Salary Hike News: वेतन वृद्धि की मांग को लेकर आदिवासी एकता मंच का बड़ा फैसला, 30 जुलाई को प्रबंधन को सौंपेगा ज्ञापन

भिलाई पहाड़ी में कर्मचारियों और आदिवासी एकता मंच की महत्वपूर्ण बैठक

Jamshedpur News: पूर्वी सिंहभूम के भिलाई पहाड़ी स्थित सरकारी प्राथमिक विद्यालय में मंगलवार को आदिवासी एकता मंच, झारखंड के तत्वावधान में त्रिवेणी अर्थमूवर्स कंपनी में कार्यरत कर्मचारियों की समस्याओं एवं वेतन वृद्धि को लेकर एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में कंपनी के बड़ी संख्या में कर्मचारी, आदिवासी एकता मंच के पदाधिकारी एवं सदस्य शामिल हुए। इस दौरान कर्मचारियों की लंबे समय से लंबित वेतन वृद्धि, श्रमिक अधिकारों तथा कार्यस्थल की विभिन्न समस्याओं पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में उपस्थित कर्मचारियों ने अपनी परेशानियों को साझा करते हुए कहा कि पिछले कई वर्षों से कंपनी द्वारा उनके वेतन में कोई संतोषजनक बढ़ोतरी नहीं की गई है। लगातार बढ़ती महंगाई के कारण वर्तमान वेतन में परिवार का भरण-पोषण करना बेहद कठिन हो गया है। कर्मचारियों का कहना था कि वे कई बार कंपनी प्रबंधन के समक्ष अपनी मांगें रख चुके हैं, लेकिन अब तक उनकी समस्याओं के समाधान की दिशा में कोई ठोस पहल नहीं हुई है।

30 जुलाई को कंपनी प्रबंधन को सौंपा जाएगा मांग पत्र

बैठक में विस्तृत विचार-विमर्श के बाद सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया कि कर्मचारियों की जायज़ मांगों एवं वेतन पुनरीक्षण के संबंध में 30 जुलाई 2026 को त्रिवेणी अर्थमूवर्स कंपनी के प्रबंधन को एक औपचारिक ज्ञापन सौंपा जाएगा। ज्ञापन के माध्यम से कर्मचारियों के वेतन में सम्मानजनक वृद्धि, श्रम कानूनों का पूर्ण पालन, कार्यस्थल पर श्रमिकों के अधिकारों की सुरक्षा तथा कर्मचारियों के हितों से जुड़े अन्य मुद्दों पर सकारात्मक कार्रवाई की मांग की जाएगी। संगठन ने स्पष्ट किया कि कर्मचारियों के श्रम और योगदान के अनुरूप उचित वेतन देना कंपनी की जिम्मेदारी है और इस दिशा में शीघ्र निर्णय लिया जाना चाहिए। बैठक में यह भी तय किया गया कि ज्ञापन सौंपने के बाद कंपनी प्रबंधन को उचित समय दिया जाएगा, ताकि वह कर्मचारियों की मांगों पर गंभीरता से विचार कर सकारात्मक निर्णय ले सके।

मांगें पूरी नहीं होने पर अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन की चेतावनी

आदिवासी एकता मंच ने बैठक के दौरान स्पष्ट शब्दों में कहा कि यदि निर्धारित समय के भीतर कंपनी प्रबंधन कर्मचारियों की मांगों पर सकारात्मक पहल नहीं करता है, तो संगठन कर्मचारियों के साथ मिलकर लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन शुरू करेगा। संगठन ने कहा कि आवश्यकता पड़ने पर कंपनी के खिलाफ अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन भी किया जाएगा। हालांकि मंच ने यह भी दोहराया कि उनका उद्देश्य किसी प्रकार का टकराव नहीं, बल्कि शांतिपूर्ण एवं संवैधानिक तरीके से कर्मचारियों के अधिकारों की रक्षा करना है। बैठक में उपस्थित सभी सदस्यों ने एकजुट होकर कर्मचारियों के हितों की रक्षा के लिए संगठन के साथ मजबूती से खड़े रहने का संकल्प लिया। वक्ताओं ने कहा कि श्रमिकों की समस्याओं का समाधान संवाद के माध्यम से होना चाहिए, लेकिन यदि उनकी आवाज़ लगातार अनसुनी की जाती है तो आंदोलन ही अंतिम विकल्प बचेगा।

विश्व आदिवासी दिवस की तैयारियों पर भी हुई व्यापक चर्चा

बैठक में आगामी 9 अगस्त को मनाए जाने वाले विश्व आदिवासी दिवस की तैयारियों पर भी विस्तार से चर्चा की गई। कार्यक्रम को ऐतिहासिक और सफल बनाने के लिए विभिन्न समितियों के गठन, जनसंपर्क अभियान, प्रचार-प्रसार, सांस्कृतिक कार्यक्रमों की रूपरेखा तथा अधिक से अधिक लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करने पर विचार किया गया। संगठन के पदाधिकारियों ने सभी सदस्यों से गांव-गांव जाकर लोगों को कार्यक्रम से जोड़ने और आदिवासी समाज के अधिकारों, संस्कृति एवं परंपराओं के संरक्षण के प्रति जागरूक करने का आह्वान किया। बैठक में इस बात पर भी जोर दिया गया कि विश्व आदिवासी दिवस केवल एक उत्सव नहीं, बल्कि समाज की एकजुटता और अधिकारों के प्रति जागरूकता का महत्वपूर्ण अवसर है।

श्रमिकों और आदिवासी समाज के अधिकारों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है संगठन

बैठक के अंत में आदिवासी एकता मंच, झारखंड ने दोहराया कि संगठन हमेशा श्रमिकों, आदिवासी समुदायों और वंचित वर्गों के संवैधानिक एवं श्रम अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष करता रहेगा। मंच का कहना है कि प्रत्येक कर्मचारी को उसके श्रम के अनुरूप सम्मानजनक वेतन, सुरक्षित कार्य वातावरण और श्रम कानूनों के तहत मिलने वाले सभी अधिकार प्राप्त होने चाहिए। संगठन ने विश्वास जताया कि यदि कंपनी प्रबंधन कर्मचारियों की समस्याओं को गंभीरता से सुने और समयबद्ध समाधान की दिशा में पहल करे, तो श्रमिकों और प्रबंधन के बीच बेहतर समन्वय स्थापित होगा। वहीं कर्मचारियों ने भी आशा व्यक्त की कि 30 जुलाई को सौंपे जाने वाले ज्ञापन के बाद उनकी लंबे समय से लंबित मांगों पर सकारात्मक निर्णय लिया जाएगा और उन्हें न्यायपूर्ण वेतन तथा बेहतर कार्य परिस्थितियां मिल सकेंगी।