Jamshedpur News: जमशेदपुर में पड़ रही भीषण गर्मी के बीच झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) ने मानवीय पहल करते हुए सड़क किनारे सब्जी बेचने वाले जरूरतमंद लोगों के बीच राहत सामग्री का वितरण किया। डिमना रोड क्षेत्र में आयोजित इस अभियान के तहत सब्जी विक्रेताओं को ठंडा पानी और ओआरएस घोल के पैकेट बांटे गए। लगातार बढ़ते तापमान और लू के खतरे को देखते हुए यह पहल लोगों के लिए काफी राहतभरी साबित हुई। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने लोगों को गर्मी से बचाव के उपाय भी बताए।

सब्जी विक्रेताओं की परेशानी को समझने की कोशिश
डिमना रोड पर बड़ी संख्या में ऐसे सब्जी विक्रेता हैं जो पूरे दिन खुले आसमान के नीचे काम करते हैं। तेज धूप और गर्म हवाओं के बीच काम करना उनके लिए बेहद कठिन हो जाता है। झामुमो के इस प्रयास ने उनकी समस्याओं को समझने और उन्हें तत्काल राहत पहुंचाने का संदेश दिया। कई विक्रेताओं ने बताया कि इस तरह की मदद से उन्हें न सिर्फ शारीरिक राहत मिलती है, बल्कि यह एहसास भी होता है कि कोई उनकी परेशानी को समझ रहा है।


महिला मोर्चा की महिलाओं ने आगे बढ़कर किया सहयोग 
इस अभियान में झामुमो महिला मोर्चा की पूर्व जिलाध्यक्ष बाल्ही मार्डी की महत्वपूर्ण भूमिका रही। उनके नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने व्यवस्थित ढंग से पानी और ओआरएस का वितरण किया। बाल्ही मार्डी ने कहा कि भीषण गर्मी में गरीब और मेहनतकश वर्ग सबसे ज्यादा प्रभावित होता है, इसलिए उनके लिए ऐसे राहत कार्य बेहद जरूरी हैं। उन्होंने यह भी कहा कि आगे भी इस तरह के जनहित कार्य जारी रहेंगे।

नगर निगम से पियाऊ लगाने की मांग
कार्यक्रम के दौरान बाल्ही मार्डी ने मानगो नगर निगम से मांग की कि शहर के प्रमुख स्थानों पर पियाऊ (पानी के स्टॉल) लगाए जाएं। उन्होंने कहा कि गर्मी के इस मौसम में राहगीरों और छोटे व्यवसायियों के लिए पीने के पानी की सुविधा अत्यंत आवश्यक है। यदि जगह-जगह पियाऊ लगाए जाते हैं, तो इससे हजारों लोगों को राहत मिलेगी और लू जैसी समस्याओं से बचाव संभव होगा।


कार्यकर्ताओं ने भी जरूरतमंदों को राहत पहुंचाया 
इस राहत वितरण कार्यक्रम में कई स्थानीय कार्यकर्ता भी मौजूद रहे। उज्ज्वल दास, ललन पोद्दार, सूरज गौड़, विजय ठाकुर, उमेश महतो सहित अन्य लोगों ने सक्रिय रूप से हिस्सा लिया। सभी ने मिलकर जरूरतमंदों तक राहत सामग्री पहुंचाई और कार्यक्रम को सफल बनाया। कार्यकर्ताओं ने कहा कि समाज सेवा ही संगठन की असली पहचान है और वे आगे भी इसी भावना के साथ काम करते रहेंगे।

छोटे-छोटे प्रयास भी बड़े बदलाव ला सकते हैं
झामुमो का यह प्रयास न सिर्फ एक राहत कार्य था, बल्कि समाज के प्रति जिम्मेदारी का भी संदेश देता है। भीषण गर्मी के समय इस तरह के छोटे-छोटे प्रयास भी बड़े बदलाव ला सकते हैं। जरूरतमंद लोगों तक मदद पहुंचाना और उनकी समस्याओं को समझना ही असली जनसेवा है। इस पहल ने यह साबित कर दिया कि यदि इच्छाशक्ति हो, तो सीमित संसाधनों में भी लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाया जा सकता है।