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National News : साइबर अपराध के खिलाफ जागरूक करने वाला रील व शॉर्ट बनाइये और इनाम लेकर जाइये

 National News : तेजी से बढ़ते साइबर अपराध को रोकने और आम लोगों को जागरूक करने के लिए केंद्र सरकार ने एक अनोखी पहल शुरू की है। गृह मंत्रालय के अंतर्गत कार्यरत Indian Cyber Crime Coordination Centre (I4C) ने “नेशनल साइबर सेफ्टी अवेयरनेस कंटेंट क्रिएशन चैलेंज” लॉन्च किया है। इस अभियान के तहत छात्रों, डिजिटल क्रिएटर्स और आम नागरिकों को साइबर धोखाधड़ी पर आधारित रील और शॉर्ट वीडियो बनाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। खास बात यह है कि इस प्रतियोगिता की अंतिम तिथि अब बढ़ाकर 18 मई कर दी गई है, जिससे अधिक से अधिक लोग इसमें भाग ले सकें।


बढ़ते साइबर अपराध पर सरकार सख्त, चला रहा राष्ट्रीय अभियान
आज के डिजिटल युग में साइबर अपराध तेजी से आम लोगों को निशाना बना रहे हैं। ऑनलाइन बैंकिंग, यूपीआई पेमेंट और सोशल मीडिया के बढ़ते इस्तेमाल के साथ ठगी के मामले भी बढ़े हैं। इसी खतरे को देखते हुए गृह मंत्रालय ने Indian Cyber Crime Coordination Centre के माध्यम से यह राष्ट्रीय अभियान शुरू किया है। इसका मुख्य उद्देश्य है-लोगों को समय रहते जागरूक करना, ताकि वे ठगी का शिकार होने से बच सकें।


रील व शॉर्ट वीडियो से लोग होंगे जागरूक, घटनाओं पर लगेगा अंकुश
इस चैलेंज में भाग लेने वाले प्रतिभागियों को 30 से 60 सेकंड की रील या शॉर्ट वीडियो बनानी होगी। वीडियो का विषय साइबर अपराध और उससे बचाव होना चाहिए। सरकार का मानना है कि आज के दौर में सोशल मीडिया सबसे प्रभावी माध्यम है, खासकर युवाओं के बीच। इसलिए रचनात्मक और आकर्षक वीडियो के जरिए जागरूकता फैलाना ज्यादा असरदार साबित होगा।

इन चार साइबर अपराधों पर रहेगा खास फोकस
  • प्रतियोगिता में खास तौर पर चार प्रमुख प्रकार के साइबर अपराधों पर कंटेंट बनाने को कहा गया है:
  • डिजिटल अरेस्ट स्कैम: फर्जी पुलिस या एजेंसी बनकर लोगों को डराकर पैसे वसूलना
  • इन्वेस्टमेंट स्कैम: ज्यादा मुनाफा का लालच देकर ठगी करना
  • सेक्सटॉर्शन: निजी फोटो/वीडियो के जरिए ब्लैकमेल करना
  • केवाईसी अपडेट फ्रॉड: बैंक या कंपनी बनकर KYC के नाम पर जानकारी और पैसे ठगना
  • इन विषयों पर जागरूकता फैलाना बेहद जरूरी है, क्योंकि ज्यादातर लोग इन्हीं तरीकों से ठगी का शिकार हो रहे हैं।

जिला स्तर पर भी चलाया जायेगा जागरूकता अभियान
गृह मंत्रालय के निर्देश पर अब यह अभियान सिर्फ राष्ट्रीय स्तर तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि जिला स्तर पर भी इसे लागू किया जाएगा। जमशेदपुर समेत झारखंड के विभिन्न जिलों में प्रशासन और पुलिस को लोगों को जागरूक करने के निर्देश दिए गए हैं। स्कूल, कॉलेज और स्थानीय संगठनों के माध्यम से भी इस अभियान को व्यापक रूप दिया जाएगा।


विजेताओं को मिलेगा इनाम और राष्ट्रीय पहचान
इस प्रतियोगिता में भाग लेने वालों के लिए आकर्षक इनाम भी रखे गए हैं। चयनित प्रतिभागियों को ट्रॉफी, प्रमाण पत्र और राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलेगी। इससे न केवल युवाओं को अपनी प्रतिभा दिखाने का मौका मिलेगा, बल्कि वे समाज में एक सकारात्मक बदलाव लाने में भी योगदान दे सकेंगे। साइबर अपराध को रोकने के लिए अब युवाओं को भी आगे बढ़कर रोकने में अहम भूमिका अदा करना होगा. युवाओं को साबित करना होगा कि वे जबतक जगे रहेंगे तबतक किसी भी साइबर अपराध की नहीं चलेगी. साइबर अपराधी यदि डाल-डाल पर हैं तो युवा पात-पात पर हैं.

आम लोगों के लिए जरूरी सावधानियां
साइबर अपराध से बचने के लिए लोगों को कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखना चाहिए:
  • किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करें
  • बैंक या KYC से जुड़े कॉल/मैसेज पर तुरंत भरोसा न करें
  • OTP, पासवर्ड और निजी जानकारी किसी से साझा न करें
  • लालच देने वाले निवेश ऑफर से दूर रहें
  • किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत शिकायत करें
  • अगर आप साइबर अपराध का शिकार होते हैं, तो तुरंत राष्ट्रीय हेल्पलाइन 1930 पर कॉल करें या आधिकारिक पोर्टल पर शिकायत दर्ज करें।

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