Jamshedpur news: लौहनगरी जमशेदपुर के ग्रामीण और अर्ध-शहरी इलाकों में सड़क की बदहाली अब स्थानीय निवासियों के लिए जी का जंजाल बन चुकी है। विशेषकर परसुडीह और इसके आसपास के क्षेत्रों में सड़कों की स्थिति इतनी जर्जर हो गई है कि लोगों का घरों से निकलना दूभर हो गया है। इसी गंभीर समस्या को लेकर गुरुवार को पूर्व जिला परिषद सदस्य सुदिप्तो दे उर्फ राणा दे के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने सांसद विद्युतवरण महतो से मुलाकात की और उन्हें क्षेत्र की बदहाली से अवगत कराया।


प्रतिनिधिमंडल ने सांसद विद्युतवरण महतो को सौंपा मांग पत्र 
मुलाकात के दौरान प्रतिनिधिमंडल ने सांसद को एक विस्तृत मांगपत्र सौंपा। इस मांगपत्र में मुख्य रूप से तीन महत्वपूर्ण सड़कों के पुनर्निर्माण और मरम्मत की मांग की गई है, जो पूरे क्षेत्र की लाइफलाइन मानी जाती हैं। इसमें करनडीह चौक से शीतला चौक होते हुए चांदनी चौक तक की सड़क, शीतला चौक से हलुदबनी होते हुए नामोटोला कैनाल तक का मार्ग और शीतला चौक से मकदमपुर फाटक होते हुए खासमहल चौक तक की जर्जर सड़कों का जिक्र किया गया है। इन सड़कों की हालत पिछले काफी समय से खराब है, जिससे हजारों की आबादी प्रभावित हो रही है। 


जर्जर सड़कों स्थिति भयावह, जान जोखिम में डाल रहे राहगीर
परसुडीह, प्रमथनगर और हलुदबनी जैसे इलाकों में सड़कों की स्थिति अब केवल 'खराब' नहीं रह गई है, बल्कि 'खतरनाक' हो चुकी है। सड़कों पर बड़े-बड़े गड्ढे उभर आए हैं, जो बारिश के समय छोटे तालाबों का रूप ले लेते हैं। इन गड्ढों के कारण आए दिन दोपहिया वाहन चालक गिरकर चोटिल हो रहे हैं। विशेषकर रात के समय, जब लाइट की कमी होती है, ये जर्जर सड़कें किसी बड़े हादसे को दावत देती नजर आती हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रशासन को कई बार सूचित किया गया, लेकिन धरातल पर अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। 

वाहन तो दूर, पैदल चलना भी हुआ मुहाल: सुदिप्तो दे 
पूर्व जिला परिषद सदस्य सुदिप्तो दे ने सांसद के समक्ष क्षेत्र की जनता का दर्द रखते हुए कहा, "आज परसुडीह और आसपास की सड़कों की हालत ऐसी हो गई है कि वहां वाहन चलाना तो दूर, लोगों का पैदल चलना भी दूभर हो गया है। बुजुर्गों और स्कूली बच्चों को इन रास्तों से ले जाना एक बड़ी चुनौती बन गया है। करनडीह से लेकर खासमहल तक की सड़कों पर सिर्फ धूल और पत्थर बचे हैं। हल्की सी बारिश होते ही पूरी सड़क कीचड़ में तब्दील हो जाती है, जिससे पैदल चलने वाले लोगों के कपड़े तक खराब हो जाते हैं और वे फिसलकर गिर जाते हैं। जनता अब और इंतजार करने की स्थिति में नहीं है।


सड़क में जहां देखो-वहां गड्ढे ही गड्ढे दिखते हैं
सड़कें किसी भी क्षेत्र के विकास का पैमाना होती हैं, लेकिन परसुडीह के मामले में यह पैमाना पूरी तरह फेल साबित हो रहा है। हलुदबनी और नामोटोला कैनाल जैसे क्षेत्रों को जोड़ने वाली सड़कों की जर्जर स्थिति के कारण ऑटो और ई-रिक्शा चालक इन इलाकों में जाने से कतराते हैं। इससे स्थानीय व्यापारियों और नौकरीपेशा लोगों को समय पर अपने गंतव्य तक पहुँचने में भारी मशक्कत करनी पड़ती है। जर्जर सड़क के कारण वाहनों का मेंटेनेंस खर्च भी बढ़ गया है, जिससे आम आदमी की जेब पर अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है। 

अस्पताल जाने वाले मरीजों की बढ़ी मुश्किलें 
खासमहल चौक और मकदमपुर फाटक का मार्ग स्वास्थ्य सेवाओं के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण है। चूंकि खासमहल के पास ही प्रमुख अस्पताल और सरकारी कार्यालय स्थित हैं, ऐसे में जर्जर सड़क मरीजों के लिए काल बन रही है। एम्बुलेंस को इन गड्ढों भरी सड़कों से गुजरने में काफी समय लगता है, जो आपातकालीन स्थिति में जानलेवा साबित हो सकता है। प्रतिनिधिमंडल ने सांसद को बताया कि अगर इन सड़कों को जल्द दुरुस्त नहीं किया गया, तो क्षेत्र की जनता का आक्रोश और बढ़ सकता है। 

 
सांसद ने जर्जर सड़क को दुरस्त करने का दिया है आश्वासन 
सांसद विद्युतवरण महतो ने प्रतिनिधिमंडल की बातों को गंभीरता से सुना और सौंपे गए मांगपत्र का अवलोकन किया। उन्होंने स्वीकार किया कि क्षेत्र की सड़कें वाकई जर्जर हैं और इससे आम जनजीवन प्रभावित हो रहा है। सांसद ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि वे इस संबंध में संबंधित विभाग के अधिकारियों और पथ निर्माण विभाग से बात करेंगे। उन्होंने आश्वासन दिया कि इन प्रमुख सड़कों के सुदृढ़ीकरण की प्रक्रिया जल्द शुरू कराई जाएगी ताकि परसुडीह और हलुदबनी के लोगों को नारकीय स्थिति से मुक्ति मिल सके। प्रतिनिधिमंडल में सुदिप्तो दे के साथ क्षेत्र के कई गणमान्य लोग उपस्थित थे।