पूर्वी सिंहभूम में मलेरिया अलर्ट: 14 दिनों में 1.04 लाख जांच, 1895 मरीज मिले, उपायुक्त ने जारी की अहम अपील


Jamshedpur News : पूर्वी सिंहभूम जिले में मलेरिया संक्रमण की रोकथाम और नियंत्रण को लेकर जिला प्रशासन ने अभियान तेज कर दिया है। उपायुक्त राजीव रंजन ने सोमवार को प्रेस वार्ता कर बताया कि जिले के संवेदनशील इलाकों में युद्धस्तर पर सर्विलांस, जांच, उपचार, इंडोर रेजिडुअल स्प्रे (IRS) और जनजागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रशासन का लक्ष्य प्रत्येक संदिग्ध मरीज की पहचान कर 24 घंटे के भीतर जांच और उपचार सुनिश्चित करना है। उन्होंने जिलेवासियों से अपील की कि बुखार को सामान्य बीमारी समझकर नजरअंदाज न करें, बल्कि तुरंत स्वास्थ्य केंद्र पहुंचकर मलेरिया की जांच कराएं।

14 दिनों में 1.04 लाख से अधिक लोगों की हुई मलेरिया जांच
सिविल सर्जन ने बताया कि 29 जून से 12 जुलाई 2026 के बीच जिले के सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (CHC), शहरी स्वास्थ्य केंद्रों और सदर अस्पताल में कुल 1,04,459 लोगों की मलेरिया जांच की गई। इनमें 96,478 रैपिड डायग्नोस्टिक टेस्ट (RDT) तथा 7,981 स्लाइड जांच शामिल हैं। इस दौरान 1,895 लोग मलेरिया पॉजिटिव पाए गए। इनमें 1,491 पी. फाल्सीपेरम (PF), 353 पी. विवैक्स (PV) तथा 51 मिश्रित संक्रमण (Mixed Infection) के मामले शामिल हैं। जिले की कुल मलेरिया पॉजिटिविटी दर 1.96 प्रतिशत दर्ज की गई है, जिसे स्वास्थ्य विभाग नियंत्रित रखने का प्रयास कर रहा है।

पोटका, डुमरिया, मुसाबनी और घाटशिला में विशेष निगरानी
उपायुक्त ने बताया कि पोटका, डुमरिया, मुसाबनी और घाटशिला प्रखंड मलेरिया से सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्र हैं। पोटका CHC में 24,657 लोगों की जांच की गई, जो जिले में सबसे अधिक है। इसके अलावा मुसाबनी में 15,150, घाटशिला में 12,121 और डुमरिया में 11,060 लोगों की जांच की गई। पॉजिटिव मामलों की बात करें तो पोटका में 667, डुमरिया में 427, मुसाबनी में 344 और घाटशिला में 212 मरीज मिले हैं। इन क्षेत्रों में विशेष फोकस के साथ सर्विलांस, IRS छिड़काव, घर-घर जांच और त्वरित उपचार अभियान चलाया जा रहा है ताकि संक्रमण को फैलने से रोका जा सके।

सदर अस्पताल में अधिक पॉजिटिविटी, मानगो में नहीं मिला कोई मरीज
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार सदर अस्पताल में 14.36 प्रतिशत पॉजिटिविटी दर दर्ज की गई है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि यहां मुख्य रूप से गंभीर और रेफर किए गए मरीजों की जांच होती है, इसलिए पॉजिटिविटी दर अपेक्षाकृत अधिक दिखाई देती है। दूसरी ओर शहरी क्षेत्रों में स्थिति काफी संतोषजनक रही। अर्बन मानगो में इस अवधि के दौरान एक भी मलेरिया पॉजिटिव मरीज नहीं मिला, जबकि अर्बन बिरसानगर में केवल दो मामले सामने आए हैं। जिला प्रशासन का कहना है कि शहरी क्षेत्रों में भी निगरानी और जागरूकता अभियान लगातार जारी रहेगा।

मलेरिया से छह मौतें, हर मामले की हो रही चिकित्सकीय समीक्षा
उपायुक्त ने बताया कि जिले में इस अवधि के दौरान मलेरिया से कुल छह लोगों की मौत हुई है। इनमें चार मौतें सेरेब्रल मलेरिया तथा दो मौतें मिश्रित संक्रमण के कारण हुई हैं। उन्होंने कहा कि प्रत्येक मृत्यु की चिकित्सकीय समीक्षा कराई जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि किन कारणों से मरीजों की स्थिति गंभीर हुई और भविष्य में ऐसी घटनाओं को कैसे रोका जा सकता है। उन्होंने कहा कि समय पर जांच, सही उपचार और जागरूकता के माध्यम से मलेरिया से होने वाली गंभीर जटिलताओं और मौतों को काफी हद तक रोका जा सकता है।

बुखार को हल्के में न लें, स्वास्थ्य विभाग के अभियान में करें सहयोग
प्रेस वार्ता में उपायुक्त राजीव रंजन ने मीडिया और आम नागरिकों से मलेरिया नियंत्रण अभियान में सक्रिय सहयोग की अपील की। उन्होंने कहा कि मीडिया लोगों तक सही जानकारी पहुंचाने का महत्वपूर्ण माध्यम है। यदि किसी व्यक्ति को बुखार हो तो वह स्वयं दवा लेने के बजाय तुरंत निकटतम स्वास्थ्य केंद्र में जाकर मलेरिया की जांच कराए। उन्होंने लोगों से घर और आसपास पानी जमा नहीं होने देने, नियमित रूप से मच्छरदानी का उपयोग करने, स्वास्थ्य विभाग द्वारा कराए जा रहे IRS छिड़काव और सर्वे कार्य में सहयोग करने तथा मच्छरों के प्रजनन स्थलों को नष्ट करने की अपील की। उपायुक्त ने कहा कि प्रशासन और आम जनता के संयुक्त प्रयास से ही पूर्वी सिंहभूम को मलेरिया मुक्त बनाने का लक्ष्य सफल हो सकेगा।

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