Jamshedpur News: भारतीय गोवंश रक्षण, संवर्धन परिषद तथा विश्व हिंदू परिषद के गौ रक्षा विभाग के विधि प्रकोष्ठ की ओर से पूर्वी सिंहभूम के वरीय आरक्षी अधीक्षक को एक ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन में जिले के विभिन्न क्षेत्रों में कथित रूप से बढ़ रही गोकशी और गोवंश तस्करी पर रोक लगाने की मांग की गई। संगठन के पदाधिकारियों ने कहा कि बकरीद पर्व को देखते हुए प्रशासन को पहले से सतर्क रहने की आवश्यकता है ताकि किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधियों पर नियंत्रण रखा जा सके। ज्ञापन सौंपने के दौरान बड़ी संख्या में संगठन के पदाधिकारी, अधिवक्ता और कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

शहर के विभिन्न क्षेत्रों में विशेष निगरानी की मांग
संगठन की ओर से सौंपे गए ज्ञापन में जमशेदपुर के विभिन्न इलाकों में विशेष निगरानी की मांग की गई। इसमें मानगो, आजाद नगर, बारीनगर (टेल्को), जुगसलाई और हल्दीपोखर (कोवाली) जैसे क्षेत्रों का उल्लेख किया गया। संगठन के प्रतिनिधियों का आरोप था कि इन इलाकों में बड़े पैमाने पर गोकशी और गोवंश को जमा करने की गतिविधियां चल रही हैं। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि बकरीद पर्व से पूर्व इन क्षेत्रों में सघन जांच अभियान चलाया जाए तथा कुर्बानी और अवैध हत्या के उद्देश्य से लाए जा रहे गोवंश को मुक्त कराया जाए। संगठन ने कहा कि कानून के अनुसार गोवंश संरक्षण सुनिश्चित करना प्रशासन की जिम्मेदारी है।

सीमावर्ती क्षेत्रों से हो रही तस्करी पर जताई चिंता
ज्ञापन में पश्चिम बंगाल और ओडिशा से सटे सीमावर्ती इलाकों में गोवंश तस्करी के मुद्दे को भी प्रमुखता से उठाया गया। संगठन के अनुसार गालूडीह, घाटशिला, धालभूमगढ़, श्यामसुंदरपुर, चाकुलिया, बहरागोड़ा, बारसोल, डुमरिया, गुड़ाबांधा और मुसाबनी जैसे थाना क्षेत्रों से होकर बड़े पैमाने पर गोवंश की तस्करी की जा रही है। संगठन ने आरोप लगाया कि झारखंड के रास्ते पश्चिम बंगाल तक गोवंश को हत्या के उद्देश्य से भेजा जाता है। प्रतिनिधियों ने मांग की कि इन क्षेत्रों में पुलिस और प्रशासन की संयुक्त टीम बनाकर लगातार निगरानी की जाए तथा अवैध पशु परिवहन में शामिल लोगों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए।

प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की चुप्पी पर नाराजगी
ज्ञापन सौंपने के दौरान संगठन के नेताओं ने क्षेत्र में कथित गौ हत्या और तस्करी को लेकर जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों की चुप्पी पर गंभीर चिंता और नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि यदि समय रहते प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई तो अवैध गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा और सामाजिक तनाव की स्थिति उत्पन्न हो सकती है। संगठन के प्रतिनिधियों ने कहा कि कानून का पालन सुनिश्चित करना प्रशासन का दायित्व है। उन्होंने मांग की कि गौ तस्करी और अवैध पशु कटान से जुड़े मामलों की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाए।

संगठन ने आंदोलन करने की दी चेतावनी
संगठन के पदाधिकारियों ने कहा कि यदि पशु तस्करों और अवैध गतिविधियों में शामिल लोगों के खिलाफ जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो बकरीद पर्व से पहले आंदोलन करने पर विचार किया जाएगा। उन्होंने कहा कि गौ संरक्षण को लेकर समाज के लोगों में व्यापक चिंता है और प्रशासन को इस विषय को गंभीरता से लेना चाहिए। संगठन ने यह भी स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य कानून के दायरे में रहकर गौ संरक्षण के लिए आवाज उठाना है। उन्होंने प्रशासन से शांति और कानून व्यवस्था बनाए रखते हुए आवश्यक कदम उठाने की मांग की।

कई पदाधिकारी और अधिवक्ता भी रहे उपस्थित
ज्ञापन सौंपने के दौरान संगठन के कई वरिष्ठ पदाधिकारी, अधिवक्ता और कार्यकर्ता मौजूद थे। इनमें प्रदेश अध्यक्ष सुजीत साहू, प्रांत सह मंत्री गब्बू लाल जायसवाल, विधि प्रमुख दीपक शर्मा, विधि सह प्रमुख सुशील शर्मा सहित कई अधिवक्ता और सामाजिक कार्यकर्ता शामिल थे। इसके अलावा गोरक्षा विभाग के वरिष्ठ पदाधिकारी रत्नेश सिंह, महानगर उपाध्यक्ष गोपी राव, संतोष वर्मा, उत्तम दास, घाटशिला ग्रामीण जिला के सह गोरक्षा प्रमुख नवीन सिंह सरदार, जमशेदपुर महानगर गोरक्षा प्रमुख मनीष कुमार तथा अन्य कार्यकर्ता भी कार्यक्रम में उपस्थित रहे। सभी ने प्रशासन से गोवंश तस्करी और अवैध गोकशी पर प्रभावी रोक लगाने की मांग दोहराई।