Jamshedpur News: झारखंड आंदोलनकारियों का एक प्रतिनिधिमंडल झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के वरिष्ठ नेता सह केंद्रीय सदस्य प्रमोद लाल एवं शेख बदरुद्दीन के नेतृत्व में पूर्वी सिंहभूम के जिला उपायुक्त कर्ण सत्यार्थी से मिला। इस मुलाकात का मुख्य उद्देश्य आंदोलनकारियों को दिए जा रहे सम्मान को लेकर अपनी बात प्रशासन तक पहुंचाना था। प्रतिनिधिमंडल ने स्पष्ट रूप से कहा कि वर्तमान व्यवस्था में प्रखंड स्तर पर जो सम्मान एवं प्रशस्ति पत्र दिए जा रहे हैं, वह आंदोलनकारियों के योगदान के अनुरूप नहीं है।


प्रखंड स्तर के सम्मान पर जताई आपत्ति

प्रतिनिधिमंडल ने उपायुक्त के समक्ष यह मुद्दा प्रमुखता से उठाया कि झारखंड आंदोलनकारियों ने राज्य निर्माण के लिए लंबा संघर्ष किया है, इसलिए उनका सम्मान भी उसी स्तर का होना चाहिए। प्रखंड कार्यालयों में छोटे स्तर पर दिए जा रहे प्रशस्ति पत्रों को उन्होंने अपर्याप्त बताया। आंदोलनकारियों का मानना है कि इस तरह का सम्मान उनके ऐतिहासिक योगदान के साथ न्याय नहीं करता और इसे और अधिक गरिमामय बनाया जाना चाहिए।

जिला स्तर पर सम्मान समारोह की मांग

प्रतिनिधिमंडल ने उपायुक्त से आग्रह किया कि सभी आंदोलनकारियों के लिए जिला स्तर पर एक भव्य सम्मान समारोह आयोजित किया जाए। उनका कहना था कि इससे न केवल आंदोलनकारियों का मनोबल बढ़ेगा, बल्कि नई पीढ़ी को भी उनके संघर्ष और योगदान के बारे में जानकारी मिलेगी। इस तरह का आयोजन उनके प्रति समाज और प्रशासन के सम्मान को भी प्रदर्शित करेगा।

उपायुक्त ने दी सकारात्मक प्रतिक्रिया

जिला उपायुक्त कर्ण सत्यार्थी ने प्रतिनिधिमंडल की बातों को गंभीरता से सुना और इस संबंध में सकारात्मक पहल करने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि आंदोलनकारियों का योगदान अतुलनीय है और उन्हें उचित सम्मान मिलना चाहिए। उपायुक्त ने यह भी संकेत दिया कि जल्द ही इस दिशा में ठोस कदम उठाए जाएंगे, ताकि सभी आंदोलनकारियों को एक मंच पर सम्मानित किया जा सके।

बड़ी संख्या में आंदोलनकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे 

इस प्रतिनिधिमंडल में कई प्रमुख आंदोलनकारी और झामुमो कार्यकर्ता शामिल थे। इनमें सरोज महापात्र, फैयाज खान, अभय पांडेय, हरदेव सिंह, इंदरपाल सिंह भाटिया, डी. राकेश राव, झरना पाल, नीता सरकार, सुखलाल टुडू, आर. श्रीनिवास राव, उमेश गिरी, अवतार सिंह और हरभजन सिंह समेत बड़ी संख्या में लोग उपस्थित थे। सभी ने एकजुट होकर अपनी मांग रखी और उम्मीद जताई कि प्रशासन उनकी भावनाओं का सम्मान करते हुए जल्द ही उचित निर्णय लेगा।