धार्मिक सौहार्द के साथ मनाएं त्योहार, अफवाह फैलाने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई: उपायुक्त

 ईद, सरहुल, हिंदू नववर्ष और रामनवमी के मद्देनजर सोमवार को नगर भवन में जिला स्तरीय शांति समिति की बैठक आयोजित की गई। उपायुक्त श्री कर्ण सत्यार्थी की अध्यक्षता में संपन्न हुई इस बैठक में त्योहारों को शांतिपूर्ण, सुरक्षित और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न कराने पर विस्तृत रणनीति बनाई गई। बैठक में विभिन्न अखाड़ा समितियों के प्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी और पुलिस के वरीय पदाधिकारी शामिल हुए।



साझा विरासत और भाईचारे पर जोर
उपायुक्त ने शांति समिति के सदस्यों को संबोधित करते हुए कहा कि जमशेदपुर का इतिहास आपसी भाईचारे और मिल-जुलकर त्योहार मनाने का रहा है। उन्होंने अपील की कि सभी नागरिक एक-दूसरे की धार्मिक भावनाओं का सम्मान करें और इस गौरवशाली परंपरा को अक्षुण्ण बनाए रखें। उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि त्योहारों के दौरान श्रद्धालुओं के लिए बिजली, पानी और साफ-सफाई जैसी मूलभूत सुविधाओं में कोई कमी नहीं रहने दी जाएगी।

सोशल मीडिया पर 'डिजिटल' पहरा
प्रशासन ने इस बार सोशल मीडिया को लेकर कड़ा रुख अपनाया है। उपायुक्त ने चेतावनी दी कि किसी भी प्रकार की भड़काऊ या संदिग्ध पोस्ट को जाने-अनजाने में फॉरवर्ड न करें। भ्रामक खबरों और अफवाहों पर ध्यान न देकर सीधे प्रशासन को सूचित करें। जुलूसों के दौरान अनुशासन बनाए रखने के लिए अखाड़ा समितियों को पर्याप्त संख्या में वॉलेंटियर्स तैनात करने का निर्देश दिया गया है।


असामाजिक तत्वों पर रहेगी पैनी नजर
सिटी एसपी कुमार शिवाशीष ने कड़े लहजे में कहा कि सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने की कोशिश करने वालों से प्रशासन सख्ती से निपटेगा। उन्होंने अखाड़ा समितियों से अपील की कि नशे की हालत में जुलूस में शामिल होने वाले लोगों को रोकें। संवेदनशील इलाकों में पुलिस की अतिरिक्त तैनाती रहेगी और असामाजिक तत्वों की निगरानी के लिए विशेष दस्ता सक्रिय रहेगा।

वहीं, ग्रामीण एसपी ऋषभ गर्ग ने आयोजकों से निर्धारित रूट और समय का पालन करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि शोभायात्रा के दौरान पारंपरिक वाद्य यंत्रों के उपयोग को प्रोत्साहित करें और जुलूस को स्वनियंत्रित रखें। बैठक में मुख्य रूप से प्रशासनिक और पुलिस विभाग के वरीय अधिकारियों सहित शहर के गणमान्य लोग उपस्थित थे।

प्रशासन की ओर से जारी मुख्य दिशा-निर्देश:
  1. अफवाहों पर ध्यान न दें, किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें।
  2. सोशल मीडिया का जिम्मेदारी से उपयोग करें, भड़काऊ संदेश न भेजें।
  3. जुलूस के लिए निर्धारित रूट और समय सीमा का हर हाल में पालन करें।
  4. शोभायात्रा में वॉलेंटियर्स की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करें।

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