करनडीह फाटक जलजमाव: झामुमो ने उठाई जाम नाली और गंदे पानी की समस्या, बीडीओ-सीओ बोले- बहुमंजिला मकानों के मालिकों को भेजा जाएगा नोटिस

करनडीह फाटक पर जलजमाव से बढ़ी लोगों की परेशानी

Jamshedpur News: जमशेदपुर के करनडीह फाटक के समीप जाम नालियों और सड़क पर बह रहे गंदे पानी की समस्या लगातार गंभीर होती जा रही है। नालियों के बंद होने से मुख्य सड़क जलाशय का रूप ले चुकी है, जिससे हजारों लोगों को रोजाना आवागमन में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। सड़क पर फैले दूषित पानी के कारण दुर्घटनाओं का खतरा भी बढ़ गया है, वहीं क्षेत्र में बदबू और अस्वच्छता का माहौल बना हुआ है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि जल्द समाधान नहीं निकाला गया तो स्थिति और विकट हो सकती है।

ग्रामसभा ने खेतों में गंदा पानी जाने से रोका


करनडीह ग्रामसभा ने फाटक के समीप नालियों को बंद कर दिया है। ग्रामसभा का स्पष्ट कहना है कि बहुमंजिला मकानों से निकलने वाला गंदा और दूषित पानी उनके खेतों में छोड़ा जा रहा था, जिससे खेती को भारी नुकसान पहुंच रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि लंबे समय से उनकी उपजाऊ जमीन सीवरेज के पानी की वजह से बर्बाद हो रही है। इसी कारण उन्होंने नालियों को बंद कर विरोध दर्ज कराया है। ग्रामसभा का कहना है कि वे अपने खेतों को बचाने के लिए हर स्तर पर संघर्ष करेंगे और किसी भी कीमत पर गंदा पानी खेतों में नहीं जाने देंगे।

झामुमो प्रतिनिधिमंडल ने बीडीओ और सीओ को सौंपा मांग पत्र


समस्या के समाधान की मांग को लेकर शुक्रवार को झामुमो जमशेदपुर प्रखंड समिति का एक प्रतिनिधिमंडल प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) सुमित प्रकाश और अंचलाधिकारी (सीओ) मनोज कुमार से मिला। प्रतिनिधिमंडल ने अधिकारियों को ज्ञापन सौंपते हुए कहा कि यह केवल ग्रामीणों का नहीं बल्कि पूरे क्षेत्र के लोगों की सुविधा और स्वास्थ्य से जुड़ा मामला है। झामुमो नेताओं ने मांग की कि जिला प्रशासन तत्काल हस्तक्षेप कर स्थायी समाधान निकाले ताकि राहगीरों, स्थानीय निवासियों और किसानों को राहत मिल सके। प्रतिनिधिमंडल ने यह भी कहा कि जिन किसानों की जमीन बहुमंजिला मकानों से निकलने वाले दूषित पानी के कारण प्रभावित हुई है, उनके हितों का भी ध्यान रखा जाना चाहिए। प्रशासन को प्रभावित क्षेत्रों का सर्वे कराकर उचित कार्रवाई करनी चाहिए।

सीवरेज सिस्टम नहीं होने से बढ़ रही समस्या


ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि परसुडीह चौक से लेकर करनडीह फाटक तक बड़ी संख्या में बहुमंजिला भवन बन चुके हैं, लेकिन अधिकांश इमारतों में उचित सीवरेज सिस्टम की व्यवस्था नहीं है। इन भवनों से निकलने वाला किचन, बाथरूम और घरेलू उपयोग का गंदा पानी सीधे नालियों में छोड़ा जा रहा है। लगातार बढ़ते निर्माण कार्य और सीवरेज व्यवस्था के अभाव के कारण नालियों पर अतिरिक्त दबाव पड़ रहा है। कई स्थानों पर नालियां जाम हो चुकी हैं, जिससे गंदा पानी सड़क पर बहने लगा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि भवन निर्माण के समय सीवरेज सिस्टम अनिवार्य किया गया होता तो आज यह स्थिति उत्पन्न नहीं होती।

बीडीओ और सीओ ने नोटिस जारी करने का दिया आश्वासन


मामले की गंभीरता को देखते हुए बीडीओ सुमित प्रकाश और सीओ मनोज कुमार ने झामुमो प्रतिनिधिमंडल को भरोसा दिलाया कि एक-दो दिनों के भीतर क्षेत्र के सभी बहुमंजिला मकानों के मालिकों और बिल्डरों को नोटिस जारी किया जाएगा। नोटिस के माध्यम से उन्हें अपने-अपने भवनों में सीवरेज सिस्टम विकसित करने का निर्देश दिया जाएगा। अधिकारियों ने कहा कि यदि सभी भवनों में अलग सीवरेज व्यवस्था बन जाती है तो नालियों में बहने वाले गंदे पानी की मात्रा काफी कम हो जाएगी और जलजमाव की समस्या पर भी नियंत्रण पाया जा सकेगा। प्रशासन ने यह भी संकेत दिया कि पूरे क्षेत्र की जल निकासी व्यवस्था का आकलन कर आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।

स्थायी समाधान की मांग, प्रतिनिधिमंडल में कई नेता रहे मौजूद


झामुमो नेताओं ने प्रशासन से मांग की कि परसुडीह-प्रमथनगर क्षेत्र का व्यापक सर्वे कराकर वैज्ञानिक तरीके से जल निकासी की योजना तैयार की जाए। केवल अस्थायी उपायों से समस्या का समाधान संभव नहीं है। बढ़ती आबादी और तेजी से हो रहे शहरीकरण को देखते हुए आधुनिक ड्रेनेज और सीवरेज सिस्टम विकसित करना समय की आवश्यकता है। झामुमो का कहना है कि प्रशासन, ग्रामीणों और बहुमंजिला भवनों के मालिकों के बीच समन्वय स्थापित कर ऐसा समाधान निकाला जाए जिससे किसानों की खेती भी सुरक्षित रहे और शहरवासियों को भी जलजमाव से राहत मिल सके। इस अवसर पर झामुमो के पूर्व प्रखंड अध्यक्ष बहादुर किस्कू, मिथुन चक्रवर्ती, सचिव जगत मार्डी, सरोज मंडल, पप्पू उपाध्याय, मनोज नाहा, बाल्ही मार्डी सहित कई कार्यकर्ता उपस्थित रहे। सभी ने प्रशासन से शीघ्र कार्रवाई कर क्षेत्रवासियों को राहत दिलाने की मांग की।

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