9 अगस्त को निकलेगी विशाल बाइक रैली, पेसा कानून समेत कई मांगें उठाएगा आदिवासी एकता मंच

Jamshedpur News: विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर 9 अगस्त को जमशेदपुर में आदिवासी एकता मंच की ओर से विशाल मोटरसाइकिल रैली का आयोजन किया जाएगा। इस संबंध में बुधवार को बालीगुमा स्थित मिनी पंजाब में आयोजित प्रेस वार्ता में मंच के अध्यक्ष दीनबंधु सिंह ने कार्यक्रम की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने आदिवासी समाज के लोगों से बड़ी संख्या में पारंपरिक वेशभूषा और पारंपरिक औजारों के साथ रैली में शामिल होने की अपील करते हुए कहा कि यह आयोजन केवल उत्सव नहीं, बल्कि आदिवासी समाज की एकता, संस्कृति और अधिकारों की आवाज को मजबूत करने का माध्यम बनेगा। उन्होंने कहा कि हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी विश्व आदिवासी दिवस पर समाज के विभिन्न मुद्दों को लोकतांत्रिक तरीके से सरकार और प्रशासन के समक्ष रखा जाएगा, ताकि आदिवासी समाज की समस्याओं का समाधान हो सके।

चांदनी चौक से आशियाना तक निकलेगी बाइक रैली
आदिवासी एकता मंच के अनुसार, 9 अगस्त को सुबह 9 बजे नेशनल हाईवे स्थित चांदनी चौक से बाइक रैली शुरू होगी। रैली बाबा तिलका माझी चौक, डिमना, बिरसा मुंडा चौक और साकची होते हुए पुनः बालीगुमा स्थित आशियाना पहुंचकर समाप्त होगी। मंच ने सभी प्रतिभागियों से अनुशासन बनाए रखने और पारंपरिक पहचान के साथ रैली में शामिल होने की अपील की है। आयोजकों का कहना है कि बड़ी संख्या में युवा, महिलाएं और सामाजिक संगठन इस रैली में भाग लेंगे। रैली के माध्यम से आदिवासी संस्कृति, परंपरा और सामाजिक एकता का संदेश पूरे शहर में पहुंचाया जाएगा।

जल-जंगल-जमीन और संवैधानिक अधिकार होंगे मुख्य मुद्दे
प्रेस वार्ता में दीनबंधु सिंह ने कहा कि आदिवासी समाज के अस्तित्व, पहचान और अधिकारों से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया जाएगा। उन्होंने कहा कि जल, जंगल और जमीन आदिवासी जीवन का आधार हैं, इसलिए इनकी सुरक्षा के लिए सरकार को प्रभावी कदम उठाने चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि पेसा कानून और सीएनटी कानून का पूरी तरह पालन सुनिश्चित किया जाना चाहिए ताकि आदिवासी क्षेत्रों में भूमि और संसाधनों की सुरक्षा हो सके। मंच का मानना है कि संवैधानिक प्रावधानों का सही तरीके से पालन होने पर आदिवासी समाज को उनके अधिकार मिल सकेंगे और विकास की प्रक्रिया में उनकी भागीदारी भी सुनिश्चित होगी।

रैली के माध्यम से सरकार के सामने रखी जाएंगी कई प्रमुख मांगें
आदिवासी एकता मंच ने बताया कि इस वर्ष की रैली केवल सांस्कृतिक आयोजन नहीं होगी, बल्कि विभिन्न जनहित और आदिवासी हितों से जुड़े मुद्दों को सरकार तक पहुंचाने का माध्यम भी बनेगी। मंच की प्रमुख मांगों में पारडीह से मुखियाडांगा तक बने नए फ्लाईओवर का नामकरण आदिवासी स्वतंत्रता सेनानी बाबा तिलका माझी के नाम पर करना शामिल है। इसके अलावा आदिवासी बहन-बेटियों के साथ कथित पुलिसिया बर्बरता पर रोक लगाने, आदिवासी भूमि के अवैध म्यूटेशन पर सख्त कार्रवाई करने, पेसा एवं सीएनटी कानून को प्रभावी ढंग से लागू करने, स्थानीय एवं नियोजन नीति को स्पष्ट करने तथा परिसीमन प्रक्रिया में आदिवासी समाज के अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित करने की मांग भी प्रमुख रूप से उठाई जाएगी। मंच का कहना है कि इन मुद्दों का सीधा संबंध आदिवासी समाज के सामाजिक, आर्थिक और संवैधानिक अधिकारों से है, इसलिए सरकार को इन पर गंभीरता से विचार करना चाहिए।

समाज के सभी वर्गों से शामिल होने की अपील
प्रेस वार्ता के दौरान आदिवासी एकता मंच के पदाधिकारियों ने समाज के सभी वर्गों, विशेषकर युवाओं और महिलाओं से विश्व आदिवासी दिवस की बाइक रैली में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने की अपील की। उन्होंने कहा कि जब समाज एकजुट होकर अपनी आवाज उठाता है, तभी लोकतांत्रिक व्यवस्था में उसकी बात प्रभावी ढंग से सुनी जाती है। मंच के दीनबंधु सिंह ने बताया कि विश्व आदिवासी दिवस केवल एक पर्व नहीं, बल्कि आदिवासी इतिहास, संस्कृति, परंपरा और संवैधानिक अधिकारों के प्रति जागरूकता बढ़ाने का महत्वपूर्ण अवसर है। रैली के माध्यम से समाज अपनी सांस्कृतिक विरासत के साथ-साथ अपने अधिकारों और विकास से जुड़े मुद्दों को भी मजबूती से सामने रखेगा। आयोजकों को उम्मीद है कि इस बार बड़ी संख्या में लोग रैली में शामिल होकर आदिवासी एकता और अधिकारों का संदेश पूरे क्षेत्र में पहुंचाएंगे।