13 से 15 जुलाई के बीच कोल्हान में भारी बारिश की संभावना
Kolhan News: झारखंड में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है। भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) ने कोल्हान प्रमंडल के पूर्वी सिंहभूम, पश्चिमी सिंहभूम और सरायकेला-खरसावां समेत कई जिलों में 13 से 15 जुलाई के बीच भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। शुक्रवार से शुरू हुई लगातार बारिश ने पूरे क्षेत्र में मौसम का मिजाज बदल दिया है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि बंगाल की खाड़ी में बने सिस्टम के प्रभाव से अगले कुछ दिनों तक झारखंड के कई हिस्सों में अच्छी बारिश होगी। इसके चलते लोगों को गर्मी और उमस से राहत मिलेगी, लेकिन निचले इलाकों में जलजमाव और यातायात प्रभावित होने की आशंका भी बनी रहेगी।
जमशेदपुर में दिनभर रुक-रुक कर हुई बारिश, कई इलाकों में जलजमाव
शुक्रवार को जमशेदपुर सहित पूरे कोल्हान में सुबह से ही रुक-रुक कर बारिश होती रही। शाम के समय बारिश की रफ्तार तेज हो गई, जिससे शहर की प्रमुख सड़कें और निचले इलाके पानी से भर गए। कार्यालयों से लौटने वाले लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। कई जगहों पर वाहनों की रफ्तार धीमी हो गई और दोपहिया चालकों को बारिश से बचने के लिए रास्ते में रुकना पड़ा। बारिश के कारण शहर का तापमान भी नीचे आ गया। अधिकतम तापमान करीब 32.4 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 27.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम विभाग के अनुसार शाम तक शहर में लगभग 8.2 मिलीमीटर वर्षा रिकॉर्ड की गई। विशेषज्ञों का कहना है कि अगले तीन दिनों तक इसी तरह का मौसम बने रहने की संभावना है।
इन जिलों के लिए जारी हुआ भारी बारिश का अलर्ट
मौसम विभाग ने 13 और 14 जुलाई के लिए झारखंड के कई जिलों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। जिन जिलों में विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है उनमें गिरिडीह, देवघर, दुमका, गोड्डा, साहिबगंज, पाकुड़, जामताड़ा, धनबाद, सरायकेला-खरसावां, पूर्वी सिंहभूम, पश्चिमी सिंहभूम और चाईबासा क्षेत्र शामिल हैं। प्रशासन ने लोगों से नदी-नालों के पास नहीं जाने, जलभराव वाले क्षेत्रों में सावधानी बरतने और खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है। किसानों को भी मौसम विभाग की सलाह के अनुसार खेती के कार्य करने की सलाह दी गई है।
कम बारिश से खरीफ खेती पर बढ़ा संकट
एक ओर झारखंड में बारिश की गतिविधियां बढ़ रही हैं, वहीं देश के कई हिस्सों में अब भी सामान्य से कम बारिश होने के कारण खरीफ खेती प्रभावित हुई है। कृषि विशेषज्ञों के अनुसार देशभर में खरीफ फसलों की बुआई पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 21 प्रतिशत पीछे चल रही है। अब तक लगभग 350.85 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में खरीफ फसलों की बुआई हुई है। सबसे अधिक असर दलहन और तिलहन की खेती पर पड़ा है। दलहन की बुआई में करीब 22 प्रतिशत और तिलहन में लगभग 39 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है। कपास और धान की बुआई भी पिछले वर्ष की तुलना में कम रही है। हालांकि यदि जुलाई के दूसरे और तीसरे सप्ताह में अच्छी बारिश होती है तो स्थिति में सुधार की उम्मीद जताई जा रही है।
कम वर्षा से बढ़ सकती है खाद्य महंगाई
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि जुलाई में भी बारिश सामान्य से कम रहती है तो इसका असर खाद्यान्न उत्पादन पर पड़ सकता है। उत्पादन घटने की स्थिति में दाल, तिलहन, सब्जियों और अन्य कृषि उत्पादों की कीमतों में बढ़ोतरी की संभावना रहती है। पहले भी सूखे वाले वर्षों में खाद्य महंगाई में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की जा चुकी है। कृषि अर्थशास्त्रियों का कहना है कि जुलाई का दूसरा पखवाड़ा खरीफ सीजन के लिए बेहद महत्वपूर्ण होता है। यदि इस दौरान पर्याप्त वर्षा होती है तो किसानों को राहत मिलेगी और फसलों की बुआई में तेजी आएगी। वहीं बारिश में कमी बनी रहने पर कृषि उत्पादन और ग्रामीण अर्थव्यवस्था दोनों प्रभावित हो सकते हैं।
प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की
मौसम विभाग के अलर्ट के बाद जिला प्रशासन ने संबंधित विभागों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। आपदा प्रबंधन टीमों को संभावित जलभराव और बाढ़ जैसी स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहने को कहा गया है। नगर निकायों को जलनिकासी व्यवस्था दुरुस्त रखने और नालों की सफाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। विशेषज्ञों ने लोगों से बिजली गिरने, तेज हवा और भारी बारिश के दौरान खुले स्थानों पर नहीं रहने की सलाह दी है। किसानों को भी खेतों में काम करते समय मौसम की ताजा जानकारी लेते रहने को कहा गया है। मौसम विभाग का कहना है कि 13 से 15 जुलाई के बीच कोल्हान में कई स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है, इसलिए सभी नागरिक सतर्क रहें और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें।
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