बागबेड़ा में फिर बाढ़ का कहर, 200 से अधिक घर डूबे

जमशेदपुर: सोमवार की शाम से लगातार हो रही बारिश ने एक बार फिर बागबेड़ा के निचले इलाकों में रहने वाले लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं. तीन दिन पहले नदी में आई बाढ़ से बागबेड़ा की कई बस्तियां जलमग्न हो गई थीं. पानी कम होने के बाद लोगों ने राहत की सांस ली ही थी कि मंगलवार को लगातार बारिश के कारण नदी का जलस्तर फिर तेजी से बढ़ गया. इसके साथ ही बागबेड़ा नया बस्ती, रिवर कॉलोनी और जुगसलाई क्षेत्र के निचले इलाकों में दोबारा बाढ़ का पानी घुस गया है.


बागबेड़ा नया बस्ती की पुलिया पूरी तरह जलमग्न

नदी का जलस्तर बढ़ने से बागबेड़ा नया बस्ती से रिवर कॉलोनी जाने वाली एकमात्र पुलिया पूरी तरह जलमग्न हो गई है. पुलिया के ऊपर से पानी बहने के कारण दोनों क्षेत्रों के बीच आवागमन प्रभावित हो गया है. लोगों को एक स्थान से दूसरे स्थान तक जाने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. पानी का बहाव लगातार बढ़ रहा है, जिससे स्थिति और गंभीर होने की आशंका बनी हुई है।

200 से अधिक घरों में घुसा बाढ़ का पानी

लगातार बारिश और नदी का जलस्तर बढ़ने के कारण बागबेड़ा और जुगसलाई के निचले इलाकों में करीब 200 से अधिक घर बाढ़ के पानी की चपेट में आ गए हैं. कई घरों में कमर तक पानी पहुंचने की स्थिति बन गई है. घरों में पानी भरने के कारण लोगों के सामने सामान बचाने के साथ-साथ अपनी जान बचाने की चुनौती भी खड़ी हो गई है. पानी तेजी से बढ़ने के कारण कई परिवारों ने घर से निकलकर छतों पर शरण ले ली है. छोटे बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं को सुरक्षित स्थान तक पहुंचाने में भी लोगों को परेशानी हो रही है। यदि बारिश इसी तरह जारी रही तो स्थिति और भयावह हो सकती है।

स्लुईस गेट नहीं होने से बढ़ी परेशानी

स्थानीय लोगों का आरोप है कि बागबेड़ा नया बस्ती में स्लुईस गेट नहीं लगाए जाने के कारण नदी का पानी नाले के माध्यम से तेजी से बस्ती की ओर प्रवेश कर गया. भारी बारिश के बीच नदी का जलस्तर बढ़ने से नाले के जरिए पानी का दबाव और बढ़ गया, जिसके कारण देखते ही देखते बस्ती के कई घर जलमग्न हो गए. हर साल बारिश और नदी का जलस्तर बढ़ने के दौरान निचले इलाकों में पानी घुसने की समस्या सामने आती है. इसके बावजूद स्थायी समाधान की दिशा में अपेक्षित कदम नहीं उठाए जाने से लोगों को बार-बार बाढ़ की स्थिति का सामना करना पड़ता है.

राहत और बचाव कार्य की मांग

बाढ़ का पानी तेजी से बढ़ने के कारण स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन से तत्काल राहत और बचाव कार्य शुरू करने की मांग की है. लोगों का कहना है कि प्रशासन की टीम प्रभावित बस्तियों में पहुंचकर घरों में फंसे परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाए. साथ ही प्रभावित लोगों के लिए भोजन, पेयजल और आवश्यक दवाओं की व्यवस्था की जाए.बस्ती के लोगों ने प्रशासन से नाव या अन्य सुरक्षित साधनों की व्यवस्था करने की भी मांग की है, ताकि पानी में फंसे लोगों को समय रहते बाहर निकाला जा सके। खासकर बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों को प्राथमिकता के आधार पर सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने की जरूरत है.

प्रशासन से स्थायी समाधान की मांग

बस्ती के लोगों का कहना है कि बागबेड़ा के निचले इलाकों में हर वर्ष बारिश के दौरान जलजमाव और बाढ़ की समस्या गंभीर रूप लेती है. तत्काल राहत के साथ-साथ भविष्य में ऐसी स्थिति से बचने के लिए स्थायी व्यवस्था की जरूरत है. नालों की सफाई, जलनिकासी व्यवस्था को दुरुस्त करने और स्लुईस गेट लगाने की दिशा में ठोस कदम उठाने की मांग की गई है.फिलहाल लगातार बारिश और बढ़ते नदी के जलस्तर ने बागबेड़ा के लोगों की चिंता बढ़ा दी है.