Jamshedpur News : जमशेदपुर के करनडीह स्थित Dishom Jaher में Pt. Raghunath Academy of Santali Culture & Art (RASCA) द्वारा आयोजित 14वां राष्ट्रीय संताली फिल्म रास्का अवार्ड 2026 का शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ कार्यक्रम की शुरुआत हुई, जिसमें स्थानीय कलाकारों, फिल्म निर्माताओं और सांस्कृतिक प्रेमियों की बड़ी संख्या में उपस्थिति रही। यह 14वां राष्ट्रीय संताली फिल्म समारोह 1 से 9 मई 2026 तक विभिन्न चरणों में आयोजित किया जाएगा। कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण 5 मई को पब्लिक स्क्रीनिंग और 9 मई को जमशेदपुर स्थित माइकल जॉन ऑडिटोरियम में आयोजित भव्य पुरस्कार समारोह होगा, जिसमें विजेताओं को सम्मानित किया जाएगा।

पंडित रघुनाथ मुर्मू को श्रद्धांजलि दी 
कार्यक्रम की शुरुआत महान संताली साहित्यकार एवं ‘ओल चिकी’ लिपि के जनक Pandit Raghunath Murmu की 121वीं जयंती के अवसर पर उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण कर की गई। उपस्थित गणमान्य अतिथियों एवं आयोजकों ने उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए उनके योगदान को याद किया। वक्ताओं ने कहा कि पंडित रघुनाथ मुर्मू का कार्य संताली भाषा और संस्कृति के संरक्षण में मील का पत्थर है, और आज भी उनकी विरासत नई पीढ़ी को प्रेरित कर रही है।


जूरी स्क्रीनिंग के बाद छह फिल्मों का हुआ चयन 
रास्का द्वारा आयोजित इस फिल्म समारोह में कुल 12 फिल्मों ने भाग लिया। पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत सभी फिल्मों की स्क्रीनिंग एवं स्क्रूटनी (चयन प्रक्रिया) संपन्न की गई। चयन समिति ने गहन मूल्यांकन के बाद 6 उत्कृष्ट फिल्मों को अंतिम चरण के लिए चुना। इस प्रक्रिया में कहानी, निर्देशन, अभिनय, तकनीकी गुणवत्ता और सांस्कृतिक प्रस्तुति जैसे विभिन्न पहलुओं पर विशेष ध्यान दिया गया। यह चयन प्रक्रिया पूरी पारदर्शिता और निष्पक्षता के साथ संपन्न की गई।

12 मेसे 6 फिल्में फाइनल राउंड में
इस वर्ष फाइनल राउंड के लिए चयनित फिल्मों में “बारया मोने”, “आते-आते”, “किसाड़ बोंगा”, “सुन्टू गुटूच”, “सारी दुलाड़” तथा “जिवी चालाः रेहों” शामिल हैं। ये फिल्में संताली समाज की परंपराओं, संघर्षों, प्रेम, सामाजिक मुद्दों और सांस्कृतिक मूल्यों को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करती हैं। चयनित फिल्मों को अब दर्शकों के लिए विशेष स्क्रीनिंग में प्रदर्शित किया जाएगा, जिसके बाद निर्णायक मंडल द्वारा अंतिम पुरस्कार विजेताओं का चयन किया जाएगा।


संताली फिल्म उद्योग को बढ़ाने पर मंथन 
कार्यक्रम की अध्यक्षता Rabindra Nath Murmu ने की। इस अवसर पर रास्का के निर्देशक मंडल एवं प्रबंधन समिति के कई प्रमुख सदस्य उपस्थित रहे, जिनमें शंकर हेम्ब्रोम, सागेन हांसदा, मानसिंह मांझी, मिर्जा मुर्मू, स्वर्णलता बाहा मुर्मू और कूसा सोरेन शामिल हैं। सभी सदस्यों ने आयोजन को सफल बनाने में सक्रिय भूमिका निभाई और संताली फिल्म उद्योग को आगे बढ़ाने के लिए अपने विचार साझा किए।

संताली सिनेमा के विकास में रास्का की भूमिका
कार्यक्रम में वक्ताओं ने रास्का के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि यह मंच संताली सिनेमा को नई दिशा देने का कार्य कर रहा है। यह आयोजन न केवल फिल्म कला को प्रोत्साहित करता है, बल्कि जनजातीय संस्कृति, भाषा और परंपराओं को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। नई प्रतिभाओं को अवसर प्रदान कर रास्का युवाओं को अपनी कला और रचनात्मकता दिखाने का मंच देता है।