जमशेदपुर: लौहनगरी के सटे बागबेड़ा क्षेत्र में पिछले कई हफ्तों से व्याप्त गंदगी और नारकीय स्थिति से आखिरकार स्थानीय निवासियों को राहत मिलने की उम्मीद जगी है। पूर्वी सिंहभूम के उपायुक्त के कड़े रुख और स्पष्ट दिशा-निर्देशों के बाद गुरुवार को बागबेड़ा के विभिन्न इलाकों में एक व्यापक स्वच्छता अभियान चलाया गया। इस अभियान की खास बात यह रही कि इसमें जुस्को (TSUISL) और जुगसलाई नगर पालिका ने आपसी समन्वय के साथ संयुक्त रूप से मोर्चा संभाला। सुबह 8 बजे से शुरू हुआ यह सफाई कार्य देर शाम 5 बजे तक निरंतर जारी रहा। वर्षों से उपेक्षित पड़े कई डंपिंग पॉइंट्स को पूरी तरह साफ किया गया, जिससे क्षेत्र की सूरत बदली हुई नजर आने लगी है। रामनवमी जैसे बड़े महापर्व से ठीक पहले प्रशासन की इस सक्रियता ने श्रद्धालुओं और स्थानीय पूजा समितियों के बीच एक सकारात्मक संदेश भेजा है।
उपायुक्त के औचक निरीक्षण का असर: 24 घंटे के भीतर शुरू हुआ एक्शन
इस पूरे सफाई अभियान की पटकथा 25 मार्च को लिखी गई थी, जब उपायुक्त स्वयं बागबेड़ा के निरीक्षण पर निकले थे। उस दौरान क्षेत्र की जर्जर सड़कों और नालियों के साथ-साथ जगह-जगह लगे कचरे के ढेरों ने प्रशासन की कार्यशैली पर सवालिया निशान खड़े किए थे। निरीक्षण के क्रम में पूर्व जिला परिषद सदस्य किशोर यादव ने उपायुक्त का ध्यान इस ओर आकृष्ट कराते हुए बताया था कि रामनवमी के दौरान हजारों की संख्या में श्रद्धालु इन मार्गों से गुजरते हैं, ऐसे में गंदगी न केवल बीमारी का कारण बनेगी बल्कि धार्मिक भावनाओं को भी ठेस पहुँचाएगी। किशोर यादव के पुरजोर आग्रह और वस्तुस्थिति की गंभीरता को समझते हुए उपायुक्त ने तत्काल जुस्को और संबंधित नगर निकाय को 24 घंटे के भीतर सफाई सुनिश्चित करने का टास्क दिया था, जिसका असर गुरुवार को जमीन पर साफ दिखाई दिया।
तकनीकी लाव-लश्कर के साथ जुटी टीमें: बाजार और थाना चौक हुआ चकाचक
गुरुवार सुबह जैसे ही सफाई की टीमें बागबेड़ा पहुँचीं, स्थानीय लोगों में हर्ष का माहौल देखा गया। अभियान को गति देने के लिए जुगसलाई नगर पालिका की ओर से एक अत्याधुनिक जेसीबी मशीन और जुस्को की ओर से दो बड़े हाईवा गाड़ियों को तैनात किया गया था। सबसे पहले बागबेड़ा बाजार और बागबेड़ा थाना चौक के समीप स्थित उस डंपिंग यार्ड को निशाना बनाया गया, जहाँ पिछले कई महीनों से कचरा सड़ रहा था। जेसीबी की मदद से टनों कचरा उठाकर हाईवा के जरिए शहर के बाहर डंपिंग साइट पर भेजा गया। बाजार क्षेत्र में दुकानदारों ने भी इस पहल का स्वागत किया, क्योंकि गंदगी और बदबू के कारण ग्राहकों का वहां ठहरना मुश्किल हो गया था। थाना चौक के पास की सफाई से यातायात व्यवस्था में भी सुधार महसूस किया गया।
रामनवमी महापर्व को लेकर विशेष तैयारी: श्रद्धालुओं की सुविधा सर्वोपरि
जमशेदपुर और आसपास के क्षेत्रों में रामनवमी का पर्व बेहद उत्साह के साथ मनाया जाता है। बागबेड़ा की सड़कें अखाड़ा जुलूस और विसर्जन यात्राओं का मुख्य केंद्र होती हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने उन मार्गों को प्राथमिकता दी है, जहाँ से अखाड़ा दल गुजरने वाले हैं। सुनील गुप्ता और धर्मेंद्र चौहान जैसे जनप्रतिनिधियों ने बताया कि पर्व के दौरान स्वच्छता बनाए रखना एक बड़ी चुनौती होती है, लेकिन समय रहते बड़े कचरे के ढेरों को हटा लेने से अब छोटी गलियों की सफाई आसान हो जाएगी। पूजा समितियों ने भी प्रशासन की इस पहल की सराहना की है और भरोसा दिलाया है कि वे भी विसर्जन के दौरान गंदगी न फैलाने का प्रयास करेंगे।
अधूरे कार्यों पर जनप्रतिनिधियों की चिंता: अभी भी कई बस्तियां 'वेटिंग लिस्ट' में
सफाई अभियान के सफल संचालन के बावजूद, स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने प्रशासन को आगाह किया है कि यह केवल शुरुआत है, अंत नहीं। पूर्व जिला पार्षद किशोर यादव ने मौके पर मौजूद अधिकारियों से कहा कि हालांकि मुख्य मार्गों और चौक-चौराहों से कचरा हटा लिया गया है, लेकिन बागबेड़ा की कई अंदरूनी बस्तियां और गलियां अभी भी सफाई के इंतजार में हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि गदड़ा, कीताडीह और बागबेड़ा के निचले इलाकों में नालियों की जाम स्थिति और बिखरे हुए कचरे को जब तक पूरी तरह साफ नहीं किया जाता, तब तक बीमारी का खतरा बना रहेगा। उन्होंने मांग की है कि रामनवमी के मुख्य दिन तक यह अभियान निरंतर जारी रहना चाहिए ताकि कोई भी कोना उपेक्षित न रहे।
जनभागीदारी और भविष्य की रणनीति: स्वच्छता को स्थायी बनाने की अपील
इस पूरे अभियान के दौरान पंचायत प्रतिनिधि और समाजसेवी कंधे से कंधा मिलाकर काम करते दिखे। मुखिया नीनू कुदादा, मायावती टुडू और प्राण राय ने सफाई कर्मियों का मनोबल बढ़ाया और ग्रामीणों से अपील की कि वे कूड़ा इधर-उधर न फेंककर निर्धारित स्थानों पर ही डालें। उपस्थित लोगों ने एक सुर में कहा कि केवल प्रशासन के भरोसे स्वच्छता संभव नहीं है, इसके लिए जनभागीदारी आवश्यक है। अभियान के अंत में यह तय किया गया कि भविष्य में भी जुस्को और नगर निकाय के बीच ऐसा ही समन्वय बना रहेगा ताकि बागबेड़ा को 'क्लीन और ग्रीन' बनाया जा सके। इस मौके पर भारी संख्या में स्थानीय लोग उपस्थित थे जिन्होंने इस त्वरित कार्रवाई के लिए जिला प्रशासन का आभार व्यक्त किया।
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