Patamda News: पटमदा समेत पूरे क्षेत्र में लगातार बढ़ रही भीषण गर्मी और हीट वेव ने आम जनजीवन को प्रभावित करना शुरू कर दिया है। सुबह से ही तेज धूप और गर्म हवाओं के कारण लोगों को घरों से बाहर निकलने में परेशानी हो रही है। दोपहर के समय सड़कें सूनी नजर आने लगी हैं और ग्रामीण इलाकों में पेयजल संकट की समस्या भी बढ़ती जा रही है। गर्मी का सबसे ज्यादा असर मजदूर वर्ग, बुजुर्गों, महिलाओं और छोटे बच्चों पर देखने को मिल रहा है। ऐसे हालात में लोग राहत की उम्मीद प्रशासन से कर रहे हैं। लगातार बढ़ते तापमान के कारण सरकारी कार्यालयों में आने वाले लोगों को भी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा था। इसी स्थिति को देखते हुए पटमदा प्रखंड प्रशासन ने लोगों को राहत देने के लिए कई जरूरी कदम उठाने शुरू किए हैं। प्रशासन का कहना है कि गर्मी के इस मौसम में लोगों को सुरक्षित रखना और उन्हें पेयजल उपलब्ध कराना सबसे बड़ी प्राथमिकता है।
पटमदा प्रखंड सह अंचल कार्यालय में प्याऊ की व्यवस्था
भीषण गर्मी को देखते हुए पटमदा प्रखंड सह अंचल कार्यालय परिसर में आम नागरिकों के लिए प्याऊ की व्यवस्था की गई है। कार्यालय आने वाले ग्रामीणों, महिलाओं, बुजुर्गों और राहगीरों को अब यहां शुद्ध और ठंडा पेयजल उपलब्ध कराया जा रहा है। प्रशासन द्वारा मिट्टी के घड़ों के माध्यम से पानी की व्यवस्था की गई है, जिससे पानी प्राकृतिक रूप से ठंडा बना रहता है। गर्मी के इस मौसम में यह व्यवस्था लोगों के लिए काफी राहत देने वाली साबित हो रही है। कार्यालय में काम से आने वाले लोगों ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि तेज गर्मी में पेयजल की सुविधा मिलने से काफी राहत महसूस हो रही है। कई लोगों ने कहा कि पहले कार्यालय आने पर पीने के पानी की समस्या होती थी, लेकिन अब प्रशासन की इस व्यवस्था से सुविधा बढ़ गई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि अन्य सार्वजनिक स्थलों पर भी इसी तरह की व्यवस्था की जानी चाहिए ताकि ज्यादा से ज्यादा लोगों को राहत मिल सके।
बीडीओ सह सीओ डॉ० राजेंद्र कुमार दास ने क्या कहा
पटमदा के बीडीओ सह सीओ डॉ० राजेंद्र कुमार दास ने कहा कि वर्तमान समय में भीषण गर्मी एवं हीट वेव को देखते हुए आम जनता की सुविधा प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने बताया कि प्रतिदिन बड़ी संख्या में ग्रामीण विभिन्न कार्यों से प्रखंड एवं अंचल कार्यालय पहुंचते हैं। ऐसे में लोगों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराना प्रशासन की जिम्मेदारी है। इसी उद्देश्य से कार्यालय परिसर में प्याऊ की व्यवस्था की गई है। उन्होंने कहा कि गर्मी के इस मौसम में लोगों को राहत पहुंचाने के लिए प्रशासन लगातार प्रयास कर रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि प्रशासन की ओर से क्षेत्र की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त व्यवस्था भी की जाएगी। बीडीओ सह सीओ ने लोगों से अपील की कि वे अत्यधिक गर्मी के दौरान सावधानी बरतें, धूप में कम निकलें और पर्याप्त मात्रा में पानी पीते रहें ताकि हीट वेव से बचा जा सके।
खराब चापाकल और जलमीनार की मरम्मत का निर्देश
पटमदा प्रखंड प्रशासन ने क्षेत्र में खराब पड़े चापाकलों और जलमीनारों को लेकर भी गंभीरता दिखाई है। बीडीओ सह सीओ डॉ० राजेंद्र कुमार दास ने संबंधित विभागीय कर्मियों को निर्देश दिया है कि जहां-जहां चापाकल और जलमीनार खराब हैं, उनकी सूची तैयार कर जल्द से जल्द मरम्मत कराई जाए। ग्रामीण क्षेत्रों से लगातार खराब चापाकल और बंद जलमीनारों की शिकायतें मिल रही थीं, जिसके कारण लोगों को पेयजल संकट का सामना करना पड़ रहा था। प्रशासन का कहना है कि गर्मी के मौसम में पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करना बेहद जरूरी है। इसलिए खराब पेयजल स्रोतों की प्राथमिकता के आधार पर मरम्मत की जाएगी। कई गांवों में पानी की समस्या के कारण लोगों को दूर-दराज से पानी लाना पड़ रहा है। ऐसे में प्रशासन का यह निर्णय ग्रामीणों के लिए राहत देने वाला माना जा रहा है।
जरूरत पड़ने पर अन्य सार्वजनिक स्थलों पर भी होगी व्यवस्था
प्रशासन ने संकेत दिए हैं कि यदि गर्मी और बढ़ती है तो अन्य सार्वजनिक स्थलों पर भी पेयजल की व्यवस्था की जाएगी। बाजार क्षेत्र, बस स्टैंड, पंचायत भवन और भीड़भाड़ वाले इलाकों में अतिरिक्त प्याऊ लगाने की योजना पर भी विचार किया जा रहा है। प्रशासन का मानना है कि गर्मी के इस मौसम में सार्वजनिक स्थानों पर पेयजल उपलब्ध कराना जरूरी है ताकि राहगीरों और आम लोगों को राहत मिल सके। साथ ही अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि क्षेत्र में पानी की समस्या वाले इलाकों पर विशेष नजर रखी जाए। प्रशासन लगातार हालात की निगरानी कर रहा है और जरूरत के अनुसार कदम उठाए जा रहे हैं। इससे लोगों को गर्मी के दौरान राहत मिलने की उम्मीद बढ़ गई है।
प्रशासन की पहल से लोगों में संतोष, ग्रामीणों ने की सराहना
पटमदा प्रशासन द्वारा की गई इस जनहितकारी पहल की स्थानीय लोगों ने सराहना की है। ग्रामीणों का कहना है कि भीषण गर्मी के दौरान प्याऊ की व्यवस्था और खराब चापाकलों की मरम्मत का निर्णय लोगों के हित में है। कई लोगों ने कहा कि गर्मी के मौसम में पानी सबसे बड़ी जरूरत बन जाती है और ऐसे समय में प्रशासन द्वारा उठाया गया यह कदम काफी राहत देने वाला है। ग्रामीणों ने उम्मीद जताई कि आने वाले दिनों में अन्य क्षेत्रों में भी इसी तरह की सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। लोगों का मानना है कि यदि समय रहते चापाकलों और जलमीनारों की मरम्मत हो जाती है तो पेयजल संकट काफी हद तक कम हो सकता है। प्रशासन की इस पहल से लोगों में संतोष का माहौल देखा जा रहा है और आम जनता इसे सकारात्मक कदम मान रही है।
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