Jamshedpur News: पूर्वी सिंहभूम में लगातार हो रही बारिश के कारण एक बार फिर बाढ़ का खतरा बढ़ने लगा है। खरकई और स्वर्णरेखा नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है, जिससे नदी किनारे बसे हजारों परिवारों की चिंता बढ़ गई है। हालांकि फिलहाल दोनों नदियां खतरे के निशान से नीचे बह रही हैं, लेकिन मौसम विभाग द्वारा लगातार बारिश की संभावना जताए जाने के बाद प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। संवेदनशील इलाकों में निगरानी बढ़ा दी गई है और जरूरत पड़ने पर एनडीआरएफ की तैनाती की भी तैयारी कर ली गई है।
नदी किनारे बसे इलाकों में बढ़ी चिंता, लोग रातभर रख रहे नजर
लगातार हो रही बारिश का सबसे अधिक असर नदी किनारे बसे निचले इलाकों में देखने को मिल रहा है। बागबेड़ा, जुगसलाई, मानगो, शास्त्रीनगर, आजादनगर, नया बस्ती, बारीडीह घाट, गणेश नगर, सीपी टोला और बाबा कुटी जैसे इलाकों के लोग लगातार नदी के जलस्तर पर नजर बनाए हुए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि अगले कुछ दिनों तक इसी तरह बारिश जारी रही तो नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ सकता है और निचले इलाकों में पानी प्रवेश कर सकता है। कई परिवारों ने एहतियात के तौर पर जरूरी सामान सुरक्षित स्थानों पर रखना शुरू कर दिया है। प्रशासन भी लोगों से सतर्क रहने और किसी भी अफवाह पर ध्यान न देने की अपील कर रहा है।
बागबेड़ा सबसे संवेदनशील, 20 हजार से अधिक लोगों पर खतरे की आशंका
बागबेड़ा क्षेत्र को जिले का सबसे संवेदनशील इलाका माना जाता है। यहां नया बस्ती, बारीडीह घाट, गणेश नगर, सीपी टोला और बाबा कुटी सहित कई मोहल्लों में करीब 20 हजार से अधिक लोगों पर बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि कई विकास योजनाएं अब भी अधूरी हैं। विशेष रूप से बारीडीह घाट को जोड़ने वाली पुलिया का निर्माण कार्य अभी तक पूरा नहीं हो पाया है। पुलिया का शिलान्यास फरवरी 2025 में हुआ था, लेकिन निर्माण अधूरा होने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। जलस्तर बढ़ते ही इस मार्ग का संपर्क टूट जाता है, जिससे राहत एवं बचाव कार्य भी प्रभावित हो सकते हैं। लोगों ने जल्द निर्माण कार्य पूरा करने की मांग की है।
मानगो और जुगसलाई के निचले इलाकों में जलजमाव का खतरा
मानगो के डिमना रोड, शास्त्रीनगर, आजादनगर तथा उलीडीह के निचले इलाकों में भी हर वर्ष बारिश के दौरान जलजमाव की समस्या उत्पन्न होती है। यदि बारिश तेज हुई और नदियों का जलस्तर बढ़ा तो इन क्षेत्रों में हालात और गंभीर हो सकते हैं। जुगसलाई के नदी किनारे बसे इलाकों में भी प्रशासन लगातार निगरानी रख रहा है। खराब जल निकासी व्यवस्था के कारण कई स्थानों पर जलभराव की समस्या बनी रहती है। नगर निकायों को जल निकासी व्यवस्था दुरुस्त रखने, नालों की सफाई करने तथा आपात स्थिति से निपटने के लिए आवश्यक तैयारियां पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन का प्रयास है कि समय रहते सभी आवश्यक कदम उठाए जाएं ताकि लोगों को कम से कम परेशानी हो।
प्रशासन अलर्ट मोड पर, एनडीआरएफ और राहत शिविर की तैयारी
जिला प्रशासन ने खरकई और स्वर्णरेखा नदी के जलस्तर पर लगातार निगरानी रखने के निर्देश दिए हैं। सभी संबंधित विभागों और नगर निकायों को अलर्ट मोड में रखा गया है। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए राहत एवं बचाव की तैयारियां तेज कर दी गई हैं। जरूरत पड़ने पर एनडीआरएफ की टीम को तत्काल तैनात करने की योजना तैयार है। संभावित बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत शिविर, सुरक्षित स्थानों की पहचान, भोजन, पेयजल और चिकित्सा सुविधाओं की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे नदी किनारे अनावश्यक रूप से न जाएं, बच्चों को जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रखें तथा किसी भी आपात स्थिति की सूचना तुरंत स्थानीय प्रशासन को दें। यदि आने वाले दिनों में बारिश की तीव्रता बढ़ती है और नदियों का जलस्तर तेजी से ऊपर जाता है, तो जमशेदपुर के कई निचले इलाकों में बाढ़ की स्थिति बन सकती है।
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