Jamshedpur news : झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) ने केंद्र सरकार की नीतियों और आसमान छूती महंगाई के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। गुरुवार को जमशेदपुर के साकची स्थित उपायुक्त कार्यालय के समक्ष झामुमो की पूर्वी सिंहभूम जिला कमेटी ने एक विशाल एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन का आयोजन किया। इस प्रदर्शन में पार्टी के वरिष्ठ नेताओं से लेकर आम कार्यकर्ताओं और महिलाओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। विरोध का आलम यह था कि साकची की सड़कों पर केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी गूंजती रही।
माथे पर लकड़ी लेकर पदयात्रा किया
प्रदर्शन की शुरुआत साकची अंबेडकर चौक से हुई, जहाँ से झामुमो कार्यकर्ताओं और ग्रामीण महिलाओं ने उपायुक्त कार्यालय तक पदयात्रा निकाली। इस विरोध मार्च की खास बात यह थी कि महिलाओं ने अपने माथे पर जलावन की लकड़ी का गट्ठर उठा रखा था। यह दृश्य रसोई गैस की कीमतों में हुई बेतहाशा वृद्धि के प्रति जनता के आक्रोश को दर्शा रहा था। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि जब गैस सिलेंडर भरवाना आम आदमी के बजट से बाहर हो गया है, तो उनके पास वापस पुराने 'लकड़ी-युग' में लौटने के अलावा कोई चारा नहीं बचा है।
भाजपा की 'कथनी और करनी' पर विक्टर सोरेन का प्रहार
जिला अध्यक्ष विक्टर सोरेन के नेतृत्व में आयोजित इस धरने को संबोधित करते हुए उन्होंने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। सोरेन ने कहा कि भाजपा की कथनी और करनी में जमीन-आसमान का अंतर है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा केवल लुभावने वादे करना जानती है, उन्हें निभाना उसके बस की बात नहीं है। उज्ज्वला योजना का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि गरीबों को पहले गैस कनेक्शन देकर लुभाया गया और अब कीमतों में इतनी वृद्धि कर दी गई है कि गरीबों की जेबें खाली हो रही हैं।
पूंजीपतियों की सरकार होने का आरोप
विक्टर सोरेन ने अपने संबोधन में केंद्र सरकार को पूंजीपतियों की हितैषी करार दिया। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार केवल उद्योग घरानों के इशारे पर काम कर रही है। यदि इस सरकार को आम जनता और गरीबों की थोड़ी भी परवाह होती, तो पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस के दाम इस कदर नहीं बढ़ाए जाते। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि भाजपा सत्ता में बनी रहती है, तो आम आदमी का जीवन और भी अधिक दुष्कर हो जाएगा, क्योंकि उनकी नीतियां केवल अमीरों को और अमीर बनाने के लिए हैं।
बेरोजगारी और 'पकौड़ी तलने' के तंज पर चर्चा
महंगाई के साथ-साथ बेरोजगारी के मुद्दे पर भी झामुमो ने सरकार को घेरा। पार्टी नेताओं ने याद दिलाया कि केंद्र सरकार ने हर साल लाखों नौकरियां देने और युवाओं के हाथों में हुनर देने का वादा किया था। सोरेन ने तंज कसते हुए कहा कि आज युवाओं को रोजगार के नाम पर 'पकौड़ी तलने' की राह दिखाई जा रही है। उन्होंने जनता से आह्वान किया कि वे भाजपा की वास्तविकता को समझें और ऐसी सरकार से दूरी बनाएं जो युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रही है।
मंगल कालिंदी का आह्वान- 'सत्ता परिवर्तन ही समाधान'
जुगसलाई विधायक मंगल कालिंदी ने धरना स्थल पर मौजूद जनसमूह को संबोधित करते हुए कहा कि अगर देश से महंगाई और बेरोजगारी को जड़ से खत्म करना है, तो भाजपा को सत्ता की गद्दी से हटाना अनिवार्य है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार गरीबों को उनकी जमीन से बेदखल कर पूंजीपतियों के लिए जमीन तैयार कर रही है। कालिंदी के अनुसार, आम जनजीवन तब तक अस्त-व्यस्त रहेगा जब तक केंद्र की बागडोर ऐसे हाथों में है जो केवल कॉरपोरेट जगत के बारे में सोचते हैं।
कुणाल षाडंगी ने नीतियों को बताया जनविरोधी
झामुमो के केंद्रीय प्रवक्ता और पूर्व विधायक कुणाल षाडंगी ने भी केंद्र सरकार की कड़ी आलोचना की। उन्होंने कहा कि जिसने भी भाजपा पर भरोसा किया, उसे अंततः धोखा ही मिला। षाडंगी ने तर्क दिया कि सरकार की कोई भी नीति आम जनमानस के कल्याण के लिए नहीं है, यही कारण है कि गरीबी और लाचारी बढ़ती जा रही है। उन्होंने कहा कि मध्यम वर्ग और गरीबों की आर्थिक स्थिति बद से बदतर होती जा रही है, और इस संकट से निकलने का एकमात्र रास्ता राजनीतिक बदलाव है।
घरेलू बजट और छोटे व्यवसायों पर महंगाई की मार
पूर्व विधायक लक्ष्मण टुडू ने महंगाई के व्यावहारिक पहलुओं पर रोशनी डाली। उन्होंने कहा कि रसोई गैस और ईंधन की कीमतों में वृद्धि का असर केवल घरों के किचन तक सीमित नहीं है, बल्कि इसने छोटे होटलों, रेहड़ी-पटरी वालों और लघु व्यवसायियों के रोजगार को भी संकट में डाल दिया है। गरीब और मध्यम वर्ग के लिए अब दो वक्त की रोटी का जुगाड़ करना भी एक संघर्ष बन गया है। उन्होंने आर्थिक तंगी को सामाजिक अस्थिरता का मुख्य कारण बताया।
लकड़ी के चूल्हे पर चाय बनाकर सांकेतिक विरोध किया
प्रदर्शन के दौरान एक प्रतीकात्मक दृश्य तब देखने को मिला जब पूर्व सांसद सुमन महतो और अन्य महिला नेत्रियों ने धरना स्थल पर ही ईंटों का चूल्हा बनाया और लकड़ी जलाकर केतली में चाय बनाई। सुमन महतो ने कहा कि यह प्रदर्शन केंद्र सरकार को यह दिखाने के लिए है कि उन्होंने जनता को फिर से पुराने दौर में धकेल दिया है। महंगाई के कारण सिलेंडर अब केवल शोपीस बनकर रह गए हैं। प्रदर्शन के समापन पर झामुमो के एक प्रतिनिधिमंडल ने उपायुक्त के माध्यम से देश के प्रधानमंत्री के नाम एक मांग पत्र सौंपा, जिसमें महंगाई पर लगाम लगाने और जनविरोधी नीतियों को वापस लेने की मांग की गई। इस अवसर पर सागेन पूर्ति, प्रमोद लाल, शेख बदरुद्दीन, बाघराय मार्डी सहित सैकड़ों कार्यकर्ता उपस्थित थे।
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