Ad Code

Responsive Advertisement

Motivational News:राजधानी रांची में ‘एकम डायलॉग्स’ का भव्य आयोजन, लाइब्रेरी मैन संजय कच्छप हुए सम्मानित

Motivational News: राजधानी रांची के प्रतिष्ठित Radisson Blu Hotel Ranchi में 8 और 9 अप्रैल को सेंटर फॉर एनवायरनमेंट एंड एनर्जी डेवलपमेंट (CEED) द्वारा आयोजित “एकम डायलॉग्स - संवाद से निर्माण” कार्यक्रम में समाज के जमीनी बदलाव की नई कहानियां सामने आईं। इस कार्यक्रम में झारखंड, उड़ीसा, छत्तीसगढ़ और बिहार जैसे संसाधन संपन्न राज्यों के नीति निर्माता, विशेषज्ञ, सरकारी अधिकारी, पद्मश्री सम्मानित विभूतियां और चेंजमेकर्स एक मंच पर जुटे। आयोजन का मुख्य उद्देश्य जमीनी स्तर पर हो रहे नवाचारों और नीतिगत पहलों के बीच संवाद स्थापित करना था, जिससे सतत विकास और क्षेत्रीय मजबूती की दिशा में ठोस कदम उठाए जा सकें।


जमीनी बदलाव और नीतियों के बीच संवाद बना मुख्य विषय

कार्यक्रम के दौरान जलवायु अनुकूलन, सांस्कृतिक संरक्षण, स्थानीय अर्थव्यवस्था और युवा नेतृत्व जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर गहन चर्चा हुई। वक्ताओं ने इस बात पर जोर दिया कि नीतियां तभी प्रभावी होती हैं जब वे जमीनी वास्तविकताओं से जुड़ी हों। चेंजमेकर्स द्वारा किए जा रहे छोटे-छोटे प्रयास न केवल समाज में बदलाव ला रहे हैं, बल्कि नीति निर्माण की प्रक्रिया को भी प्रभावित कर रहे हैं। इस संवाद ने यह स्पष्ट किया कि समुदाय आधारित समाधान ही दीर्घकालिक विकास की कुंजी हैं।

27 चेंजमेकर्स को ‘एकम सम्मान’ से नवाजा गया

कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण झारखंड, उड़ीसा, छत्तीसगढ़ और बिहार के कुल 27 चेंजमेकर्स को “एकम सम्मान” से सम्मानित करना रहा। इन चेंजमेकर्स ने अपने-अपने क्षेत्रों में समाज के उत्थान के लिए उल्लेखनीय कार्य किए हैं। इन्हीं में से एक प्रमुख नाम लाइब्रेरी मैन Sanjay Kachhap का रहा, जिन्हें उनके प्रेरणादायक लाइब्रेरी अभियान के लिए सम्मानित किया गया। यह सम्मान उन्होंने पूर्व आईएफएस अधिकारी A. K. Rastogi के हाथों ग्रहण किया।

सुदूर गांवों में लाइब्रेरी अभियान से बदल रही तस्वीर

संजय कच्छप का लाइब्रेरी अभियान झारखंड के सुदूर गांवों में शिक्षा की नई रोशनी फैला रहा है। उन्होंने संवाद सत्र में बताया कि कैसे डिजिटल और सामुदायिक लाइब्रेरी बच्चों और युवाओं को शिक्षा से जोड़ने के साथ-साथ उन्हें नई तकनीकों से भी परिचित करा रही हैं। उन्होंने कहा कि कुछ वर्षों पहले तक जिन संसाधनों की कल्पना भी गांवों के बच्चे नहीं कर सकते थे, आज वही सुविधाएं उनके गांवों तक पहुंच रही हैं। इस पहल ने न केवल शिक्षा का स्तर सुधारा है, बल्कि युवाओं के आत्मविश्वास और भविष्य की संभावनाओं को भी मजबूत किया है।

प्रधानमंत्री के ‘मन की बात’ में भी मिल चुकी है सराहना

संजय कच्छप के इस अनूठे प्रयास की चर्चा देश के प्रधानमंत्री Narendra Modi ने अपने लोकप्रिय रेडियो कार्यक्रम Mann Ki Baat में भी की है। यह इस बात का प्रमाण है कि उनका कार्य केवल स्थानीय स्तर तक सीमित नहीं है, बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर भी प्रेरणा का स्रोत बन चुका है। उनके प्रयासों ने यह साबित कर दिया है कि सीमित संसाधनों के बावजूद दृढ़ इच्छाशक्ति से बड़ा बदलाव संभव है।

पद्मश्री विभूतियों की मौजूदगी ने बढ़ाया गौरव

इस आयोजन में देश के विभिन्न हिस्सों से आए कई पद्मश्री सम्मानित व्यक्तित्वों की उपस्थिति ने कार्यक्रम की गरिमा को और बढ़ाया। इनमें Anup Ranjan Pandey, Budhri Tanti, Phoolbasan Bai Yadav, Chami Murmu, Chhutni Mahato, Jamuna Tudu, Madhu Mansuri Hansmukh, Mahavir Nayak, Mukund Nayak, Damayanti Besra और Rajkumari Devi जैसे नाम शामिल रहे। इसके अलावा ‘वाटर मैन’ के नाम से प्रसिद्ध Rajendra Singh की उपस्थिति ने भी प्रतिभागियों को प्रेरित किया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि के रूप में रक्षा राज्य मंत्री Sanjay Seth भी मौजूद रहे।

इकोज ऑफ एकम’ कॉफी टेबल बुक का हुआ विमोचन

कार्यक्रम के दौरान “इकोज ऑफ एकम - सम्मान के स्वर” नामक कॉफी टेबल बुक का भी विमोचन किया गया। इस पुस्तक में चारों राज्यों के 27 चेंजमेकर्स की प्रेरक कहानियों को शामिल किया गया है। यह पुस्तक न केवल समाज में सकारात्मक बदलाव लाने वाले प्रयासों को उजागर करती है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों को भी प्रेरणा देती है। इसमें शामिल कहानियां यह दर्शाती हैं कि कैसे छोटे-छोटे प्रयास बड़े बदलाव की नींव बन सकते हैं।

समुदाय आधारित विकास की दिशा में एक मजबूत पहल

“एकम डायलॉग्स - संवाद से निर्माण” कार्यक्रम ने यह साबित किया कि जब नीति निर्माता, विशेषज्ञ और जमीनी स्तर पर काम करने वाले लोग एक मंच पर आते हैं, तो विकास की दिशा में ठोस और प्रभावी कदम उठाए जा सकते हैं। यह आयोजन केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि एक ऐसा मंच बनकर उभरा है, जहां से समाज में सकारात्मक परिवर्तन की नई राहें निकल रही हैं। संजय कच्छप जैसे चेंजमेकर्स इस बात का उदाहरण हैं कि समर्पण और नवाचार के माध्यम से समाज की तस्वीर बदली जा सकती है।

Post a Comment

0 Comments

Ad Code

Responsive Advertisement