Patamda News : किसी भी क्षेत्र के विकास और आम नागरिकों की प्रशासनिक सुविधाओं का मुख्य केंद्र उसका प्रखंड कार्यालय होता है। लेकिन यदि प्रखंड कार्यालय तक पहुंचने वाला मुख्य मार्ग ही जर्जर और जानलेवा हो जाए, तो आम जनता की परेशानी का सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है। पटमदा में पिछले कुछ समय से लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के कारण प्रखंड कार्यालय जाने वाली मुख्य सड़क की स्थिति अत्यंत ही दयनीय हो गई थी। सड़क के बीचो-बीच बने विशाल गड्ढे और जलजमाव लोगों के लिए मुसीबत का सबब बन चुके थे। हालांकि, अब स्थानीय समाजसेवी और प्रशासन की संयुक्त पहल से इस सड़क की मरम्मत कर दी गई है, जिससे आवागमन फिर से सुगम हो गया है।




बारिश के कारण जर्जर हो गयी थी सड़क

मानसून की लगातार बारिश ने पटमदा प्रखंड की कई सड़कों की सूरत बिगाड़ कर रख दी थी, जिनमें सबसे महत्वपूर्ण प्रखंड कार्यालय को जोड़ने वाली मुख्य सड़क थी। प्रखंड कार्यालय एक ऐसा स्थान है जहां प्रतिदिन सैकड़ों की संख्या में आम नागरिक, किसान, विद्यार्थी, जनप्रतिनिधि और सरकारी कर्मचारी विभिन्न कार्यों से आते हैं। विद्यार्थियों को जहां जाति, आय और आवासीय प्रमाण पत्र बनवाने आना होता है, वहीं बुजुर्ग और महिलाएं पेंशन और राशन संबंधी कार्यों के लिए कार्यालय पहुंचते हैं। लेकिन बारिश के कारण इस पूरी सड़क पर जगह-जगह बड़े और गहरे गड्ढे बन गए थे, जिनमें कीचड़ और पानी भरा रहता था। जलभराव के कारण दोपहिया वाहनों के फिसलने और पैदल चलने वालों के साथ दुर्घटनाओं की आशंका लगातार बनी हुई थी। कई बार लोगों के कपड़े कीचड़ से खराब हो जाते थे, जिससे उन्हें भारी मानसिक और शारीरिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा था।

समाजसेवी विश्वनाथ महतो ने समाधान की दिशा में कदम बढ़ाया

लोकतंत्र में एक जागरूक नागरिक और समाजसेवी की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है। जब आम जनता इस सड़क से गुजरते हुए प्रशासनिक व्यवस्था को कोस रही थी, तब स्थानीय समाजसेवी विश्वनाथ महतो ने केवल शिकायत करने के बजाय समाधान की दिशा में कदम बढ़ाया। उन्होंने जनहित से जुड़े इस अत्यंत गंभीर और संवेदनशील मुद्दे को गंभीरता से लिया। स्थिति की नजाकत को समझते हुए उन्होंने बिना किसी देरी के पटमदा के अंचलाधिकारी (सीओ) डॉ. राजेंद्र कुमार दास से संपर्क किया और उन्हें सड़क की वास्तविक स्थिति और उससे उत्पन्न हो रहे खतरों से अवगत कराया। महतो का यह कदम दर्शाता है कि यदि समाज का एक भी व्यक्ति जिम्मेदारी उठाए, तो बड़ी से बड़ी समस्या का हल निकाला जा सकता है।

अंचलाधिकारी ने बारीकी से गड्ढों व जलजमाव का निरीक्षण किया

सरकारी विभागों में अक्सर फाइलों के धीमी गति से चलने की शिकायतें मिलती हैं, लेकिन पटमदा के अंचलाधिकारी डॉ. राजेंद्र कुमार दास ने इस मामले में प्रशासनिक तत्परता की एक बेहतरीन मिसाल पेश की। समाजसेवी विश्वनाथ महतो से सूचना मिलते ही सीओ ने किसी कागजी औपचारिकता का इंतजार नहीं किया और स्वयं मौके पर पहुंच गए। उन्होंने समाजसेवी के साथ पूरी सड़क का बारीकी से निरीक्षण किया और गड्ढों की गहराई तथा जलजमाव का जायजा लिया। समस्या की गंभीरता को देखते हुए दोनों की साझा पहल पर तत्काल प्रभाव से सड़क के गहरे गड्ढों में स्टोन डस्ट (पत्थर की धूल/चूरा) गिरवाने का निर्णय लिया गया। कुछ ही घंटों के भीतर ट्रैक्टरों के माध्यम से स्टोन डस्ट मंगवाकर गड्ढों की भराई कराई गई और सड़क को समतल कर दिया गया, ताकि तत्काल रूप से दुर्घटनाओं को रोका जा सके।

स्टोन डस्ट डालकर सड़क को दुरस्त किया, लोगों को मिली राहत

इस मरम्मत कार्य के पूरा होते ही पटमदा प्रखंड कार्यालय आने-जाने वाले लोगों, स्थानीय नागरिकों और कर्मचारियों ने एक बड़ी राहत की सांस ली। जो सफर कल तक जोखिम भरा लग रहा था, वह स्टोन डस्ट बिछने के बाद काफी सुरक्षित और आसान हो गया है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन की इस त्वरित कार्रवाई की भूरि-भूरि प्रशंसा की है। समाजसेवी विश्वनाथ महतो ने अंचलाधिकारी डॉ. राजेंद्र कुमार दास की कार्यशैली की विशेष रूप से सराहना करते हुए कहा कि जनहित के मामलों का त्वरित समाधान ही एक कुशल प्रशासक की पहचान है। उन्होंने बताया कि डॉ. दास केवल सड़क ही नहीं, बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य और अन्य जनसुविधाओं से जुड़े मुद्दों पर भी हमेशा संवेदनशीलता और तत्परता के साथ कार्य करते हैं। उनकी इसी कार्यप्रणाली के कारण आम लोगों का प्रशासन के प्रति विश्वास और भी मजबूत हुआ है।

स्थायी समाधान के लिए पक्की सड़क बनाने की मांग

स्टोन डस्ट डालकर सड़क को फिलहाल चलने योग्य बना दिया गया है और तात्कालिक रूप से समस्या का शमन हो गया है, लेकिन स्थानीय लोग और समाजसेवी यह भली-भांति जानते हैं कि यह एक अस्थायी व्यवस्था है। तेज बारिश होने पर स्टोन डस्ट के बह जाने की संभावना बनी रहती है। इसलिए समाजसेवी विश्वनाथ महतो और स्थानीय नागरिकों ने पथ निर्माण या ग्रामीण कार्य विभाग से मांग की है कि इस सड़क का जल्द से जल्द एक स्थायी और गुणवत्तापूर्ण निर्माण कराया जाए। पक्की सड़क और उचित जल निकासी की व्यवस्था होने से ही इस समस्या का दीर्घकालीन समाधान हो सकेगा। आम जनता ने प्रशासन से अपील की है कि मानसून के बाद एक ठोस कार्ययोजना बनाकर इस सड़क का पक्कीकरण सुनिश्चित किया जाए, ताकि भविष्य में कभी भी ग्रामीणों को ऐसी जानलेवा स्थिति और परेशानियों का सामना न करना पड़े।