Jamshedpur news: उपायुक्त राजीव रंजन के विशेष दिशा-निर्देशों के अनुपालन में, जिला समाहरणालय में 'जन शिकायत निवारण दिवस' का गरिमामय आयोजन किया गया। इस पहल का मुख्य उद्देश्य शासन और जनता के बीच की दूरी को कम करना तथा नागरिकों की समस्याओं का एक ही छत के नीचे त्वरित समाधान सुनिश्चित करना है। समाहरणालय परिसर में आयोजित इस कार्यक्रम में जिले के विभिन्न दूर-दराज के ग्रामीण क्षेत्रों और शहरी वार्डों से बड़ी संख्या में लोग अपनी समस्याओं को लेकर पहुंचे। प्रशासनिक तत्परता को देखते हुए यह आयोजन स्थानीय नागरिकों के लिए उम्मीद की एक नई किरण बनकर उभरा है।




उप विकास आयुक्त ने सुनीं नागरिकों की व्यथा
उपायुक्त की अनुपस्थिति में उप विकास आयुक्त नागेंद्र पासवान ने कमान संभाली और जन-सुनवाई की अध्यक्षता की। उन्होंने संवेदनशीलता का परिचय देते हुए एक-एक कर सभी नागरिकों से मुलाकात की और उनकी शिकायतों को धैर्यपूर्वक सुना। श्री पासवान ने न केवल आवेदनों को स्वीकार किया, बल्कि मौके पर मौजूद नागरिकों से संवाद कर उनकी समस्याओं की जमीनी हकीकत को भी समझने का प्रयास किया। उन्होंने उपस्थित जनसमूह को आश्वस्त किया कि प्रशासन उनकी हर वैध मांग और समस्या के प्रति गंभीर है और न्यायपूर्ण कार्रवाई उनकी प्राथमिकता है।


गंभीर स्वास्थ्य और शिक्षा संबंधी मांगों पर विशेष ध्यान
इस जन-सुनवाई के दौरान कुछ अत्यंत संवेदनशील मामले सामने आए। एक परिवार ने अपने थैलेसीमिया पीड़ित बच्चे के उपचार हेतु सरकारी आर्थिक सहायता की गुहार लगाई, जिस पर उप विकास आयुक्त ने तत्काल संबंधित विभाग को फाइल आगे बढ़ाने का निर्देश दिया। इसके अतिरिक्त, शिक्षा के अधिकार के तहत निजी विद्यालयों में बीपीएल (BPL) कोटा के अंतर्गत बच्चों के नामांकन में आ रही बाधाओं से संबंधित आवेदन भी प्राप्त हुए। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि शिक्षा के अधिकार का उल्लंघन करने वाले संस्थानों पर कड़ी नजर रखी जा रही है और पात्र बच्चों को उनका हक दिलाया जाएगा।

सामाजिक सुरक्षा और बुनियादी सुविधाओं से जुड़े मुद्दे
जन-सुनवाई में सामाजिक और ढांचागत समस्याओं की भी भरमार रही। नागरिकों ने मुख्य रूप से निम्नलिखित मुद्दों पर आवेदन सौंपे:

  • गांवों में अवैध शराब की बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने और सामाजिक बहिष्कार जैसे अमानवीय कृत्यों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की मांग।
  • सार्वजनिक कुओं और चापाकलों के जल को प्रदूषित किए जाने की शिकायतें, जिससे स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ रहा है।
  • पेंशन स्वीकृति के लंबित मामले और प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना के तहत ऋण उपलब्ध कराने हेतु आवेदन।
  • ट्रेड लाइसेंस निर्गमन में देरी और घरेलू विवादों से जुड़े मामले।

पदाधिकारियों को समयबद्ध और पारदर्शी कार्रवाई के निर्देश
प्राप्त आवेदनों के त्वरित निष्पादन के लिए उप विकास आयुक्त ने मौके पर उपस्थित विभिन्न विभागीय पदाधिकारियों को कड़े निर्देश जारी किए। उन्होंने कहा कि केवल आवेदन प्राप्त करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उन पर समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से कार्रवाई होनी चाहिए। श्री पासवान ने सख्त लहजे में चेतावनी दी कि जनसमस्याओं के समाधान में किसी भी स्तर पर बरती गई लापरवाही अक्षम्य होगी। प्रत्येक विभाग को निर्देश दिया गया कि वे आवेदनों की जांच कर निर्धारित समय सीमा के भीतर कृत कार्रवाई की रिपोर्ट जिला मुख्यालय को सौंपें।


जनसेवा के प्रति जिला प्रशासन की प्रतिबद्धता
अंत में, उप विकास आयुक्त ने दोहराया कि जिला प्रशासन आम नागरिकों की सेवा और उनके जीवन स्तर में सुधार के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि सुशासन तभी संभव है जब अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति की आवाज सुनी जाए। सभी विभागों को आपस में बेहतर समन्वय स्थापित करने का निर्देश दिया गया ताकि जटिल से जटिल समस्याओं का समाधान सुलभ हो सके। इस आयोजन ने न केवल जनता की शिकायतों का पंजीकरण किया, बल्कि सरकारी मशीनरी को जवाबदेह बनाने की दिशा में भी एक मजबूत कदम उठाया है।