Potka News: जमशेदपुर के पोटका प्रखंड मुख्यालय में शनिवार को झारखंड सरकार की महत्वाकांक्षी मुख्यमंत्री पशुधन वितरण योजना के तहत किसानों के बीच बकरी एवं बतख चूजों का वितरण किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित पोटका विधायक संजीव सरदार ने 17 लाभुक किसानों के बीच पशुधन सामग्री का वितरण कर उन्हें आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ने का संदेश दिया। इस योजना के माध्यम से ग्रामीण किसानों को पशुपालन से जोड़कर उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत करने का प्रयास किया जा रहा है। कार्यक्रम के दौरान किसानों और ग्रामीणों में काफी उत्साह देखने को मिला।
17 लाभुक किसानों के बीच हुआ पशुधन वितरण
मुख्यमंत्री पशुधन वितरण योजना के अंतर्गत कुल 17 लाभुक किसानों को लाभ प्रदान किया गया। इनमें छह किसानों को 10-10 बीमाकृत बकरियां, टब, मग तथा कृमिनाशक दवा उपलब्ध कराई गई। वहीं 11 किसानों को प्रति किसान 30-30 बतख चूजों का वितरण किया गया। पशुपालन विभाग की ओर से लाभुकों को पशुओं की देखभाल और उनके रखरखाव से जुड़ी आवश्यक जानकारी भी दी गई ताकि किसान इस योजना का बेहतर तरीके से लाभ उठा सकें। कार्यक्रम के दौरान लाभुक किसानों के चेहरे पर खुशी साफ झलक रही थी। कई किसानों ने कहा कि इस योजना से उन्हें रोजगार का नया अवसर मिलेगा और उनकी आमदनी बढ़ेगी। ग्रामीण क्षेत्रों में पशुपालन को आय का मजबूत स्रोत माना जाता है और सरकार की यह पहल किसानों के लिए काफी लाभकारी साबित हो सकती है।
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ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में पहल
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विधायक संजीव सरदार ने कहा कि राज्य सरकार ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए लगातार काम कर रही है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पशुधन योजना केवल पशुओं का वितरण करने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य गांवों में स्वरोजगार को बढ़ावा देना और किसानों को आत्मनिर्भर बनाना है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण परिवारों की आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ करने में पशुपालन की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। बकरी पालन और बतख पालन जैसे छोटे व्यवसाय कम लागत में शुरू किए जा सकते हैं और इससे ग्रामीण परिवारों को नियमित आय प्राप्त होती है। सरकार इसी सोच के साथ किसानों को पशुपालन से जोड़ रही है ताकि गांवों में रोजगार के अवसर बढ़ सकें।
आत्मनिर्भर बनने का सशक्त माध्यम है पशुपालन
विधायक ने कहा कि आज के समय में पशुपालन केवल पारंपरिक कार्य नहीं रह गया है, बल्कि यह एक मजबूत स्वरोजगार का माध्यम बन चुका है। उन्होंने लाभुक किसानों से कहा कि वे पशुओं की सही तरीके से देखभाल करें और उन्हें आय का स्थायी स्रोत बनाएं। उन्होंने बताया कि सरकार द्वारा दिए जा रहे बीमाकृत पशुधन किसानों की सुरक्षा के लिए भी महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने कहा कि यदि किसान आधुनिक तरीके से पशुपालन करें तो इससे उनकी आय में काफी वृद्धि हो सकती है। बकरी पालन से दूध, खाद और बच्चों की बिक्री के माध्यम से आय अर्जित की जा सकती है, जबकि बतख पालन ग्रामीण क्षेत्रों में कम लागत और कम जोखिम वाला व्यवसाय माना जाता है। विधायक ने युवाओं से भी पशुपालन के क्षेत्र में आगे आने की अपील की।
योजनाओं का लाभ पारदर्शिता के साथ पहुंचे: विधायक
कार्यक्रम के दौरान विधायक संजीव सरदार ने विभागीय अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि सरकार की योजनाओं का लाभ सही और जरूरतमंद लोगों तक पारदर्शिता के साथ पहुंचना चाहिए। उन्होंने कहा कि कई बार जानकारी के अभाव में जरूरतमंद लोग सरकारी योजनाओं से वंचित रह जाते हैं, इसलिए अधिकारियों की जिम्मेदारी है कि वे गांव-गांव जाकर लोगों को जागरूक करें। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार किसानों की आय बढ़ाने और ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार सृजन के लिए गंभीरता से कार्य कर रही है। पशुपालन, कृषि और स्वरोजगार आधारित योजनाओं के माध्यम से गांवों में आर्थिक बदलाव लाने का प्रयास किया जा रहा है। विधायक ने कहा कि यदि योजनाओं का सही तरीके से क्रियान्वयन हो तो ग्रामीण क्षेत्रों में बेरोजगारी की समस्या को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
किसानों ने सरकार और विधायक के प्रति जताया आभार
कार्यक्रम में शामिल लाभुक किसानों ने मुख्यमंत्री पशुधन योजना को उपयोगी बताते हुए सरकार और विधायक के प्रति आभार व्यक्त किया। किसानों ने कहा कि आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए यह योजना काफी मददगार साबित होगी। कई किसानों ने कहा कि पशुधन मिलने से उन्हें अपनी आय बढ़ाने का अवसर मिलेगा और परिवार की आर्थिक स्थिति में सुधार आएगा। लाभुकों ने यह भी कहा कि गांवों में रोजगार के सीमित अवसर होने के कारण लोग शहरों की ओर पलायन करते हैं, लेकिन ऐसी योजनाएं ग्रामीणों को गांव में ही रोजगार उपलब्ध कराने में सहायक बन सकती हैं। किसानों ने सरकार से भविष्य में भी इस प्रकार की योजनाओं को जारी रखने की मांग की।
अधिकारी एवं विभागीय कर्मियों की रही मौजूदगी
इस कार्यक्रम में प्रखंड विकास पदाधिकारी अरुण कुमार मुंडा, पशुपालन पदाधिकारी डॉ. प्रदीप कुमार, बीटीएम कौशल झा, प्रधान लिपिक संजय कुमार, पशुधन सहायक राजकुमार साहू तथा वैष्णवी इंटरप्राइजेज के अख्तर हुसैन समेत कई विभागीय अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। सभी अधिकारियों ने लाभुक किसानों को पशुपालन से संबंधित आवश्यक जानकारी दी और योजना के सफल संचालन में अपनी भूमिका निभाई।
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