Jamshedpur News: झारखंड के पूर्वी सिंहभूम जिले के जमशेदपुर प्रखंड अंतर्गत
नियमों को ताक पर रखकर पद हथियाने का आरोप
वर्ष 2022 के पंचायत चुनाव में पलासबनी पंचायत की सीट संख्या 67 अनुसूचित जनजाति (ST) के लिए आरक्षित थी। आरोप है कि भारत राम लोहरा ने गलत तरीके से जाति प्रमाण-पत्र बनवाकर इस आरक्षित सीट से चुनाव लड़ा और जीत हासिल की। ग्रामीणों का कहना है कि श्री लोहरा इस क्षेत्र के मूल खतियानधारी नहीं हैं। झारखंड सरकार के नियमों के स्पष्ट प्रावधान है कि अनुसूचित जनजाति का लाभ प्राप्त करने के लिए परिवार का 06 सितंबर 1950 से पूर्व का स्थायी निवास होना चाहिए या 1964 के खतियान में नाम दर्ज होना अनिवार्य है। भारत राम लोहरा द्वारा प्रस्तुत प्रमाण-पत्र (संख्या JHCST/2022/194655) इन मानकों पर खरा नहीं उतरता, जो सीधे तौर पर संवैधानिक अधिकारों का उल्लंघन है।
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जाति छिपाकर खुद को अनुसूचित जनजाति का सदस्य बताया
ज्ञापन में स्पष्ट रूप से उल्लेख किया गया है कि भरत राम लोहरा का वास्तविक संबंध इबीसी-1श्रेणी से है। ग्रामीणों का आरोप है कि अपनी असली जाति छिपाकर उन्होंने खुद को अनुसूचित जनजाति का सदस्य बताया ताकि वे आरक्षित चुनावी सीट का लाभ उठा सकें। यह न केवल प्रशासनिक धोखाधड़ी है, बल्कि उस समुदाय के साथ भी अन्याय है जिसके लिए वह सीट आरक्षित की गई थी। ग्रामीणों ने प्रशासन को बताया कि इस फर्जीवाड़े की वजह से एक अयोग्य व्यक्ति जन-प्रतिनिधि के रूप में कार्यरत है, जिससे पंचायत के वास्तविक विकास कार्यों में बाधा आ रही है।
ग्रामीणों ने सरकारी जमीनों की अवैध बंदोबस्ती समेत अन्य आरोप लगाये
शिकायत केवल फर्जी जाति प्रमाण-पत्र तक ही सीमित नहीं है। ग्रामीणों ने भारत राम लोहरा पर पद का दुरुपयोग कर सरकारी संपत्तियों को नुकसान पहुंचाने के भी आरोप लगाए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने अपने प्रभाव का इस्तेमाल कर क्षेत्र की कई सरकारी जमीनों की अवैध रूप से बंदोबस्ती अपने और अपने परिजनों के नाम पर करवायी है। इसके अलावा, ज्ञापन में यह भी दावा किया गया है कि श्री लोहरा क्षेत्र में अवैध शराब के निर्माण और उसकी सप्लाई के कारोबार में भी संलिप्त हैं। उनके खिलाफ पूर्व में भी विभिन्न न्यायालयों में कई केस और शिकायतें दर्ज होने की बात सामने आयी है।
अंचल कार्यालय के कर्मचारियों पर मिलीभगत करने का आरोप
इस पूरे मामले में ग्राम सभा ने उन अधिकारियों को भी कटघरे में खड़ा किया है जिन्होंने इस प्रमाण-पत्र की जांच की थी। आरोप लगाया गया है कि संबंधित राजस्व उप निरीक्षक और अंचल निरीक्षक ने बिना किसी ठोस दस्तावेज और जमीनी हकीकत की जांच किए गलत रिपोर्ट प्रस्तुत की, जिसके आधार पर यह फर्जी जाति प्रमाण-पत्र जारी हुआ। ग्रामीणों ने मांग की है कि इन अधिकारियों की भूमिका की भी जांच की जानी चाहिए और यदि वे दोषी पाये जाते हैं, तो उनके विरुद्ध भी विभागीय कार्रवाई सुनिश्चित की जाये।
डीसी से मामले पर अविलंब हस्तक्षेप कर तत्काल कार्रवाई की मांग
प्रतिनिधिमंडल ने उपायुक्त से मांग की है कि भारत राम लोहरा का जाति प्रमाण-पत्र तत्काल प्रभाव से रद्द किया जाए। इसके साथ ही, उन्हें पंचायत समिति सदस्य के पद से बर्खास्त कर उनके द्वारा की गई सभी सरकारी जमीनों की अवैध बंदोबस्ती को निरस्त किया जाये। ज्ञापन सौंपने के दौरान ग्राम प्रधान विद्याधर सिंह, मुखिया प्रतिनिधि सुफल सिंह, पूर्व मुखिया जगदीश सिंह, उप मुखिया जोगेंद्र भगत, हरमोहन सिंह, पूजा कार्मकार, मीना लोहार, आशा लोहार, संकुतला करमाकार, पुर्णिमा कार्मकार, दुखू मार्डी, जय सिंह भूमिज, बसंती सिंह, बुद्धेश्वरी सिंह, रजनी सिंह और भारी संख्या में अन्य ग्रामीण उपस्थित थे।
पद का दुरुपयोग करने वाले व्यक्ति को तुरंत हटाया जाये: सुफल सिंह

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