जानकारी के अनुसार, अभिनेत्री 15 मार्च को वाराणसी पहुंचीं, जहां उन्होंने करीब डेढ़ घंटे का समय बिताया। काशी पहुंचने के बाद वे सीधे होटल ताज में ठहरीं और फिर वहां से Manikarnika Ghat पहुंचीं। इस दौरान उन्होंने अपने चेहरे को ढक रखा था, ताकि वे बिना किसी व्यवधान के अपनी मां के अंतिम संस्कार से जुड़े इस महत्वपूर्ण संस्कार को शांति से पूरा कर सकें।
गंगा तट पर पहुंचने के बाद जैकलीन और उनके पिता नाव के जरिए बीच धारा में गए, जहां उन्होंने पूरे धार्मिक रीति-रिवाजों के साथ अस्थियों का विसर्जन किया। सनातन परंपरा में काशी और गंगा का विशेष महत्व माना जाता है, और यहां अस्थि विसर्जन को मोक्ष प्राप्ति का मार्ग समझा जाता है। जैकलीन ने भी इस आध्यात्मिक आस्था को अपनाते हुए अपनी मां के लिए काशी को अंतिम विदाई स्थल के रूप में चुना।
गौरतलब है कि जैकलीन की मां किम फर्नांडिस का 6 अप्रैल को निधन हो गया था। उन्हें इससे पहले 24 अप्रैल को हार्ट स्ट्रोक आया था, जिसके बाद उन्हें मुंबई के लीलावती अस्पताल में भर्ती कराया गया था। लगभग 13 दिनों तक आईसीयू में रहने के बावजूद उनकी हालत में सुधार नहीं हो सका और अंततः उन्होंने दम तोड़ दिया। इससे पहले वर्ष 2022 में भी उन्हें हार्ट स्ट्रोक आया था, जिसके बाद उनका इलाज बहरीन की राजधानी मनामा में किया गया था।
जैकलीन ने इस मौके पर बताया कि उन्हें सनातन धर्म और उसकी परंपराएं बेहद पसंद हैं। यही कारण है कि उन्होंने अपनी मां की अस्थियों के विसर्जन के लिए काशी को चुना। यह यात्रा उनके लिए केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि मां के प्रति श्रद्धा, प्रेम और अंतिम विदाई का एक गहरा भावनात्मक पल भी था।
0 Comments