MGM मेडिकल कॉलेज जमशेदपुर को मिले दो नए डॉक्टर, इलाज और ऑपरेशन सेवाओं को मिलेगा बड़ा बल

JAMSHEDPUR MGM HOSPITAL: जमशेदपुर स्थित एमजीएम मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक मजबूत बनाने की दिशा में राज्य स्वास्थ्य विभाग ने महत्वपूर्ण कदम उठाया है। विभाग ने एमजीएम मेडिकल कॉलेज के लिए दो नए सहायक प्राध्यापकों (डॉक्टरों) की नियुक्ति की है। इन डॉक्टरों की तैनाती से अस्पताल में मरीजों को बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध होगी। साथ ही ऑपरेशन सेवाओं का विस्तार होने और गंभीर मरीजों के इलाज में तेजी आने की उम्मीद जताई जा रही है। स्वास्थ्य विभाग का यह निर्णय ऐसे समय में लिया गया है, जब एमजीएम अस्पताल में मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। डॉक्टरों की कमी के कारण कई विभागों में इलाज और ऑपरेशन प्रभावित हो रहे थे। अब नई नियुक्तियों के बाद अस्पताल की कार्यक्षमता में उल्लेखनीय सुधार होने की संभावना है।

राज्य स्वास्थ्य विभाग ने जारी किया तबादला आदेश

स्वास्थ्य विभाग ने राज्य के विभिन्न मेडिकल कॉलेजों के कुल चार शिक्षकों का स्थानांतरण किया है। इस संबंध में विभाग के अपर सचिव आनंद कुमार सिन्हा द्वारा आधिकारिक अधिसूचना जारी की गई है। जारी आदेश के अनुसार, दुमका मेडिकल कॉलेज के एनेस्थीसिया विभाग के सहायक प्राध्यापक डॉ. फसिउल्लाह आलम का स्थानांतरण एमजीएम मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल, जमशेदपुर किया गया है।
इसके अलावा पलामू मेडिकल कॉलेज के स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग के सहायक प्राध्यापक डॉ. पुनीत एस. टोपनो को भी एमजीएम मेडिकल कॉलेज में पदस्थापित किया गया है। इन दोनों विशेषज्ञ डॉक्टरों के आने से अस्पताल की चिकित्सा सेवाओं को नई मजबूती मिलेगी।

किन विभागों को मिलेगा सबसे अधिक लाभ?

एमजीएम मेडिकल कॉलेज में जिन दो विशेषज्ञ डॉक्टरों की नियुक्ति की गई है, वे अस्पताल के दो महत्वपूर्ण विभागों से जुड़े हैं। पहले डॉक्टर एनेस्थीसिया विभाग से हैं, जो किसी भी बड़े या छोटे ऑपरेशन के लिए बेहद महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। पर्याप्त एनेस्थेटिस्ट उपलब्ध होने से अब अधिक संख्या में सर्जरी कराई जा सकेगी और ऑपरेशन की लंबी प्रतीक्षा सूची कम होने की संभावना है। दूसरे डॉक्टर स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग से जुड़े हैं। इससे गर्भवती महिलाओं, प्रसव संबंधी जटिल मामलों तथा महिला रोगियों को बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध होगी। अस्पताल में महिलाओं के इलाज की गुणवत्ता भी पहले की तुलना में बेहतर होने की उम्मीद है।

अन्य मेडिकल कॉलेजों में भी हुए तबादले

राज्य सरकार द्वारा जारी आदेश में केवल एमजीएम मेडिकल कॉलेज ही नहीं, बल्कि अन्य मेडिकल कॉलेजों में भी शिक्षकों का स्थानांतरण किया गया है। पलामू मेडिकल कॉलेज के नेत्र रोग विभाग की सहायक प्राध्यापक डॉ. कुमारी चंदन स्मृति का स्थानांतरण धनबाद मेडिकल कॉलेज किया गया है। वहीं दुमका मेडिकल कॉलेज के ब्लड बैंक विभाग के सहायक प्राध्यापक डॉ. जलधर महतो को हजारीबाग मेडिकल कॉलेज भेजा गया है। स्वास्थ्य विभाग का उद्देश्य सभी मेडिकल कॉलेजों में विशेषज्ञ डॉक्टरों की उपलब्धता सुनिश्चित करना और जरूरत के अनुसार मानव संसाधन का संतुलित वितरण करना है, ताकि पूरे राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता बेहतर बनाई जा सके।

अस्पताल प्रबंधन भी होगा और मजबूत

एमजीएम अस्पताल में केवल डॉक्टरों की नियुक्ति ही नहीं, बल्कि प्रशासनिक व्यवस्था को भी मजबूत किया जा रहा है। हाल ही में अस्पताल के लिए नियुक्त दो हॉस्पिटल मैनेजरों में से एक सोनू कुमार ने सोमवार को अपना योगदान दे दिया है।
हॉस्पिटल मैनेजर की नियुक्ति से अस्पताल की दैनिक व्यवस्थाओं की निगरानी अधिक प्रभावी होगी। मरीजों की सुविधाओं, वार्ड प्रबंधन, साफ-सफाई, संसाधनों के उपयोग और शिकायतों के त्वरित समाधान में सुधार आने की उम्मीद है। बेहतर प्रशासनिक व्यवस्था का सीधा लाभ मरीजों और उनके परिजनों को मिलेगा।

मरीजों को मिलेगा बेहतर इलाज, बढ़ेगी ऑपरेशन क्षमता

एमजीएम मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल झारखंड के प्रमुख सरकारी चिकित्सा संस्थानों में शामिल है, जहां पूर्वी सिंहभूम सहित सरायकेला-खरसावां, पश्चिम सिंहभूम और आसपास के जिलों से बड़ी संख्या में मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं।
विशेषज्ञ डॉक्टरों की नियुक्ति से अब गंभीर मरीजों के इलाज में तेजी आएगी। ऑपरेशन सेवाओं का विस्तार होगा, महिला रोगियों को बेहतर चिकित्सा सुविधा मिलेगी तथा एनेस्थीसिया सेवाएं मजबूत होने से विभिन्न प्रकार की सर्जरी समय पर हो सकेगी। स्वास्थ्य विभाग का यह निर्णय एमजीएम मेडिकल कॉलेज की चिकित्सा व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। आने वाले समय में यदि अन्य रिक्त पदों पर भी विशेषज्ञ डॉक्टरों की नियुक्ति होती है, तो अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाएं और अधिक प्रभावी एवं मरीजों के अनुकूल बन सकेंगी।

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