Jamshedpur News: पोटका विधायक संजीव सरदार ने पोटका प्रखंड के शिक्षकों और शिक्षिकाओं की जनगणना ड्यूटी को लेकर पूर्वी सिंहभूम के उपायुक्त से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने शिक्षकों की ड्यूटी जमशेदपुर क्षेत्र में लगाए जाने पर चिंता व्यक्त करते हुए इसे पोटका प्रखंड में ही निर्धारित करने की मांग की। विधायक ने कहा कि इस मुद्दे को लेकर लगातार ग्रामीणों, अभिभावकों और जनप्रतिनिधियों की शिकायतें मिल रही हैं। उन्होंने प्रशासन से आग्रह किया कि शिक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए शिक्षकों की तैनाती स्थानीय स्तर पर की जाए ताकि विद्यालयों में पढ़ाई बाधित न हो।

ग्रामीण विद्यालयों की पढ़ाई प्रभावित होने की आशंका
विधायक संजीव सरदार ने कहा कि पोटका प्रखंड के कई शिक्षकों की ड्यूटी जनगणना कार्य के लिए जमशेदपुर में लगा दी गई है। इससे गांवों के स्कूलों में शिक्षकों की कमी उत्पन्न होने की संभावना बढ़ गई है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यालय पहले से ही संसाधनों और शिक्षकों की कमी से जूझ रहे हैं, ऐसे में शिक्षकों को दूसरे क्षेत्र में भेजने से पठन-पाठन व्यवस्था पर सीधा असर पड़ेगा। उन्होंने प्रशासन को बताया कि विद्यालयों में नियमित कक्षाएं प्रभावित होने से छात्रों की पढ़ाई कमजोर होगी और इसका सबसे अधिक असर ग्रामीण तथा आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों पर पड़ेगा।

प्रधानाध्यापकों को भी मिली बाहरी ड्यूटी
विधायक ने इस बात पर भी चिंता जताई कि पोटका प्रखंड के कई विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों को भी जमशेदपुर क्षेत्र में जनगणना ड्यूटी सौंपी गई है। उन्होंने कहा कि प्रधानाध्यापक विद्यालय संचालन की मुख्य कड़ी होते हैं और उनकी अनुपस्थिति में स्कूल की प्रशासनिक एवं शैक्षणिक गतिविधियां प्रभावित हो सकती हैं। संजीव सरदार ने कहा कि यदि प्रधानाध्यापक लंबे समय तक विद्यालय से बाहर रहेंगे तो छात्रों की पढ़ाई के साथ-साथ विद्यालय प्रबंधन पर भी प्रतिकूल असर पड़ेगा। उन्होंने प्रशासन से इस विषय को गंभीरता से लेने की अपील की।

स्थानीय स्तर पर ड्यूटी लगाने की मांग
विधायक ने उपायुक्त से मांग की कि पोटका प्रखंड के शिक्षकों एवं शिक्षिकाओं की जनगणना ड्यूटी पोटका क्षेत्र में ही लगाई जाए। उनका कहना है कि स्थानीय शिक्षक अपने क्षेत्र की भौगोलिक और सामाजिक परिस्थितियों से परिचित होते हैं, इसलिए वे जनगणना कार्य को भी बेहतर ढंग से पूरा कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि यदि शिक्षकों की ड्यूटी स्थानीय स्तर पर लगाई जाएगी तो शिक्षा व्यवस्था भी सामान्य बनी रहेगी और सरकारी कार्य भी सुचारु रूप से संपन्न हो सकेगा। इससे शिक्षकों को अनावश्यक दूरी तय करने की परेशानी से भी राहत मिलेगी।

ग्रामीणों और अभिभावकों में नाराजगी
संजीव सरदार ने कहा कि इस मुद्दे को लेकर ग्रामीणों और अभिभावकों में भारी नाराजगी देखी जा रही है। लोगों का मानना है कि गांव के स्कूलों में पहले ही सीमित शिक्षक हैं और उन्हें दूसरे क्षेत्र में भेजना उचित नहीं है। ग्रामीणों को डर है कि इससे बच्चों की नियमित पढ़ाई बाधित हो सकती है।
विधायक ने कहा कि उन्होंने जनता की भावनाओं और समस्याओं को प्रशासन तक पहुंचाने का कार्य किया है। उन्होंने उम्मीद जताई कि प्रशासन जल्द इस मामले पर सकारात्मक निर्णय लेगा ताकि क्षेत्र में जनआक्रोश की स्थिति उत्पन्न न हो।

शिक्षा व्यवस्था बनाए रखने पर दिया जोर
विधायक ने स्पष्ट कहा कि शिक्षा किसी भी समाज के विकास की सबसे महत्वपूर्ण आधारशिला है और इसे किसी भी परिस्थिति में प्रभावित नहीं होने देना चाहिए। उन्होंने प्रशासन से आग्रह किया कि जनगणना जैसे महत्वपूर्ण कार्यों के साथ-साथ शिक्षा व्यवस्था की निरंतरता भी सुनिश्चित की जाए।
उन्होंने कहा कि यदि समय रहते उचित निर्णय लिया गया तो पोटका प्रखंड के विद्यालयों में शैक्षणिक वातावरण सामान्य बना रहेगा और छात्रों की पढ़ाई पर कोई नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ेगा। विधायक ने उपायुक्त से इस मामले में शीघ्र आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की।