Jharkhand news : झारखंड विधानसभा सचिवालय, रांची की ओर से विधानसभा की प्राक्कलन समिति द्वारा 5 से 11 मई तक धनबाद, गिरिडीह, देवघर, गोड्डा, पाकुड़ एवं दुमका जिलों में आयोजित बैठक एवं स्थल निरीक्षण कार्यक्रम के क्रम में गुरुवार को गिरिडीह जिले के पारसनाथ स्थित मरांग बुरु दिशोम मांझी थान में विशेष पूजा-अर्चना का आयोजन किया गया। इस दौरान संताल समाज की धार्मिक परंपराओं एवं सांस्कृतिक विरासत को लेकर विस्तृत चर्चा की गई।

जनप्रतिनिधियों ने की विधिवत पूजा
विशेष पूजा-अर्चना नायके बाबा (पुजारी) चांदो लाल टुडू के नेतृत्व में संपन्न हुई। इस अवसर पर लिट्टीपाड़ा विधायक सह झारखंड विधानसभा की प्राक्कलन समिति के सभापति हेमलाल मुर्मू, टुंडी विधायक सह सत्तारूढ़ दल के मुख्य सचेतक मथुरा प्रसाद महतो तथा घाटशिला विधायक सोमेश चंद्र सोरेन ने पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ पूजा-अर्चना की। पूजा के बाद सभी जनप्रतिनिधियों ने दिशोम मांझी थान में माथा टेककर क्षेत्र की सुख-समृद्धि एवं सामाजिक एकता की कामना की।


मरांग बुरु के ऐतिहासिक महत्व पर हुई चर्चा
पूजा-अर्चना के बाद उपस्थित जनप्रतिनिधियों एवं समाज के लोगों ने पारसनाथ मरांग बुरु के ऐतिहासिक, धार्मिक एवं सांस्कृतिक महत्व की जानकारी प्राप्त की। चर्चा के दौरान बताया गया कि मरांग बुरु संताल समाज की आस्था का अत्यंत प्राचीन एवं पवित्र केंद्र है। यहां हर वर्ष माघ माह के तीसरे दिन हजारों श्रद्धालु दर्शन एवं पूजा-अर्चना के लिए पहुंचते हैं। इसके अलावा जुग जाहेरथान में बाहा बोंगा पूजा का भी विशेष महत्व है, जिसमें बड़ी संख्या में संताल समुदाय के लोग भाग लेते हैं।

संरक्षण एवं विकास को लेकर बनी सहमति
बैठक के दौरान इस पवित्र स्थल के संरक्षण, संवर्धन एवं समुचित विकास को लेकर गंभीर विचार-विमर्श किया गया। जनप्रतिनिधियों ने कहा कि मरांग बुरु और लुगु बुरु जैसे धार्मिक स्थल केवल पूजा-अर्चना के केंद्र नहीं हैं, बल्कि संताल समाज की प्राचीन संस्कृति, परंपरा और इतिहास के जीवंत प्रतीक हैं। इन स्थलों को पर्यटन एवं सांस्कृतिक धरोहर के रूप में विकसित करने की आवश्यकता पर भी बल दिया गया, ताकि आने वाली पीढ़ियां अपनी सांस्कृतिक विरासत से जुड़ी रह सकें।


बड़ी संख्या में उपस्थित रहे अधिकारी और समाजसेवी 
इस अवसर पर पीरटांड़ के बीडीओ मनोज मरांडी, सीओ ऋषिकेश मरांडी, थाना प्रभारी दीपेश कुमार सहित कई प्रशासनिक अधिकारी एवं समाजसेवी उपस्थित रहे। कार्यक्रम में सोनाराम सोरेन, सुशील मार्डी, रोहित टुडू, सुराई हेंब्रम, पोलुस किस्कू, मदन महतो, बाबूराम सोरेन, वंशीलाल मरांडी, महावीर मुर्मू, बिरजू मरांडी, सुरेश हेंब्रम, माझो हेंब्रम, भगवान किस्कू, बाबूराम मरांडी, मुंशी हेंब्रम और सुनील टुडू समेत बड़ी संख्या में स्थानीय लोग शामिल हुए। कार्यक्रम शांतिपूर्ण एवं पारंपरिक माहौल में संपन्न हुआ।