Lugu Murmu Tribal School: औद्योगिक नगरी जमशेदपुर की प्रमुख कंपनी टीएसडीपीएल (TSDPL) ने एक बार फिर अपनी सामाजिक जिम्मेदारी का परिचय देते हुए शिक्षा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है। शनिवार को पूर्वी सिंहभूम जिले के पोटका प्रखंड अंतर्गत भाटिन स्थित 'लुगू मुर्मू रेजिडेंशियल ट्राइबल स्कूल' में एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यालय में रहकर पढ़ाई कर रहे 260 जनजातीय बच्चों के लिए बेहतर पोषण सुनिश्चित करना था। कंपनी ने अपने सीएसआर (कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी) मद से बच्चों के लिए राशन और अन्य आवश्यक खाद्य सामग्री उपलब्ध कराई, जो इन बच्चों के दैनिक जीवन की एक बड़ी जरूरत को पूरा करेगा।
कोल्हान के दूरस्थ ग्रामीण बच्चों के लिए आशा की किरण
लुगू मुर्मू रेजिडेंशियल ट्राइबल स्कूल केवल एक शैक्षणिक संस्थान नहीं है, बल्कि यह उन बच्चों के लिए घर जैसा है जिनके पास सिर छुपाने के लिए छत या दो वक्त की रोटी का अभाव है। यहाँ कोल्हान प्रमंडल के अत्यंत सुदूर और पिछड़े ग्रामीण इलाकों से बच्चे आते हैं। इनमें से बड़ी संख्या उन बच्चों की है जो आर्थिक रूप से बेहद विपन्न हैं या जिन्होंने अपने माता-पिता को खो दिया है। अनाथ और बेसहारा बच्चों के लिए यह आवासीय विद्यालय शिक्षा के साथ-साथ आवास और सुरक्षा का एक महत्वपूर्ण स्तंभ बना हुआ है, जहाँ उन्हें समाज की मुख्यधारा से जुड़ने का अवसर मिल रहा है।
TSDPL के सहयोग से बच्चों को राशन मुहैया कराया
शनिवार को आयोजित इस वितरण समारोह में बच्चों को उनकी जरूरत के अनुसार विविध खाद्य सामग्री प्रदान की गई। वितरण सूची में मुख्य रूप से चावल, दाल, तेल, चूड़ा और मसाले सहित कई अन्य आवश्यक वस्तुएं शामिल थीं। यह सहयोग उस समय आया है जब ग्रामीण क्षेत्रों में महंगाई और संसाधनों की कमी के कारण आवासीय विद्यालयों का संचालन एक बड़ी चुनौती बना हुआ है। टीएसडीपीएल के इस प्रयास से स्कूल प्रबंधन को भी बड़ी राहत मिली है, जिससे वे अब बच्चों की पढ़ाई और अन्य गतिविधियों पर बेहतर ढंग से ध्यान केंद्रित कर सकेंगे।
बच्चों के साथ संवाद कर उनकी कठिनाइयों को समझने का किया प्रयास
कार्यक्रम का सफल संचालन विद्यालय के संचालक रामो सोरेन और सचिव प्रो. लखाई बास्के की देखरेख में हुआ। इस अवसर पर जिला मुखिया संघ के अध्यक्ष कान्हू मुर्मू ने कार्यक्रम का नेतृत्व करते हुए बच्चों का उत्साहवर्धन किया। टीएसडीपीएल की ओर से प्रतिनिधि गौरव बनर्जी और कलामंदिर संस्था के विश्वरूप चटर्जी विशेष रूप से उपस्थित रहे। इन प्रतिनिधियों ने बच्चों से संवाद किया और उनकी कठिनाइयों को समझने का प्रयास किया। कलामंदिर जैसी संस्थाओं का साथ मिलना इस बात का प्रमाण है कि कला और उद्योग जगत मिलकर सामाजिक बदलाव के लिए तत्पर हैं।
सामूहिक जिम्मेदारी से संवरेगा बच्चों का भविष्य : कान्हू मुर्मू
समारोह को संबोधित करते हुए जिला मुखिया संघ के अध्यक्ष कान्हू मुर्मू ने मर्मस्पर्शी बातें कहीं। उन्होंने कहा कि लुगू मुर्मू स्कूल जैसे संस्थान समाज के सबसे अंतिम व्यक्ति तक शिक्षा पहुँचाने का कार्य कर रहे हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि अनाथ और गरीब परिवारों से आने वाले ये बच्चे केवल परिवार का नहीं, बल्कि पूरे समाज और राष्ट्र का भविष्य हैं। कान्हू मुर्मू ने टीएसडीपीएल की प्रशंसा करते हुए कहा कि निजी कंपनियों का इस तरह आगे आना प्रेरणादायक है। उन्होंने आह्वान किया कि समाज के समर्थ लोगों को इन बच्चों के पोषण और देखभाल की सामूहिक जिम्मेदारी लेनी चाहिए ताकि कोई भी बच्चा संसाधनों के अभाव में शिक्षा से वंचित न रहे।
शिक्षा का उजियारा के लिए सहयोग में बढ़ाया कदम
जब कॉर्पोरेट जगत और स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ता एक साथ आते हैं, तो धरातल पर बड़े बदलाव संभव हैं। टीएसडीपीएल का यह सहयोग केवल राशन वितरण तक सीमित नहीं है, बल्कि यह उन 260 बच्चों के आत्मविश्वास को बढ़ाने का एक जरिया भी है। इससे उन्हें यह महसूस होता है कि समाज उनके साथ खड़ा है। विद्यालय के शिक्षकों और संचालकों ने इस सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया और आशा जताई कि भविष्य में भी इस तरह के प्रयास जारी रहेंगे, जिससे पोटका और कोल्हान के जनजातीय क्षेत्रों में शिक्षा का उजियारा और तेजी से फैलेगा।
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