पूर्वी सिंहभूम में विकास कार्यों की रफ्तार बढ़ाने को उपायुक्त सख्त, विभागों को समन्वय के साथ काम करने का निर्देश

Jamshedpur News: जमशेदपुर के समाहरणालय सभागार में बुधवार को उपायुक्त राजीव रंजन की अध्यक्षता में जिला समन्वय समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक का उद्देश्य विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर सरकार की योजनाओं और विकास कार्यों का समयबद्ध एवं प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करना था। इस दौरान जिले के विभिन्न विभागों से जुड़े लंबित मामलों की विस्तार से समीक्षा की गई। जिन मामलों में एक से अधिक विभागों के सहयोग की आवश्यकता थी, उन पर विशेष चर्चा करते हुए संबंधित अधिकारियों को समन्वय बनाकर शीघ्र कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया। उपायुक्त ने कहा कि प्रशासन की प्राथमिकता आम लोगों को समय पर सरकारी योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराना है। इसके लिए सभी विभाग नियमित संवाद बनाए रखें और किसी भी समस्या के समाधान में अनावश्यक विलंब न करें। उन्होंने अधिकारियों को लंबित मामलों की नियमित समीक्षा कर निर्धारित समयसीमा के भीतर उनका निष्पादन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।


पेयजल और वनाधिकार अधिनियम से जुड़े मामलों पर विशेष जोर

बैठक में पेयजल, विद्युत, स्वास्थ्य, शिक्षा, सामाजिक सुरक्षा, आधारभूत संरचना, भूमि हस्तांतरण और वनाधिकार अधिनियम (एफआरए) से जुड़े मामलों की समीक्षा की गई। वनाधिकार अधिनियम के तहत लंबित आवेदनों की समीक्षा करते हुए उपायुक्त ने अनुमंडल पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी आवेदनों का अनुमंडल स्तरीय समिति से नियमानुसार शीघ्र निष्पादन कर उन्हें जिला स्तर पर अग्रेतर कार्रवाई के लिए भेजा जाए। इससे पात्र लाभुकों को समय पर वनाधिकार का लाभ मिल सकेगा। पेयजल व्यवस्था को लेकर भी उपायुक्त ने गंभीरता दिखाई। कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय, डुमरिया में जलमीनार के माध्यम से पेयजल उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया। वहीं चाकुलिया के प्राथमिक विद्यालय शिशाखून की पेयजल समस्या का शीघ्र समाधान सुनिश्चित करने को कहा गया।

पोटका के विद्यालय में लापरवाही पर कारण बताओ नोटिस, टाइड फंड के उपयोग के निर्देश

बैठक के दौरान प्राथमिक विद्यालय मिठाईझरना, पोटका में पेयजल उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक कार्रवाई नहीं किए जाने पर पेयजल एवं स्वच्छता प्रमंडल, जमशेदपुर के कार्यपालक अभियंता के खिलाफ कारण बताओ नोटिस जारी करने का निर्देश दिया गया। उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि बच्चों को बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराना प्रशासन की जिम्मेदारी है और इसमें किसी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने 15वें वित्त आयोग के टाइड फंड का उपयोग प्राथमिकता के आधार पर चापाकल, जलमीनार, पेयजल स्रोतों के विकास तथा आवश्यक मरम्मत कार्यों में करने का निर्देश दिया। उनका कहना था कि उपलब्ध संसाधनों का उपयोग ऐसे कार्यों में किया जाए जिनका सीधा लाभ ग्रामीणों और विद्यार्थियों को मिले।

विद्यार्थियों के बैंक खाते, जन्म प्रमाण पत्र और विद्यालयों में बिजली पर निर्देश

बैठक में शिक्षा विभाग से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों की भी समीक्षा की गई। जिला शिक्षा पदाधिकारी और जिला शिक्षा अधीक्षक को अग्रणी जिला प्रबंधक (एलडीएम) के साथ समन्वय स्थापित कर सभी पात्र विद्यार्थियों के बैंक खाते जल्द खुलवाने का निर्देश दिया गया, ताकि छात्रवृत्ति एवं अन्य छात्रहितकारी योजनाओं की राशि समय पर उनके खातों में पहुंच सके। जन्म प्रमाण पत्र निर्गत करने की प्रक्रिया को तेज करने के लिए सभी प्रखंड विकास पदाधिकारियों (बीडीओ) को पंचायत स्तर पर विशेष शिविर लगाने का निर्देश दिया गया। पंचायत सेवकों से यह प्रमाणित कराने को भी कहा गया कि उनके पंचायत क्षेत्र में कोई भी पात्र बच्चा जन्म प्रमाण पत्र से वंचित न रहे।
इसके अलावा जिन विद्यालयों में अभी तक बिजली का कनेक्शन नहीं है, वहां संबंधित प्रखंड शिक्षा प्रसार पदाधिकारियों (बीईईओ) को शीघ्र आवेदन करने का निर्देश दिया गया। वहीं मैन्युअल स्कैवेंजर से संबंधित प्रतिवेदन उपलब्ध कराने के लिए सभी बीडीओ और नगर निकायों के अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई करने को कहा गया।

एमजीएम मेडिकल कॉलेज, स्कूल भवन और एनएचएआई से जुड़े मामलों की समीक्षा

बैठक में एमजीएम मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में चल रहे आधारभूत संरचना निर्माण कार्यों की भी समीक्षा की गई। उपायुक्त ने निर्माण एजेंसियों और संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने का निर्देश दिया ताकि निर्माण कार्य भी सुचारू रूप से चलता रहे और मेडिकल कॉलेज की शैक्षणिक गतिविधियां भी प्रभावित न हों। विद्यालय परिसरों में खतरनाक एवं जोखिमपूर्ण पेड़ों की कटाई तथा जर्जर घोषित विद्यालयों और अन्य सरकारी भवनों को सुरक्षित तरीके से ध्वस्त करने के लिए संबंधित विभागों को आवश्यक समन्वय स्थापित करने का निर्देश दिया गया। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) से जुड़े अतिक्रमण हटाने के मामलों में संबंधित अंचल अधिकारियों (सीओ) को समन्वित कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया। साथ ही लघु सिंचाई प्रमंडल के कार्यपालक अभियंता को तालाबों की भूमि का सत्यापन और वाटर बॉडी सेंसस का कार्य समयबद्ध तरीके से पूरा कराने के निर्देश दिए गए।

प्रवासी श्रमिकों के मुआवजे में तेजी लाने और समन्वय बढ़ाने पर जोर

बैठक में बहरागोड़ा, मुसाबनी और घाटशिला में प्रवासी श्रमिकों की मृत्यु से जुड़े अनुग्रह सहायता मामलों की भी समीक्षा की गई। उपायुक्त ने संबंधित बीडीओ को आवश्यक दस्तावेजों का शीघ्र सत्यापन कर पात्र मामलों में मुआवजा स्वीकृत करने की प्रक्रिया में तेजी लाने का निर्देश दिया। बैठक के अंत में उपायुक्त राजीव रंजन ने कहा कि विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय से न केवल विकास योजनाओं का क्रियान्वयन तेज होगा, बल्कि आम नागरिकों को सरकारी सेवाओं और कल्याणकारी योजनाओं का लाभ भी समय पर मिलेगा। उन्होंने सभी अधिकारियों को नियमित संवाद बनाए रखने, समस्याओं का त्वरित समाधान करने और लंबित मामलों का निर्धारित समयसीमा के भीतर निष्पादन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। इससे प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता और जवाबदेही दोनों मजबूत होंगी तथा जिले में विकास कार्यों की गति भी बनी रहेगी।

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