MGM MEDICAL COLLEGE : जमशेदपुर के महात्मा गांधी मेमोरियल (एमजीएम) मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में एक वर्ष के लिए 54 जूनियर रेजिडेंट (नॉन-एकेडमिक) पदों पर नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू की गई है। हालांकि इस भर्ती को लेकर शुरुआत से ही कई सवाल उठ रहे हैं। सबसे पहले हैरानी की बात यह रही कि 54 रिक्त पदों के लिए केवल 12 आवेदन ही प्राप्त हुए। बुधवार को आयोजित साक्षात्कार के बाद इनमें से 8 डॉक्टरों का चयन किया गया। चयनित अभ्यर्थियों में बर्न विभाग के लिए 4 और मेडिसिन (आईसीयू) विभाग के लिए 4 चिकित्सकों का चयन हुआ। शेष चार आवेदनों में से एक अभ्यर्थी साक्षात्कार में उपस्थित नहीं हुआ, जबकि तीन अन्य के आवेदन पर विचार नहीं किया गया। इतनी बड़ी संख्या में रिक्त पदों के मुकाबले कम आवेदन मिलने से भर्ती प्रक्रिया की प्रभावशीलता पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
पिछले अनुभव के कारण कई डॉक्टरों ने नहीं किया आवेदन
अस्पताल प्रबंधन के अनुसार पिछली भर्ती प्रक्रिया में चयनित होने के बावजूद कई चिकित्सकों ने योगदान नहीं दिया था। बताया गया कि चयन के बाद जब उन्हें मनचाहा विभाग नहीं मिला, तब उन्होंने नियुक्ति स्वीकार करने से इनकार कर दिया। इसी अनुभव को देखते हुए इस बार कई संभावित अभ्यर्थियों ने आवेदन ही नहीं किया। सूत्रों के अनुसार कई युवा चिकित्सकों का मानना है कि यदि विभाग की स्पष्ट जानकारी पहले से उपलब्ध नहीं होगी, तो वे भर्ती प्रक्रिया में भाग लेने से बचेंगे। इससे अस्पताल को भी पर्याप्त संख्या में योग्य उम्मीदवार नहीं मिल पा रहे हैं। यही वजह मानी जा रही है कि 54 पदों के बावजूद आवेदन संख्या बेहद कम रही।
अभ्यर्थियों ने भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता की कमी का लगाया आरोप
भर्ती प्रक्रिया में शामिल अभ्यर्थियों ने कई गंभीर सवाल उठाए हैं। विशेषकर बीडीएस (डेंटल) अभ्यर्थियों का कहना है कि साक्षात्कार देने के बाद भी उन्हें यह नहीं बताया गया कि उनके लिए कितने पद निर्धारित हैं। इसी तरह एमबीबीएस अभ्यर्थियों को भी यह स्पष्ट नहीं किया गया कि उनका चयन किस विभाग के लिए किया जाएगा। अभ्यर्थियों का कहना है कि जारी विज्ञापन में यह जानकारी नहीं दी गई थी कि कुल 54 पदों में से कितने एमबीबीएस और कितने बीडीएस उम्मीदवारों के लिए आरक्षित हैं। साथ ही विभागवार रिक्तियों और आरक्षण की स्थिति का भी उल्लेख नहीं किया गया। इससे उम्मीदवारों में असमंजस की स्थिति बनी रही और पूरी प्रक्रिया को लेकर कई सवाल उठे।
विज्ञापन और साक्षात्कार प्रक्रिया पर भी उठे सवाल
अभ्यर्थियों ने भर्ती के विज्ञापन को लेकर भी आपत्ति दर्ज कराई है। उनका कहना है कि इस बार भर्ती का विज्ञापन केवल सीमित समाचार पत्रों में प्रकाशित किया गया। इसके अलावा इसे राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (एनएमसी) की वेबसाइट पर भी अपलोड नहीं किया गया, जिससे अधिक संख्या में अभ्यर्थियों तक इसकी जानकारी नहीं पहुंच सकी। इसके साथ ही उम्मीदवारों ने यह भी आरोप लगाया कि विज्ञापन में साक्षात्कार का कोई स्पष्ट उल्लेख नहीं था। इसके बावजूद चयन प्रक्रिया में इंटरव्यू लिया गया। इतना ही नहीं, साक्षात्कार के अंक, मूल्यांकन की प्रक्रिया और चयन का आधार भी सार्वजनिक नहीं किया गया। इससे चयन प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
अस्पताल अधीक्षक ने दी भर्ती प्रक्रिया पर सफाई
एमजीएम अस्पताल के अधीक्षक डॉ. बलराम झा ने भर्ती प्रक्रिया पर उठ रहे सवालों का जवाब देते हुए कहा कि जूनियर रेजिडेंट चिकित्सकों की नियुक्ति अस्पताल की वास्तविक आवश्यकता को ध्यान में रखकर की जाती है। अस्पताल में समय-समय पर विभिन्न विभागों में डॉक्टरों की जरूरत बदलती रहती है। उन्होंने बताया कि इसी कारण विज्ञापन में विभागवार रिक्तियों का उल्लेख नहीं किया गया। चयनित चिकित्सकों की तैनाती अस्पताल की आंतरिक आवश्यकता के अनुसार विभिन्न विभागों में की जाएगी। अस्पताल प्रशासन का कहना है कि पूरी प्रक्रिया नियमानुसार संपन्न की गई है और आवश्यकता के अनुसार आगे भी नियुक्तियां की जाएंगी।
भर्ती प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाने की उठी मांग
इस पूरे मामले के बाद चिकित्सा क्षेत्र से जुड़े अभ्यर्थियों का कहना है कि भविष्य में भर्ती प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और स्पष्ट बनाया जाना चाहिए। उनका सुझाव है कि विज्ञापन में विभागवार रिक्तियां, एमबीबीएस और बीडीएस के लिए अलग-अलग पदों की संख्या, आरक्षण का विवरण तथा चयन प्रक्रिया का पूरा प्रारूप पहले से प्रकाशित किया जाए। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि भर्ती प्रक्रिया अधिक पारदर्शी होगी तो अधिक संख्या में योग्य चिकित्सक आवेदन करेंगे और अस्पताल में लंबे समय से खाली पड़े पदों को भरने में आसानी होगी। साथ ही इससे अभ्यर्थियों का भरोसा भी मजबूत होगा और चयन प्रक्रिया को लेकर विवाद की संभावना कम हो जाएगी। वर्तमान भर्ती प्रक्रिया ने यह स्पष्ट कर दिया है कि पारदर्शिता और स्पष्ट सूचना किसी भी नियुक्ति प्रक्रिया की सफलता के लिए बेहद महत्वपूर्ण है।
Social Plugin