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Jharkhand Andolankari : विधायक सविता महतो ने 112 झारखंड आंदोलनकारियों को प्रमाण पत्र प्रदान किया

 Jharkhand Andolankari : झारखंड अलग राज्य की लड़ाई में अपना सर्वस्व न्योछावर करने वाले वीरों के सम्मान में शनिवार को ईचागढ़ प्रखंड सभागार में एक भव्य और भावुक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। ईचागढ़ की विधायक सविता महतो ने इस अवसर पर प्रखंड क्षेत्र के 112 चिह्नित झारखंड आंदोलनकारियों के बीच आधिकारिक प्रमाण पत्रों का वितरण किया। यह कार्यक्रम केवल एक सरकारी औपचारिकता नहीं थी, बल्कि उन संघर्षशील चेहरों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का एक मंच था, जिन्होंने दशकों तक अलग राज्य की मांग को लेकर लाठियां खाईं और जेल की सलाखों के पीछे वक्त गुजारा। सभागार में जब आंदोलनकारियों के नाम पुकारे जा रहे थे, तब वहां मौजूद लोगों की तालियों ने उस दौर के संघर्ष की यादें ताजा कर दीं।




प्रमाण पत्र नहीं, यह स्वाभिमान का दस्तावेज है

वितरण समारोह को संबोधित करते हुए विधायक सविता महतो ने कहा कि ये प्रमाण पत्र महज कागज के टुकड़े नहीं हैं, बल्कि यह उन कठिन दिनों की गवाही हैं जब झारखंड की मिट्टी अपने हक के लिए पुकार रही थी। उन्होंने जोर देकर कहा कि झारखंड राज्य का निर्माण किसी खैरात में नहीं मिला है, बल्कि यह इन आंदोलनकारियों के वर्षों के त्याग, बलिदान और अडिग संकल्प का परिणाम है। यह दस्तावेज आने वाली पीढ़ियों को यह बताएगा कि उनके पूर्वजों ने किस तरह एक अलग पहचान और अधिकारों के लिए लंबी लड़ाई लड़ी थी।

आंदोलनकारियों का योगदान अतुलनीय: विधायक ने जताया आभार

विधायक ने अपने संबोधन में शहीद रघुनाथ महतो, निर्मल महतो और अन्य महापुरुषों के सपनों का जिक्र करते हुए कहा कि आज जो हम अलग झारखंड की विधानसभा और प्रशासनिक ढांचे को देख रहे हैं, उसकी नींव इन्हीं आंदोलनकारियों ने अपने खून-पसीने से रखी है। उनके योगदान की तुलना किसी भी भौतिक वस्तु से नहीं की जा सकती। उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य की वर्तमान सरकार आंदोलनकारियों को वह सम्मान दिलाने के लिए पूरी तरह गंभीर है, जिसके वे हकदार हैं। उनके मान-सम्मान और अधिकारों की रक्षा करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

प्रोटोकॉल तोड़ बीमार आंदोलनकारी के पास पहुंचीं विधायक

कार्यक्रम के दौरान एक अत्यंत भावुक क्षण तब आया जब पता चला कि एक चिह्नित आंदोलनकारी शारीरिक अस्वस्थता के कारण प्रखंड कार्यालय के ऊपरी तल पर स्थित हॉल तक पहुँचने में असमर्थ हैं। जैसे ही विधायक सविता महतो को इस बात की जानकारी मिली, उन्होंने तुरंत संवेदनशीलता का परिचय दिया। वे स्वयं चलकर उस अस्वस्थ आंदोलनकारी के पास पहुँचीं और उन्हें ससम्मान प्रमाण पत्र सौंपा। विधायक के इस आत्मीय व्यवहार ने वहां मौजूद सभी लोगों का दिल जीत लिया और यह संदेश दिया कि सम्मान पद का नहीं, बल्कि संघर्ष का होता है।

राज्य सरकार की प्रतिबद्धता और भविष्य की योजनाएं

सविता महतो ने कार्यक्रम में मौजूद अधिकारियों और जनता को आश्वस्त किया कि चिह्नित आंदोलनकारियों के लिए पेंशन, स्वास्थ्य सुविधाएं और अन्य सरकारी लाभों को सुलभ बनाने की दिशा में निरंतर कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि कोई भी वास्तविक आंदोलनकारी सम्मान से वंचित न रहे। उन्होंने प्रशासनिक अधिकारियों को निर्देश दिया कि आंदोलनकारियों की समस्याओं का त्वरित निष्पादन किया जाए ताकि उन्हें वृद्धावस्था में किसी भी प्रकार की कठिनाई का सामना न करना पड़े।

समारोह में कई प्रशासनित अधिकारियों ने किया शिरकत

प्रमाण पत्र वितरण समारोह में प्रशासन और संगठन के प्रमुख चेहरों ने शिरकत की। कार्यक्रम की गरिमा बढ़ाने के लिए जिला परिषद सदस्य ज्योति लाल मांझी, अंचलाधिकारी दीपक प्रसाद और प्रखंड विकास पदाधिकारी एकता वर्मा विशेष रूप से उपस्थित थे। उन्होंने भी आंदोलनकारियों के साथ संवाद किया और उन्हें प्रमाण पत्र प्राप्त करने पर बधाई दी। प्रशासनिक अधिकारियों ने भरोसा दिलाया कि चिन्हितिकरण की प्रक्रिया को पारदर्शी बनाया गया है ताकि पात्र लोगों को उनका हक समय पर मिल सके।

झामुमो और स्थानीय कार्यकर्ताओं का उत्साह

कार्यक्रम को सफल बनाने में झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के स्थानीय पदाधिकारियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा। झामुमो केंद्रीय सदस्य काबलू महतो, प्रखंड अध्यक्ष निताई उरांव, सपन सिंहदेव, किशुन किस्कू और अमित सिन्हा सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लिया। कार्यकर्ताओं ने इसे "शहीदों के सपनों का झारखंड" बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम बताया। गांव-गांव से आए आंदोलनकारियों के चेहरों पर प्रमाण पत्र पाकर जो संतोष दिखा, वह इस आयोजन की सबसे बड़ी सफलता रही।

शहीदों के सपनों को धरातल पर उतारने का संकल्प

ईचागढ़ का यह समारोह इस संकल्प के साथ संपन्न हुआ कि केवल प्रमाण पत्र देना ही अंतिम लक्ष्य नहीं है। असली सम्मान तब होगा जब झारखंड के हर गरीब, आदिवासी और मूलवासी के चेहरे पर मुस्कान होगी। विधायक सविता महतो ने अंत में सभी आंदोलनकारियों के उज्ज्वल भविष्य और उत्तम स्वास्थ्य की कामना की। उन्होंने आह्वान किया कि राज्य के नवनिर्माण में हम सभी को उसी एकजुटता की आवश्यकता है, जो अलग राज्य आंदोलन के समय देखी गई थी। यह कार्यक्रम क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है और आंदोलनकारियों के परिवारों में हर्ष का माहौल है।


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