तिरिंग घाटी काली मंदिर को विकसित करने की पहल की जा रही है। यह क्षेत्र विकसित होता है तो स्थानीय युवाओं को रोजगार का एक बड़ा माध्यम मिल जाएगा। बॉर्डर एरिया होने की वजह से यहां पर्यटकों की अच्छी भीड़ भी होगी।
Jamshedpur News: झारखंड और ओडिशा की सीमा पर स्थित पोटका विधानसभा क्षेत्र के बनकटा गांव में मौजूद तिरिंग घाटी काली मंदिर क्षेत्र अब पर्यटन के क्षेत्र में नई पहचान बनाने की ओर बढ़ रहा है। घने जंगलों, पहाड़ियों और मनमोहक प्राकृतिक दृश्यों से घिरा यह इलाका लंबे समय से श्रद्धालुओं और प्रकृति प्रेमियों को अपनी ओर आकर्षित करता रहा है। अब इस क्षेत्र को योजनाबद्ध तरीके से विकसित कर पर्यटन स्थल के रूप में पहचान दिलाने की तैयारी शुरू हो चुकी है।
विधायक संजीव सरदार ने किया क्षेत्र का दौरा
रविवार को पोटका विधानसभा के विधायक Sanjeev Sardar ने तिरिंग घाटी काली मंदिर क्षेत्र का दौरा कर यहां विकास की संभावनाओं का जायजा लिया। उन्होंने क्षेत्र की प्राकृतिक सुंदरता, पर्यटन की संभावनाओं और स्थानीय लोगों की जरूरतों को समझते हुए इसे विकसित करने की दिशा में पहल करने की बात कही। विधायक के दौरे के बाद स्थानीय ग्रामीणों में काफी उत्साह देखने को मिला।
पर्यटन विकास से बदलेगी सीमावर्ती गांवों की तस्वीर
तिरिंग घाटी को पर्यटन मानचित्र पर लाने की योजना केवल पर्यटन तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य सीमावर्ती गांवों के आर्थिक और सामाजिक विकास को भी गति देना है। इस क्षेत्र के विकसित होने से आसपास के गांवों में रोजगार के नये अवसर पैदा होंगे और स्थानीय लोगों की आय में वृद्धि होगी। ग्रामीणों का मानना है कि यह पहल क्षेत्र के लिए किसी बड़े तोहफे से कम नहीं है।
स्थानीय युवाओं के लिए खुलेंगे रोजगार के नए अवसर
पर्यटन स्थल बनने के बाद यहां स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के कई अवसर उपलब्ध होंगे। गाइड सेवा, होटल और लॉज संचालन, वाहन सेवा, खानपान केंद्र, स्थानीय उत्पादों की बिक्री और हस्तशिल्प जैसे क्षेत्रों में युवाओं को सीधा लाभ मिलेगा। इससे गांवों से पलायन कम होगा और स्थानीय स्तर पर रोजगार का मजबूत आधार तैयार होगा।
छोटे व्यवसाय और हस्तशिल्प को मिलेगा बढ़ावा
तिरिंग घाटी क्षेत्र में पर्यटन बढ़ने से छोटे दुकानदारों और स्थानीय व्यापारियों को भी काफी फायदा होगा। यहां आने वाले पर्यटकों के लिए स्थानीय खानपान, आदिवासी हस्तशिल्प और पारंपरिक वस्तुओं की मांग बढ़ेगी। इससे स्थानीय कलाकारों और हस्तशिल्प से जुड़े लोगों की आय में भी बढ़ोतरी होगी। साथ ही परिवहन व्यवसाय से जुड़े लोगों को भी नियमित आमदनी का नया जरिया मिलेगा।
वन विभाग को भेजा जाएगा विस्तृत प्रस्ताव
तिरिंग घाटी को विकसित करने के लिए जल्द ही वन विभाग को एक विस्तृत प्रस्ताव भेजा जाएगा। इस प्रस्ताव में प्राकृतिक वातावरण को सुरक्षित रखते हुए पर्यटन सुविधाओं का विकास करने की योजना तैयार की जा रही है। प्रशासन का प्रयास है कि यहां विकास कार्य इस तरह से हो कि जंगल और प्राकृतिक संतुलन पर किसी प्रकार का नकारात्मक प्रभाव न पड़े।
परिवार के साथ घूमने के लिए बनेगा आकर्षक स्थल
इस क्षेत्र को एक फैमिली-फ्रेंडली डेस्टिनेशन के रूप में विकसित करने की योजना है। यहां बच्चों के लिए सुरक्षित खेलकूद के साधन, पिकनिक स्पॉट, बैठने के लिए आकर्षक शेड्स और पर्यटकों के लिए अन्य बुनियादी सुविधाएं विकसित की जाएंगी। इससे लोग अपने परिवार के साथ यहां आकर प्राकृतिक वातावरण में सुकून के पल बिता सकेंगे। भविष्य में यह स्थान झारखंड और ओडिशा के लोगों के लिए पसंदीदा पर्यटन स्थल बन सकता है।
विधायक संजीव सरदार ने कही विकास की बात
विधायक Sanjeev Sardar ने कहा कि तिरिंग घाटी क्षेत्र प्राकृतिक सुंदरता से भरपूर है और हर वर्ष झारखंड तथा ओडिशा से हजारों लोग यहां पहुंचते हैं। उन्होंने कहा कि उनकी मंशा केवल पर्यटन को बढ़ावा देना नहीं, बल्कि इसके माध्यम से स्थानीय युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराकर सीमावर्ती गांवों की अर्थव्यवस्था को मजबूत करना है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि जल्द ही वन विभाग को प्रस्ताव भेजकर यहां बेहतर पर्यटन सुविधाएं विकसित की जाएंगी।
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