राष्ट्रीय मत्स्य किसान दिवस पर पूर्वी सिंहभूम में 1.60 करोड़ मत्स्य स्पॉन का वितरण, उत्कृष्ट मत्स्य पालक सम्मानित

राष्ट्रीय मत्स्य किसान दिवस पर आयोजित हुआ सम्मान समारोह

Jamshedpur News: राष्ट्रीय मत्स्य किसान दिवस के अवसर पर शुक्रवार को पूर्वी सिंहभूम जिला मत्स्य कार्यालय भवन में भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर जिले के मत्स्य पालकों, मत्स्य मित्रों और महिला उद्यमियों को सम्मानित करने के साथ-साथ मत्स्य पालन को बढ़ावा देने के लिए कई महत्वपूर्ण पहल की गई। कार्यक्रम का उद्देश्य मत्स्य उत्पादन बढ़ाने, आधुनिक तकनीकों को बढ़ावा देने तथा युवाओं और किसानों को मत्स्य पालन के माध्यम से स्वरोजगार के लिए प्रेरित करना था। कार्यक्रम में जिले के विभिन्न प्रखंडों से बड़ी संख्या में मत्स्य पालकों ने भाग लिया।

अधिकारियों ने मत्स्य पालन को बताया रोजगार का मजबूत आधार


कार्यक्रम की मुख्य अतिथि जिला परिषद अध्यक्ष श्रीमती बारी मुर्मू थीं, जबकि जिला परिषद उपाध्यक्ष श्री पंकज सिन्हा विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। मत्स्य निदेशालय, रांची से उप मत्स्य निदेशक मनोज कुमार ठाकुर विशेष अतिथि के रूप में शामिल हुए। इसके अलावा जिला मत्स्य पदाधिकारी अलका पन्ना, मत्स्य प्रसार पदाधिकारी अमरेन्द्र कुमार वर्मा, जिले के मत्स्य मित्र, महिला उद्यमी और बड़ी संख्या में मत्स्य पालक मौजूद रहे। अपने संबोधन में अतिथियों ने कहा कि मत्स्य पालन आज ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने वाला महत्वपूर्ण व्यवसाय बन चुका है। यदि किसान आधुनिक तकनीकों और वैज्ञानिक पद्धतियों को अपनाएं तो कम लागत में अधिक उत्पादन प्राप्त किया जा सकता है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।

1 करोड़ 60 लाख मत्स्य स्पॉन का किया गया वितरण


राष्ट्रीय मत्स्य किसान दिवस के अवसर पर विभाग की ओर से जिले के आठ मत्स्य बीज उत्पादकों के बीच कुल 1 करोड़ 60 लाख मत्स्य स्पॉन का वितरण किया गया। अधिकारियों ने बताया कि गुणवत्तापूर्ण मत्स्य बीज उपलब्ध कराने से जिले में मछली उत्पादन बढ़ाने में काफी मदद मिलेगी। इससे स्थानीय मत्स्य पालकों की आय में वृद्धि होगी और राज्य के बाहर से मछली मंगाने की आवश्यकता भी कम होगी। विभाग का लक्ष्य जिले को मत्स्य उत्पादन के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाना है। इसके लिए मत्स्य बीज उत्पादन, तालाब विकास, आधुनिक मत्स्य पालन तकनीक और सरकारी योजनाओं का लाभ अधिक से अधिक किसानों तक पहुंचाने का प्रयास लगातार किया जा रहा है।

उत्कृष्ट मत्स्य मित्र और महिला उद्यमियों का हुआ सम्मान


कार्यक्रम के दौरान मत्स्य पालन के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले मत्स्य मित्रों एवं महिला उद्यमियों को प्रशस्ति-पत्र और शॉल देकर सम्मानित किया गया। सम्मानित होने वालों में पोटका की नमिता नन्दी, जादूगोड़ा की पार्वती हांसदा, जमशेदपुर की दीपाली महतो, जमशेदपुर के राजन कुमार सिन्हा, पटमदा के स्वप्न कुमार कैवर्त, बोड़ाम के प्रधनचन्द महतो तथा डुमरिया के वीरसिंह बेसरा शामिल रहे। अतिथियों ने सम्मानित मत्स्य पालकों की सराहना करते हुए कहा कि उनकी सफलता अन्य किसानों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी। उन्होंने कहा कि मेहनत, नई तकनीक और सरकारी योजनाओं का सही उपयोग कर मत्स्य पालन को लाभकारी व्यवसाय बनाया जा सकता है।

आधुनिक तकनीक अपनाने पर दिया गया विशेष जोर


उप मत्स्य निदेशक मनोज कुमार ठाकुर ने अपने संबोधन में कहा कि समय के साथ मत्स्य पालन के क्षेत्र में कई नई तकनीकें विकसित हुई हैं। यदि किसान इन तकनीकों को अपनाते हैं तो उत्पादन में उल्लेखनीय वृद्धि संभव है। उन्होंने मत्स्य मित्रों से अपील की कि वे गांव-गांव जाकर किसानों को वैज्ञानिक मत्स्य पालन, बेहतर प्रबंधन और सरकारी योजनाओं की जानकारी दें ताकि अधिक से अधिक लोग इस व्यवसाय से जुड़ सकें। उन्होंने कहा कि मत्स्य पालन केवल पारंपरिक व्यवसाय नहीं रह गया है, बल्कि यह स्वरोजगार और आर्थिक आत्मनिर्भरता का सशक्त माध्यम बन चुका है। सरकार भी इस क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए लगातार विभिन्न योजनाएं संचालित कर रही है।

मत्स्य क्षेत्र के समग्र विकास पर विभाग का विशेष फोकस


कार्यक्रम के अंत में प्रतिभागियों को मत्स्य विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी गई। अधिकारियों ने बताया कि विभाग तालाब निर्माण, तालाब जीर्णोद्धार, मत्स्य बीज उपलब्धता, प्रशिक्षण, तकनीकी सहायता और वित्तीय सहयोग जैसी योजनाओं के माध्यम से मत्स्य पालकों को सहायता प्रदान कर रहा है।जिला प्रशासन और मत्स्य विभाग का उद्देश्य जिले में मत्स्य उत्पादन बढ़ाने के साथ-साथ अधिक से अधिक लोगों को रोजगार उपलब्ध कराना है। राष्ट्रीय मत्स्य किसान दिवस का यह आयोजन मत्स्य पालकों के सम्मान, आधुनिक तकनीकों के प्रचार-प्रसार और मत्स्य क्षेत्र के समग्र विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित हुआ। इससे जिले के मत्स्य पालकों को नई ऊर्जा और प्रोत्साहन मिला तथा मत्स्य पालन को आर्थिक समृद्धि का मजबूत माध्यम बनाने का संदेश भी गया।

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