जमशेदपुर: भारत की अग्रणी एकीकृत बिजली कंपनी, टाटा पावर, अपनी स्किलिंग शाखा 'टाटा पावर स्किल डेवलपमेंट इंस्टीट्यूट' (TPSDI) के माध्यम से देश के युवाओं को भविष्य की ऊर्जा चुनौतियों के लिए तैयार करने के अभियान में जुट गई है। इसी कड़ी में उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में ICICI फाउंडेशन के साथ साझेदारी में एक अत्याधुनिक ट्रेनिंग सेंटर का भव्य उद्घाटन किया गया। यह केंद्र न केवल उत्तर प्रदेश बल्कि झारखंड और ओडिशा जैसे राज्यों के युवाओं के लिए भी प्रगति के नए द्वार खोलेगा। टाटा पावर का लक्ष्य एक ऐसी वर्कफोर्स तैयार करना है जो रिन्यूएबल एनर्जी (नवीकरणीय ऊर्जा) और आधुनिक पावर सिस्टम में कुशल हो। इस पहल की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसमें जनजातीय युवाओं और महिलाओं के सशक्तिकरण पर विशेष जोर दिया गया है, ताकि समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास की मुख्यधारा पहुँच सके।
प्रयागराज सेंटर का उद्घाटन: स्थानीय युवाओं और महिलाओं के लिए सुनहरे अवसर
प्रयागराज में स्थापित इस नए ट्रेनिंग सेंटर का संयुक्त उद्घाटन प्रयागराज की कमिश्नर सुश्री सौम्या अग्रवाल (IAS) और टाटा पावर के सीएचआरओ (CHRO) श्री हिमाल तिवारी ने किया। इस गरिमामयी अवसर पर पीपीजीसीएल (PPGCL) के सीईओ श्री अशोक पांडा और टीपीएसडीआई (TPSDI) के प्रमुख श्री आलोक प्रसाद भी उपस्थित रहे। यह सेंटर विशेष रूप से पावर सेक्टर, रिन्यूएबल एनर्जी और उससे जुड़े तकनीकी क्षेत्रों में उद्योग-आधारित व्यावहारिक प्रशिक्षण (Practical Training) प्रदान करेगा। सुश्री सौम्या अग्रवाल ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे केंद्रों से न केवल बेरोजगारी कम होगी, बल्कि स्थानीय स्तर पर एक कुशल टैलेंट पूल तैयार होगा जो क्षेत्र के ऊर्जा बुनियादी ढांचे को मजबूती प्रदान करेगा।
केंद्रीय मंत्री जुएल ओराम ने किया जनजातीय प्रशिक्षण बैचों का वर्चुअल शुभारंभ
टाटा पावर ने सामाजिक समावेश की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए जनजातीय मामलों के मंत्रालय के साथ हाथ मिलाया है। इस सहयोग के तहत प्रयागराज, ओडिशा और झारखंड के जनजातीय युवाओं के लिए विशेष ट्रेनिंग बैच शुरू किए गए हैं। इन बैचों का वर्चुअल उद्घाटन माननीय केंद्रीय मंत्री श्री जुएल ओराम ने किया। मंत्री महोदय ने टाटा पावर के इस प्रयास को राष्ट्र निर्माण में एक महत्वपूर्ण योगदान बताया। यह कार्यक्रम प्रयागराज के साथ-साथ ओडिशा में टीपीएसडीआई के चार नए केंद्रों (बालासोर, ढेंकनाल, बेरहामपुर, संबलपुर) और झारखंड के कटक, मैथन और जोजोबेरा स्थित मौजूदा केंद्रों में एक साथ संचालित किए जाएंगे। इससे जनजातीय युवाओं को आधुनिक तकनीक सीखकर सम्मानजनक रोजगार पाने में मदद मिलेगी।
'PM सूर्य घर योजना' और ग्रीन स्किलिंग पर विशेष फोकस
देश में सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए केंद्र सरकार की 'PM सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना' एक महत्वाकांक्षी कदम है। टीपीएसडीआई का प्रयागराज केंद्र इस योजना के तहत भी विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करेगा। इसके अंतर्गत सोलर पीवी (Solar PV) इंस्टॉलेशन, रखरखाव, इलेक्ट्रिकल सुरक्षा और ऊर्जा दक्षता जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर गहन प्रशिक्षण दिया जाएगा। इन पाठ्यक्रमों के साथ मिलने वाले सर्टिफिकेशन का मुख्य उद्देश्य ईपीसी (EPC) कंपनियों, चैनल पार्टनर्स और सर्विस प्रोवाइडर्स के साथ युवाओं का त्वरित प्लेसमेंट सुनिश्चित करना है। ग्रीन एनर्जी के क्षेत्र में यह प्रशिक्षण युवाओं को भविष्य की नौकरियों के लिए सबसे फिट उम्मीदवार बनाएगा।
4.2 लाख से अधिक लोगों को प्रशिक्षित कर चुका है TPSDI: एक नजर आंकड़ों पर
अपनी स्थापना के बाद से ही टीपीएसडीआई ने ऊर्जा क्षेत्र में कौशल विकास के मामले में खुद को एक अग्रणी संस्थान के रूप में स्थापित किया है। संस्थान वर्तमान में ग्रीन एनर्जी, पावर ट्रांसमिशन, डिस्ट्रीब्यूशन और सॉफ्ट स्किल्स जैसे विषयों पर 200 से अधिक मॉड्यूलर कोर्स संचालित कर रहा है। अब तक इस संस्थान ने 4.2 लाख से अधिक लोगों को प्रशिक्षित किया है, जिससे 16 लाख से अधिक 'पर्सन-डे' की ट्रेनिंग पूरी हुई है। विशेष बात यह है कि इन प्रशिक्षण कार्यक्रमों में महिलाओं और समाज के वंचित वर्गों की भागीदारी बहुत प्रभावी रही है। संस्थान का लक्ष्य न केवल डिग्री देना है, बल्कि युवाओं को उद्योग की वास्तविक जरूरतों के अनुसार तकनीकी रूप से सक्षम बनाना है।
सतत भविष्य और राष्ट्र निर्माण के प्रति टाटा पावर की प्रतिबद्धता
प्रयागराज में इस केंद्र की स्थापना टाटा पावर की उस व्यापक सोच का हिस्सा है, जिसके तहत वह भारत को एक टिकाऊ और मजबूत ऊर्जा भविष्य की ओर ले जाना चाहती है। टाटा पावर के सीएचआरओ हिमाल तिवारी ने कहा कि कंपनी समुदायों को सशक्त बनाने और स्थायी रोजगार के अवसर पैदा करने के लिए निरंतर निवेश कर रही है। क्षेत्रीय ऊर्जा परियोजनाओं को सहयोग देने के लिए स्थानीय स्तर पर विशेषज्ञों की टीम तैयार करना इस पहल का मुख्य उद्देश्य है। इस विस्तार से न केवल स्वच्छ ऊर्जा के लक्ष्यों को प्राप्त करने में मदद मिलेगी, बल्कि भारत के 'स्किल इंडिया' मिशन को भी नई गति प्राप्त होगी।

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