लाभ
विधायक ने कहा कि राज्य सरकार की मंशा है कि हर जरूरतमंद व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचे। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि गांवों में सर्वे कर पात्र लोगों को आवास योजना, पेंशन योजना और राशन कार्ड से जोड़ा जाए। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में गांवों में पेयजल सुविधा, सड़क निर्माण, शिक्षा व्यवस्था और स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए भी कार्य किया जाएगा। साथ ही युवाओं के लिए रोजगार से जुड़े कार्यक्रम भी चलाए जाएंगे ताकि गांवों से पलायन कम हो सके। ग्रामीणों को संबोधित करते हुए विधायक ने कहा कि सरकार आदिम जनजाति समुदाय के विकास के लिए गंभीरता से कार्य कर रही है और किसी भी गांव को विकास से वंचित नहीं रहने दिया जाएगा।
पांच विभागों के अधिकारी रहे मौजूद
इस दौरे में कई विभागों के अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे। विद्युत विभाग के एसडीओ मो. सैफुद्दीन, अंचल कार्यालय से सीआई हेमंत कुमार, राजस्व कर्मचारी प्रमोद कुमार, टाटा स्टील फाउंडेशन के शिवशंकर कण्डेयांग एवं रितेश टुडू, पंचायत सचिव ललन ठाकुर, वन विभाग के स्वराज बांसुरी, कोवाली थाना प्रभारी मुकेश कुमार साव तथा पेयजल विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे। अधिकारियों ने ग्रामीणों से सीधे संवाद कर समस्याओं की जानकारी ली और समाधान का भरोसा दिलाया। प्रशासनिक टीम की इस पहल को ग्रामीणों ने सकारात्मक कदम बताते हुए उम्मीद जताई कि आने वाले समय में गांवों की तस्वीर बदलेगी।
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