जमशेदपुर में NH पर अतिक्रमण और अवैध पार्किंग पर सख्ती: पारडीह से बालिगुमा तक चलेगा विशेष अभियान

JAMSHEDPUR NEWS: साकची स्थित डीसी ऑफिस में उपायुक्त राजीव रंजन की अध्यक्षता में डिस्ट्रिक्ट हाईवे टास्क फोर्स की उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई। इस समीक्षा बैठक में राष्ट्रीय राजमार्ग पर सड़क सुरक्षा, यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाने, अवैध पार्किंग और अतिक्रमण के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने तथा सड़क दुर्घटनाओं की स्थिति में त्वरित चिकित्सीय सहायता उपलब्ध कराने जैसे अहम मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई। बैठक में वरीय पुलिस अधीक्षक डॉ. ऐहतेशाम वकारिब, उप विकास आयुक्त नागेन्द्र पासवान, एसडीएम धालभूम अर्नव मिश्रा, एडीएम लॉ एंड ऑर्डर मुकेश मछुआ, डीटीओ महेश्वरी प्र. यादव सहित एनएचएआई और पथ निर्माण विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

पारडीह से बालिगुमा तक चलेगा अतिक्रमण हटाओ अभियान
बैठक के दौरान एनएचएआई के प्रतिनिधि ने अवगत कराया कि पूर्व में दिए गए निर्देशों के तहत धालभूमगढ़, घाटशिला और कोकपाड़ा क्षेत्रों में राष्ट्रीय राजमार्ग के किनारे से 71 अतिक्रमित स्थलों को पूरी तरह मुक्त कराया जा चुका है। इस सफलता के बाद उपायुक्त ने एसडीएम धालभूम को पारडीह, डिमना चौक, डांगा और बालिगुमा क्षेत्रों में भी विशेष अभियान चलाकर अतिक्रमण हटाने का स्पष्ट निर्देश दिया है। इसके लिए एनएचएआई को हाईवे की सरकारी भूमि का सीमांकन स्पष्ट रूप से करने को कहा गया है ताकि लोगों को हाईवे की सीमा की जानकारी रहे। मुख्य अभियान शुरू करने से पहले संबंधित क्षेत्रों में माइकिंग के माध्यम से लोगों को जागरूक किया जाएगा और स्वयं अतिक्रमण हटाने का एक अवसर दिया जाएगा। यदि प्रशासन को स्वयं कार्रवाई करनी पड़ी तो उसका पूरा खर्च संबंधित अतिक्रमणकारी से वसूला जाएगा और दोबारा अतिक्रमण रोकने के लिए नियमित गश्ती सुनिश्चित की जाएगी।

अवैध पार्किंग पर कड़ी कार्रवाई और धूल नियंत्रण के निर्देश
राष्ट्रीय राजमार्ग पर बेतरतीब और अवैध रूप से खड़े रहने वाले वाहनों के कारण अक्सर दुर्घटनाएं होती हैं, जिससे निपटने के लिए प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। उपायुक्त ने अवैध पार्किंग के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान को और प्रभावी बनाने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही अवैध पार्किंग पर की जा रही कार्रवाई और वाहन स्वामियों पर लगाए जा रहे जुर्माने से संबंधित जानकारी का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाएगा ताकि अन्य चालक भी इससे सबक लें और हाईवे पर गाड़ियां खड़ी न करें। वहीं दूसरी ओर, हाईवे निर्माण और यातायात से उड़ने वाली धूल की गंभीर समस्या को देखते हुए उपायुक्त ने एनएचएआई को दिन में कम से कम तीन बार पानी का छिड़काव कराने का सख्त निर्देश जारी किया है।

स्पीड गन कैमरे, साइनेज और नियमित गश्ती से थमेगी रफ्तार
सड़क सुरक्षा को सर्वोपरि रखते हुए बैठक में तेज रफ्तार और ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन पर लगाम लगाने के लिए ठोस योजना बनाई गई। उपायुक्त ने राष्ट्रीय राजमार्ग पर पूर्व में चिह्नित किए गए सात संवेदनशील स्थानों पर स्पीड गन कैमरे लगाने की प्रक्रिया को जल्द से जल्द पूरा करने के निर्देश दिए हैं। इसके अलावा वाहन चालकों को नियमों से अवगत कराने और दुर्घटनाओं की संभावना को कम करने के लिए हाईवे पर निर्धारित गति सीमा और नो-पार्किंग से संबंधित स्पष्ट तथा पर्याप्त साइनेज बोर्ड लगाए जाएंगे। साथ ही ट्रैफिक पुलिस को नो-पार्किंग जोन और संवेदनशील मोड़ों पर नियमित गश्ती बढ़ाकर यातायात व्यवस्था को बाधारहित बनाए रखने के लिए निर्देशित किया गया है।

यात्रियों के लिए वे-साइड एमेनिटीज का होगा विस्तार
राष्ट्रीय राजमार्ग पर लंबी दूरी तय करने वाले यात्रियों और चालकों की यात्रा को सुविधाजनक बनाने के लिए आधुनिक सुविधाओं का विकास किया जा रहा है। एनएचएआई के प्रतिनिधियों ने बैठक में जानकारी दी कि मौजा चोईरा में कोकपाड़ा के समीप वे-साइड एमेनिटीज का निर्माण कार्य पूरा कर लिया गया है, जिसका उपयोग यात्री कर सकते हैं। इसके अतिरिक्त भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए तीन अन्य प्रमुख स्थलों पर भी वे-साइड एमेनिटीज विकसित करने का प्रस्ताव तैयार किया गया है। उपायुक्त ने सड़क यात्रियों के हित में इन सुविधाओं के प्रभावी उपयोग तथा नए प्रस्तावित कार्यों को निर्धारित विभागीय प्रक्रिया के तहत तेजी से आगे बढ़ाने का निर्देश अधिकारियों को दिया है।

सड़क दुर्घटनाओं में त्वरित रिस्पॉन्स और एंबुलेंस तैनाती
किसी भी अप्रिय सड़क दुर्घटना की स्थिति में घायलों की जान बचाना जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उपायुक्त ने सख्त निर्देश दिया कि दुर्घटना की सूचना मिलते ही एनएचएआई की रिस्पॉन्स टीम और एंबुलेंस बिना किसी देरी के तत्काल घटनास्थल पर पहुंचे, ताकि घायलों को समय पर डॉक्टरी इलाज मिल सके। एनएचएआई के प्रतिनिधियों ने इस पर बताया कि राष्ट्रीय राजमार्गों पर सुरक्षा मानकों के तहत औसतन हर 32 किलोमीटर की दूरी पर एंबुलेंस की तैनाती रहती है। उपायुक्त ने सभी संबंधित विभागों और एजेंसियों को आपस में बेहतर समन्वय बनाकर हाईवे पर 24 घंटे निगरानी रखने, अतिक्रमण रोकने और आपात स्थिति में त्वरित रिस्पॉन्स सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है।