प्राप्त जानकारी के अनुसार, अनिमेष साव अपने मित्रों के साथ धार्मिक यात्रा पर पुरी पहुंचे थे। जगन्नाथ मंदिर में दर्शन-पूजन के बाद वे सभी समुद्र तट पर घूमने और स्नान करने के लिए गए। इसी दौरान समुद्र में अचानक तेज लहरें उठने लगीं। अनिमेष नहाते समय संतुलन खो बैठे और देखते ही देखते लहरों की चपेट में आकर गहरे समुद्र में बह गए।
घटना के तुरंत बाद वहां मौजूद लाइफगार्ड और स्थानीय रेस्क्यू टीम को सूचना दी गई। बचाव दल ने तत्काल सर्च ऑपरेशन शुरू किया और लगातार कई घंटों तक अनिमेष की तलाश की गई, लेकिन उनका कोई सुराग नहीं मिल पाया। इसके बाद भी तीन दिनों तक खोज अभियान जारी रहा। आखिरकार घटना के तीन दिन बाद अनिमेष का शव पुरी से लगभग 30 किलोमीटर दूर कोणार्क के पास समुद्र में बरामद किया गया।
इस दर्दनाक घटना की खबर जैसे ही अनिमेष के परिवार तक पहुंची, पूरे घर में कोहराम मच गया। बताया जा रहा है कि अनिमेष अपने माता-पिता के इकलौते बेटे थे। बेटे की असमय मौत ने परिवार को पूरी तरह तोड़ कर रख दिया है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और पूरे इलाके में मातम पसरा हुआ है।
स्थानीय लोगों और प्रशासन ने भी इस घटना पर गहरा दुख जताया है। यह हादसा एक बार फिर समुद्र तटों पर सुरक्षा के प्रति सतर्क रहने की जरूरत को उजागर करता है। प्रशासन द्वारा पर्यटकों से अपील की गई है कि वे समुद्र में नहाते समय सावधानी बरतें और निर्धारित सुरक्षित क्षेत्रों में ही प्रवेश करें।
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