संताली टैलेंट सर्च प्रतियोगिता में विजेताओं व ओलचिकी शिक्षकों को सम्मानित किया गया

Jamshedpur News: सत्य नारायण सोशियो इकोनॉमिक एंड रिसर्च सेंटर द्वारा संचालित एसएनएम ट्रॉफी संताली टैलेंट सर्च प्रतियोगिता का पुरस्कार वितरण सह सम्मान समारोह राजनगर के बाघरायसाई स्थित आदिवासी कला संस्कृति भवन में आयोजित किया गया. कार्यक्रम की शुरुआत ओलचिकी लिपि के जनक गुरु गोमके पंडित रघुनाथ मुर्मू की तस्वीर पर पूजा-पाठ व माल्यार्पण कर की गई. समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में सांसद जोबा माझी उपस्थित थीं, जबकि विशिष्ट अतिथि के रूप में समाजसेवी कालिपद सोरेन, अखिल भारतीय संताली लेखक संघ के उपाध्यक्ष मानिक हांसदा और झारखंड शाखा सचिव सुधीर चंद्र मुर्मू शामिल हुए.समारोह में मानिक हांसदा, कालिपद सोरेन, डॉ. फुदान चंद्र सोरेन, हाराधन मांडी व चुनु सोरेन ने भी अपने विचार रखे. मंच संचालन सुधीर चंद्र मुर्मू ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन डॉ. सत्यनारायण मुर्मू ने प्रस्तुत किया. कार्यक्रम को सफल बनाने में राजकुमार मार्डी, सत्य रंजन सोरेन, मांझी बाबा सुनील कुमार मुर्मू व स्थानीय युवाओं का विशेष योगदान रहा.

विजेताओं को मिलीं स्मार्ट साइकिल, टेबल व बैग

प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को अतिथियों द्वारा पुरस्कार व प्रमाण-पत्र देकर सम्मानित किया गया. प्रथम, द्वितीय व तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले क्रमश: विनोद हांसदा, जितेन हांसदा और लखन हेम्ब्रम को स्मार्ट साइकिल प्रदान की गई. चौथे से 10वें स्थान तक रहे लाल मोहन मुर्मू, सुखलाल हेम्ब्रम, दिलू हांसदा, विक्रम टुडू, मोती टुडू, सिदो मांडी व नरेन्द्र माझी को स्टडी टेबल, 11वें से 15वें स्थान के प्रतिभागियों को स्मार्ट बैग तथा 16वें से 20वें स्थान तक के विजेताओं को लंच बॉक्स देकर सम्मानित किया गया.

समाज निर्माण में जुटे ओलचिकी शिक्षक हुए सम्मानित

संताली भाषा-लिपि के प्रचार-प्रसार और समाज को जागरूक करने में अहम भूमिका निभाने वाले ओलचिकी शिक्षकों व समाजसेवियों को प्रशस्ति-पत्र देकर सम्मानित किया गया. सम्मानित होने वालों में सत्य रंजन सोरेन, राजकुमार मार्डी, सुराई सोरेन, मेल्हो सोरेन, साइबा हेम्ब्रम, लखन मार्डी, अंता टुडू, सुशीला मार्डी, चुनु सोरेन व बिजू बास्के प्रमुख थे. वहीं संस्था के फाउंडर डॉ. सत्यनारायण मुर्मू को सांसद जोबा माझी ने गुरु गोमके की तस्वीर भेंट कर सम्मानित किया.

संताली पहचान के लिए ओलचिकी का प्रचार जरूरी: जोबा माझी

सांसद जोबा माझी ने कहा कि ओलचिकी लिपि के 100 वर्ष पूरे होने के अवसर पर एसएनएम ट्रॉफी का आयोजन कर डॉ. सत्यनारायण मुर्मू सराहनीय कार्य कर रहे हैं. पंडित रघुनाथ मुर्मू ने संताल समाज के अस्तित्व व पहचान की रक्षा के लिए ओलचिकी का आविष्कार किया था. उनके बताए मार्ग पर चलकर ही समाज दुनिया में अपनी विशिष्ट पहचान बना सकता है. उन्होंने गांव-गांव में 'रात्रि आखड़ा' संचालित करने का आह्वान किया.