टाटा स्टील जूलॉजिकल पार्क में अनोखे अंदाज में मनाया गया फ्रेंडशिप डे, विद्यार्थियों ने पेड़ों और वन्यजीवों से निभाई दोस्ती

जमशेदपुर में प्रकृति संरक्षण का दिया गया अनोखा संदेश

TATA ZOOLOGICAL PARK: जमशेदपुर के टाटा स्टील जूलॉजिकल पार्क में रविवार को फ्रेंडशिप डे का आयोजन एक अलग और प्रेरणादायक अंदाज में किया गया। इस अवसर पर मित्रता का संदेश केवल लोगों के बीच ही नहीं, बल्कि प्रकृति और वन्यजीवों के साथ भी साझा किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य लोगों को यह समझाना था कि पर्यावरण, पेड़-पौधे और वन्यजीव हमारे जीवन का अभिन्न हिस्सा हैं और उनके संरक्षण की जिम्मेदारी भी हमारी ही है। इस अनूठी पहल में जमशेदपुर वीमेंस यूनिवर्सिटी के विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। पूरे आयोजन में प्रकृति के प्रति संवेदनशीलता, जैव विविधता संरक्षण और वन्यजीवों के साथ सह-अस्तित्व की भावना को प्रमुखता दी गई।


पेड़ों और पशु बाड़ों पर बांधे फ्रेंडशिप बैंड, संरक्षण का लिया संकल्प

फ्रेंडशिप डे के इस विशेष आयोजन में विद्यार्थियों ने चयनित पेड़ों और पशु बाड़ों पर प्रतीकात्मक रूप से फ्रेंडशिप बैंड बांधे। इस गतिविधि का उद्देश्य यह संदेश देना था कि पेड़-पौधे और वन्यजीव केवल पर्यावरण का हिस्सा नहीं हैं, बल्कि वे हमारे सच्चे साथी हैं। यदि प्रकृति सुरक्षित रहेगी तो मानव जीवन भी सुरक्षित रहेगा। विद्यार्थियों ने पर्यावरण संरक्षण और वन्यजीवों की सुरक्षा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त करते हुए भविष्य में भी जागरूकता फैलाने का संकल्प लिया। इस पहल ने उपस्थित लोगों को यह सोचने के लिए प्रेरित किया कि मित्रता केवल इंसानों तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि धरती पर मौजूद हर जीव और प्राकृतिक संसाधन के प्रति भी समान सम्मान और संवेदनशीलता होनी चाहिए।

जैव विविधता और सह-अस्तित्व पर हुआ संवाद

कार्यक्रम का आयोजन चिड़ियाघर के ‘वर्ल्ड ऑफ पैरट्स’ परिसर के निकट किया गया, जहां प्रतिभागियों ने जू एजुकेटर्स के साथ संवाद किया। इस दौरान विद्यार्थियों को जैव विविधता संरक्षण, वन्यजीवों के प्राकृतिक व्यवहार और मानव तथा वन्यजीवों के बीच संतुलित सह-अस्तित्व के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। विशेषज्ञों ने बताया कि लगातार बढ़ते शहरीकरण और पर्यावरणीय चुनौतियों के कारण वन्यजीवों का प्राकृतिक आवास प्रभावित हो रहा है। ऐसे में समाज के प्रत्येक व्यक्ति की जिम्मेदारी है कि वह पर्यावरण संरक्षण में अपनी भूमिका निभाए। विद्यार्थियों ने भी इस संवाद के दौरान कई प्रश्न पूछे और वन्यजीव संरक्षण से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं को समझा।

डॉ. सीमा रानी और IFS अधिकारी रजनीश कुमार ने बढ़ाया उत्साह

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए शिक्षा पदाधिकारी डॉ. सीमा रानी ने कहा कि सच्ची मित्रता केवल मनुष्यों के बीच सीमित नहीं होती, बल्कि सभी जीव-जंतुओं और प्रकृति के प्रति हमारी जिम्मेदारी भी इसका महत्वपूर्ण हिस्सा है। उन्होंने कहा कि यदि हम वनों, वन्यजीवों और जैव विविधता की रक्षा करेंगे, तभी आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित और संतुलित पर्यावरण उपलब्ध करा सकेंगे। इस अवसर पर भारतीय वन सेवा (IFS) के अधिकारी रजनीश कुमार भी अपने परिवार के साथ टाटा स्टील जूलॉजिकल पार्क पहुंचे। उन्होंने विद्यार्थियों के साथ कार्यक्रम में भाग लिया और इस अनूठी पहल की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के आयोजन समाज में पर्यावरण संरक्षण के प्रति सकारात्मक सोच विकसित करते हैं। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे प्रकृति के संरक्षण को अपनी जीवनशैली का हिस्सा बनाएं।

जन-जागरूकता बढ़ाने की दिशा में प्रेरणादायक पहल

कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागी विद्यार्थियों के बीच फ्रेंडशिप बैंड और नाश्ते का वितरण किया गया। पूरे आयोजन का वातावरण उत्साह, ऊर्जा और सकारात्मक संदेशों से भरपूर रहा। इस आयोजन ने यह साबित किया कि पर्यावरण संरक्षण के लिए बड़े अभियानों के साथ-साथ छोटे-छोटे प्रतीकात्मक प्रयास भी लोगों में जागरूकता पैदा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। टाटा स्टील जूलॉजिकल पार्क द्वारा आयोजित यह फ्रेंडशिप डे कार्यक्रम केवल एक उत्सव नहीं था, बल्कि प्रकृति, वन्यजीव और मानव के बीच मजबूत रिश्ते को स्थापित करने का एक सार्थक प्रयास भी था। इस पहल के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि यदि प्रत्येक व्यक्ति प्रकृति को अपना मित्र मानकर उसके संरक्षण का संकल्प ले, तो पर्यावरण संतुलन बनाए रखने और जैव विविधता को सुरक्षित रखने की दिशा में बड़े बदलाव संभव हैं। ऐसे आयोजन विशेष रूप से युवाओं को प्रकृति से जोड़ने और उन्हें पर्यावरण संरक्षण की जिम्मेदारी का एहसास कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।