Jamshedpur News: ग्रामीण विकास, जल संरक्षण और सामाजिक सुधार के क्षेत्र में मिसाल बन चुके टुंडाहुली पंचायत अंतर्गत आरा-केराम आदर्श गांव का शैक्षणिक एवं प्रेरणादायी भ्रमण रविवार को संपन्न हुआ। यह एक्सपोजर विजिट TSF द्वारा आयोजित किया गया, जिसमें कोल्हान प्रमंडल के मुखिया प्रतिनिधियों, TSF Fellow एवं पदाधिकारियों की टीम ने भाग लिया। इस दौरान गांव में ग्राम सभा आधारित विकास मॉडल और सामुदायिक सहभागिता से हो रहे बदलावों को करीब से समझने का अवसर मिला।


ग्राम सभा आधारित विकास मॉडल ने खींचा सबका ध्यान

भ्रमण के दौरान प्रतिनिधियों ने देखा कि किस प्रकार ग्राम सभा की सक्रिय भागीदारी से गांव में विकास की नई इबारत लिखी जा रही है। गांव में सामूहिक निर्णय के आधार पर योजनाओं का संचालन किया जा रहा है, जिससे ग्रामीणों में जिम्मेदारी और सहभागिता की भावना मजबूत हुई है।
टुंडाहुली पंचायत के युवा मुखिया राकेश बेदिया के नेतृत्व में टीम को गांव के विभिन्न हिस्सों का भ्रमण कराया गया। उन्होंने बताया कि गांव के विकास में लोगों की एकजुटता सबसे बड़ी ताकत रही है। ग्राम सभा के माध्यम से सामाजिक सुधार से लेकर जल संरक्षण और शिक्षा तक कई महत्वपूर्ण कार्य किए जा रहे हैं।

सामाजिक सुधार की पहल बनी पूरे क्षेत्र के लिए उदाहरण

आरा-केराम गांव में चलाए जा रहे सामाजिक अभियानों ने आगंतुकों को काफी प्रभावित किया। ग्राम सभा द्वारा नशापान बंदी, दहेज प्रथा बंदी, प्लास्टिक बंदी, कुल्हाड़ी बंदी और चेराईबंदी जैसे अभियान चलाए जा रहे हैं। इन पहलों का उद्देश्य गांव में सामाजिक जागरूकता बढ़ाना और पर्यावरण संरक्षण को मजबूत करना है। ग्रामीणों ने बताया कि इन अभियानों के कारण गांव का सामाजिक वातावरण सकारात्मक हुआ है। नशापान पर रोक लगने से घरेलू विवादों में कमी आई है, वहीं प्लास्टिक बंदी अभियान से गांव को स्वच्छ रखने में मदद मिली है। दहेज प्रथा के खिलाफ चल रहे अभियान ने युवाओं के बीच नई सोच विकसित की है।

जल संरक्षण और खेती के क्षेत्र में हो रहे उल्लेखनीय कार्य

गांव में जल संरक्षण को लेकर कई महत्वपूर्ण कार्य किए गए हैं। लूज बोल्डर, डोभा, कुआं निर्माण और TCB जैसी योजनाओं के माध्यम से जल संचयन को बढ़ावा दिया जा रहा है। इन प्रयासों का असर खेती पर भी दिखाई दे रहा है। ग्रामीण अब उन्नत सब्जी खेती और आम बागवानी की ओर तेजी से बढ़ रहे हैं। जल संरक्षण के कारण सिंचाई की सुविधा बेहतर हुई है, जिससे किसानों की आय में भी वृद्धि हो रही है। प्रतिनिधियों ने इन कार्यों को ग्रामीण आत्मनिर्भरता की दिशा में बड़ा कदम बताया।

आवासीय विद्यालय संचालन की पहल ने बढ़ाई शिक्षा की उम्मीद

आरा-केराम गांव में ग्राम सभा के माध्यम से आवासीय विद्यालय का संचालन भी किया जा रहा है। यह पहल ग्रामीण बच्चों को बेहतर शिक्षा उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रयास माना जा रहा है। प्रतिनिधियों ने विद्यालय संचालन व्यवस्था की जानकारी लेते हुए इसे ग्रामीण शिक्षा मॉडल का प्रेरणादायी उदाहरण बताया। ग्रामीणों ने कहा कि शिक्षा को गांव के विकास का सबसे मजबूत आधार मानते हुए बच्चों के भविष्य को बेहतर बनाने की दिशा में लगातार काम किया जा रहा है।

प्राची फाउंडेशन और नव जागृति समिति की भूमिका सराहनीय

भ्रमण के दौरान प्राची फाउंडेशन NGO और नव जागृति समिति आरा-केराम की ओर से संचालित विकासात्मक पहलों की भी जानकारी दी गई। संस्था के अध्यक्ष बाबूराम गोप एवं प्रधान गोपाल राम बेड़िया ने बताया कि ग्राम सभा के सहयोग से गांव में सामाजिक जागरूकता, पर्यावरण संरक्षण और सामुदायिक विकास को बढ़ावा दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि गांव के लोग श्रमदान अभियान के माध्यम से खुद विकास कार्यों में भागीदारी निभा रहे हैं। इससे गांव में आत्मनिर्भरता और सामूहिक जिम्मेदारी की भावना मजबूत हुई है।

26 मुखिया और 23 TSF Fellow ने लिया भाग

इस शैक्षणिक भ्रमण में कुल 26 मुखिया एवं 23 TSF Fellow शामिल हुए। मौके पर TSF के तोसिफ, खुदीराम सर सहित मुखिया कान्हु मुर्मू, सारोसोती टुडू, जोबा मार्डी, नीनू कुदादा, अमृत माझी, सुकलाल सरदार, गोपाल जी एवं अन्य प्रतिनिधि उपस्थित रहे। सभी प्रतिभागियों ने इस एक्सपोजर विजिट को ग्रामीण विकास के लिए अत्यंत उपयोगी और प्रेरणादायी बताया। उन्होंने कहा कि आरा-केराम गांव का मॉडल दूसरे गांवों के लिए भी सीख और प्रेरणा का स्रोत बन सकता है। ग्रामीण सहभागिता और सामूहिक प्रयास से किस प्रकार गांव का समग्र विकास संभव है, इसका जीवंत उदाहरण आरा-केराम गांव ने प्रस्तुत किया है।