Jamshedpur News : पूर्वी सिंहभूम जिले में कृषि, मत्स्य, पशुपालन और सहकारिता क्षेत्र को नई गति देने की दिशा में जिला प्रशासन ने महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। उपायुक्त राजीव रंजन की अध्यक्षता में समाहरणालय सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक में सहकारिता, मत्स्य, पशुपालन, उद्यान, भूमि संरक्षण, जेएसएलपीएस तथा अन्य संबद्ध विभागों की योजनाओं की विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक में किसानों, पशुपालकों और मत्स्य पालकों की आय बढ़ाने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए गए।
बुरूडीह डैम में शुरू होगा केज कल्चर, 10 मॉडल तालाब होंगे विकसित
मत्स्य विभाग की समीक्षा के दौरान उपायुक्त ने जिले में मत्स्य उत्पादन बढ़ाने के लिए नई योजनाओं पर जोर दिया। उन्होंने बुरूडीह डैम में केज कल्चर के माध्यम से वैज्ञानिक तरीके से मछली पालन शुरू करने की दिशा में आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया। केज कल्चर तकनीक से जलाशयों में सीमित स्थान का बेहतर उपयोग करते हुए अधिक उत्पादन प्राप्त किया जा सकता है। बैठक में उप विकास आयुक्त नागेंद्र पासवान ने जिले में कम से कम 10 मॉडल तालाब विकसित करने पर बल दिया। इन मॉडल तालाबों के माध्यम से आधुनिक मत्स्य पालन तकनीकों का प्रदर्शन किया जाएगा, जिससे अन्य किसान भी प्रेरित होकर मत्स्य उत्पादन को बढ़ा सकें। अधिकारियों से पिछले वर्ष वितरित मत्स्य स्पॉन और उससे हुए उत्पादन की भी विस्तृत जानकारी ली गई।
धान उठाव और सहकारी समितियों के विस्तार पर विशेष जोर
सहकारिता विभाग की समीक्षा के दौरान उपायुक्त ने लेंपसों में धान अधिप्राप्ति की स्थिति और ऑनलाइन अपलोडिंग की प्रगति की जानकारी प्राप्त की। जिन लेंपसों में अभी तक धान की ऑनलाइन प्रविष्टि नहीं हो सकी है, वहां विभागीय मार्गदर्शन लेकर जल्द प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश दिए गए।इसके साथ ही जिले के विभिन्न लेंपसों में शेष लगभग 35 हजार क्विंटल धान का उठाव 15 जून तक मीलरों के माध्यम से सुनिश्चित करने को कहा गया। उपायुक्त ने नई सहकारी समितियों के गठन और निबंधन को भी बढ़ावा देने का निर्देश दिया, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में सहकारिता आंदोलन को और मजबूत बनाया जा सके।
दुग्ध उत्पादन और विपणन व्यवस्था को मिलेगा विस्तार
बैठक में जिला सहकारिता पदाधिकारी ने जानकारी दी कि वर्तमान में बहरागोड़ा क्षेत्र से प्रतिदिन लगभग 5000 लीटर दूध का संग्रहण किया जा रहा है। इस पर संतोष व्यक्त करते हुए उपायुक्त ने दुग्ध संग्रहण और विपणन नेटवर्क का विस्तार करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि जिले के अधिक से अधिक दुग्ध उत्पादकों को इस व्यवस्था से जोड़कर उनकी आय बढ़ाई जा सकती है। बेहतर विपणन व्यवस्था और संग्रहण केंद्रों की संख्या बढ़ने से ग्रामीण क्षेत्रों में डेयरी व्यवसाय को नई मजबूती मिलेगी और किसानों को दूध का उचित मूल्य प्राप्त होगा।
उद्यानिकी, मधुमक्खी पालन और स्ट्रॉबेरी खेती को बढ़ावा
उद्यान विभाग की समीक्षा के दौरान उपायुक्त ने जिले में बागवानी गतिविधियों के विस्तार पर विशेष जोर दिया। उन्होंने माली प्रशिक्षण कार्यक्रम से अधिक से अधिक लोगों को जोड़ने तथा प्रशिक्षण प्राप्त लाभुकों की वर्तमान स्थिति की जानकारी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। इसके अलावा संभावित क्षेत्रों में नर्सरी विकसित करने, मधुमक्खी पालन को प्रोत्साहित करने तथा स्ट्रॉबेरी जैसी उच्च मूल्य वाली फसलों की खेती को बढ़ावा देने की बात कही गई। अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि ऐसे कार्यक्रमों के माध्यम से किसानों को नई तकनीकों और वैकल्पिक कृषि गतिविधियों से जोड़ा जाए, जिससे उनकी आय के नए स्रोत विकसित हो सकें।
किसानों को समय पर मिलेगा केसीसी और कृषि सहायता
आगामी खरीफ मौसम को देखते हुए उपायुक्त ने किसानों को समय पर वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने पर विशेष ध्यान देने का निर्देश दिया। उन्होंने अग्रणी जिला प्रबंधक (एलडीएम) को किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) आवेदनों की स्वीकृति प्रक्रिया में तेजी लाने तथा स्वीकृत आवेदनों का शीघ्र भुगतान सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने कहा कि कृषि कार्यों के लिए समय पर ऋण उपलब्ध होना किसानों के लिए अत्यंत आवश्यक है। यदि किसानों को सही समय पर वित्तीय सहायता मिलेगी तो वे बेहतर तरीके से खेती कर सकेंगे और उत्पादन में वृद्धि होगी।
पशुपालन योजनाओं का लाभ जल्द मिलेगा ग्रामीणों को
पशुपालन विभाग की समीक्षा के दौरान उपायुक्त ने विभिन्न योजनाओं के तहत बकरा, सुकर, कुक्कुट और अन्य पशुधन के वितरण में तेजी लाने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि पशुपालन ग्रामीण अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण आधार है और इससे हजारों परिवारों की आजीविका जुड़ी हुई है। जिला प्रशासन का लक्ष्य है कि पात्र लाभुकों तक योजनाओं का लाभ समय पर पहुंचे और वे स्वरोजगार के माध्यम से अपनी आर्थिक स्थिति मजबूत कर सकें। बैठक में भूमि संरक्षण विभाग की योजनाओं की भी समीक्षा की गई तथा डीप बोरिंग, मिनी ट्रैक्टर और पंपसेट योजनाओं के लाभुकों का भौतिक सत्यापन कर रिपोर्ट उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। बैठक में उप विकास आयुक्त नागेंद्र पासवान, जिला सहकारिता पदाधिकारी, जिला मत्स्य पदाधिकारी, जिला पशुपालन पदाधिकारी, जिला उद्यान पदाधिकारी, जिला भूमि संरक्षण पदाधिकारी, डीपीएम जेएसएलपीएस, एलडीएम सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।
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