Jharkhand news: जमशेदपुर प्रखंड अंतर्गत बेको ग्राम पंचायत की मुखिया चंपा माझी बेसरा ने अपने उत्कृष्ट कार्यों के बल पर पूरे पूर्वी सिंहभूम जिले का मान राज्य स्तर पर बढ़ाया है। उनकी मेहनत, समर्पण और जनसेवा के प्रति प्रतिबद्धता का ही परिणाम है कि आज उनका नाम पूरे झारखंड में सम्मान के साथ लिया जा रहा है। यह उपलब्धि न सिर्फ उनके लिए बल्कि पूरे क्षेत्र के लिए गर्व का विषय बन गई है।
पंचायत राज दिवस पर मिला बड़ा सम्मान
पंचायत राज दिवस के अवसर पर रांची के खेल गांव में आयोजित एक भव्य समारोह में उन्हें सम्मानित किया गया। इस कार्यक्रम में राज्य के कई जनप्रतिनिधि और अधिकारी मौजूद थे। मंच पर जब चंपा माझी बेसरा का नाम पुकारा गया, तो पूरे हॉल में तालियों की गूंज सुनाई दी। यह पल उनके जीवन का एक यादगार और ऐतिहासिक क्षण बन गया।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने किया सम्मानित
इस समारोह में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने स्वयं चंपा माझी बेसरा को प्रशस्ति पत्र और 10 लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि प्रदान की। मुख्यमंत्री ने उनके कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह के जनप्रतिनिधि ही राज्य के विकास की असली ताकत हैं। उन्होंने यह भी कहा कि चंपा माझी जैसी मुखिया अन्य लोगों के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं।
इन कार्यों के लिए मिला पुरस्कार
- चंपा माझी बेसरा को यह सम्मान पंचायत क्षेत्र में किए गए उनके उत्कृष्ट कार्यों के लिए दिया गया है। उन्होंने अपने पंचायत में कई नवाचार किए, जिससे लोगों की जिंदगी में सकारात्मक बदलाव आया।
- स्वच्छता अभियान को मजबूती से लागू किया
- सरकारी योजनाओं का पारदर्शी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया
- गरीब और जरूरतमंद लोगों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाया
- पंचायत स्तर पर विकास कार्यों को तेज गति दी
- उनके इन प्रयासों ने पंचायत को एक आदर्श मॉडल के रूप में स्थापित किया है।
मुखिया संघ ने चंपा माझी बेसरा को दी बधाई
इस उपलब्धि पर जिला मुखिया संघ के अध्यक्ष कान्हू मुर्मू और जमशेदपुर प्रखंड मुखिया संघ के अध्यक्ष राकेश चंद्र मुर्मू के नेतृत्व में सभी पदाधिकारियों ने चंपा माझी बेसरा को बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह सम्मान पूरे जिले के लिए गर्व की बात है। संघ के सदस्यों ने उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए कहा कि उनका यह सफर आगे भी इसी तरह प्रेरणादायक बना रहे।
पूरे क्षेत्र में खुशी का माहौल
चंपा माझी बेसरा की इस उपलब्धि से बेको पंचायत समेत पूरे इलाके में खुशी की लहर दौड़ गई है। ग्रामीणों ने इसे अपने गांव की बड़ी जीत बताया है। लोगों का कहना है कि उनकी मुखिया ने जो काम किया है, वह वास्तव में सराहनीय है। यह सम्मान यह साबित करता है कि अगर नीयत साफ हो और काम के प्रति ईमानदारी हो, तो कोई भी व्यक्ति बड़े से बड़ा मुकाम हासिल कर सकता है।
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