Jamshedpur News:पूर्वी सिंहभूम जिले के गुड़ाबांदा प्रखंड अंतर्गत बनमाकड़ी में संचालित कल्याण अस्पताल का उपायुक्त श्री कर्ण सत्यार्थी ने गुरुवार को औचक निरीक्षण किया। यह निरीक्षण स्वस्थ झारखंड सुखी झारखंड योजना के तहत किया गया, जिसका उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करना है। निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने अस्पताल में उपलब्ध सुविधाओं, व्यवस्थाओं और चिकित्सा सेवाओं की स्थिति का बारीकी से मूल्यांकन किया।
उन्होंने अस्पताल प्रबंधन को स्पष्ट निर्देश दिया कि मरीजों को बेहतर सुविधाएं देने के लिए सभी आवश्यक संसाधनों का समुचित उपयोग सुनिश्चित किया जाए। निरीक्षण के दौरान अस्पताल की कार्यप्रणाली में सुधार की आवश्यकता भी महसूस की गई।

50 बेड क्षमता के बावजूद कम मरीजों पर जताई चिंता

उपायुक्त ने अस्पताल की 50 बेड की क्षमता के मुकाबले कम मरीजों की संख्या पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि इतनी बड़ी सुविधा होने के बावजूद यदि मरीजों की संख्या कम है, तो यह सेवा की गुणवत्ता और जागरूकता दोनों पर प्रश्न उठाता है। इस दौरान उन्होंने ओपीडी (OPD) सेवाओं को मजबूत करने, मरीजों की संख्या बढ़ाने और ग्रामीणों को अस्पताल से जोड़ने के लिए प्रभावी कदम उठाने का निर्देश दिया। साथ ही विशेषज्ञ डॉक्टरों की उपलब्धता और नियमित सेवाओं को सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया।

चिकित्सीय सुविधाओं और साफ-सफाई पर विशेष जोर
 
निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने अस्पताल में दवा और जांच की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने साफ-सफाई, नियमित सेनेटाइजेशन और सभी वार्डों में स्वच्छ पेयजल (टैप वाटर) उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया। इसके अलावा अस्पताल में रिकॉर्ड संधारण, दस्तावेजों की व्यवस्थित देखरेख और साइनबोर्ड के माध्यम से उपलब्ध सेवाओं की जानकारी प्रदर्शित करने के निर्देश भी दिए गए। उन्होंने कहा कि मरीजों को अस्पताल की सुविधाओं की स्पष्ट जानकारी मिलनी चाहिए।

डॉक्टर और नर्स के लिए आवासीय सुविधा सुधारने के निर्देश

उपायुक्त ने निरीक्षण के दौरान चिकित्सकों और नर्सों के लिए बनाए जा रहे आवासीय क्वार्टरों की स्थिति का भी जायजा लिया। उन्होंने अधूरे और निर्माणाधीन क्वार्टरों को जल्द पूरा करने का निर्देश दिया। उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि पंचायत के लिए ममता वाहन की समस्या का समाधान जल्द किया जाएगा, ताकि मरीजों को अस्पताल तक लाने और ले जाने में सुविधा मिल सके। यह कदम ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक सुलभ बनाने में सहायक होगा।

ग्रामीणों से संवाद कर जानी जमीनी समस्याएं
 
निरीक्षण के बाद उपायुक्त ने बनमाकड़ी गांव के चौपाल में ग्रामीणों के साथ संवाद किया। इस दौरान उन्होंने ग्रामीणों से सीधे बातचीत कर उनकी समस्याओं और सरकारी योजनाओं की पहुंच के बारे में जानकारी ली।
ग्रामीणों ने पेयजल की समस्या को प्रमुख मुद्दा बताया। उन्होंने बताया कि गांव में केवल एक चापाकल है, जो गर्मियों में सूख जाता है। इसके अलावा लगभग 200 मीटर कच्ची सड़क को पक्का करने की मांग भी रखी गई।

हाथियों के आतंक और विकास कार्यों पर प्रशासन गंभीर

ग्रामीणों ने क्षेत्र में हाथियों के बढ़ते आतंक से भी अवगत कराया और इसके स्थायी समाधान की मांग की। इस पर उपायुक्त ने संबंधित विभागों को निर्देशित करते हुए समस्या के समाधान का भरोसा दिलाया। साथ ही उन्होंने पंचायत सचिव और प्रखंड विकास पदाधिकारी को निर्देश दिया कि वे ग्रामीणों की समस्याओं को सूचीबद्ध करें और विभिन्न विभागों के साथ समन्वय कर उनका समाधान सुनिश्चित करें। उन्होंने मंईया सम्मान, अबुआ आवास, पेंशन, राशन, पेयजल और सड़क जैसी योजनाओं के लाभ हर जरूरतमंद तक पहुंचाने पर जोर दिया।