श्रीनगर का एशिया का सबसे बड़ा ट्यूलिप गार्डन जनता के लिए खुला, ट्यूलिप शो 2026 की भव्य शुरुआत

जम्मू-कश्मीर की खूबसूरत वादियों में स्थित एशिया का सबसे बड़ा ट्यूलिप गार्डन इस साल आम जनता के लिए खोल दिया गया है। इसके साथ ही बहुप्रतीक्षित ट्यूलिप शो 2026 की भी भव्य शुरुआत हो गई है। जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने इस ऐतिहासिक उद्यान का उद्घाटन किया और यहां खिलने वाले लगभग 1.7 मिलियन (17 लाख) ट्यूलिप फूलों की मनमोहक प्रदर्शनी का अनावरण किया। रंग-बिरंगे ट्यूलिप से सजा यह गार्डन पर्यटकों और प्रकृति प्रेमियों के लिए किसी स्वर्ग से कम नहीं दिखाई देता।
पिछले वर्ष यह उद्यान 26 मार्च को खोला गया था, लेकिन इस बार मौसम की अनिश्चित परिस्थितियों और फूलों के जल्दी खिलने की वजह से इसे कुछ पहले ही खोल दिया गया। इस वर्ष यहां विभिन्न प्रजातियों के करीब 17 लाख ट्यूलिप लगाए गए हैं, जो पूरे उद्यान को रंगों की अनोखी चादर से ढक देते हैं। जब ये ट्यूलिप पूरी तरह खिलते हैं, तो पूरा बगीचा लाल, पीले, गुलाबी, बैंगनी और सफेद रंगों से जगमगा उठता है, जो आने वाले पर्यटकों को मंत्रमुग्ध कर देता है।
यह प्रसिद्ध उद्यान वर्ष 2007 में स्थापित किया गया था और तब से यह कश्मीर के प्रमुख पर्यटन आकर्षणों में शामिल हो चुका है। हर वर्ष लाखों सैलानी यहां ट्यूलिप के मनमोहक दृश्य का आनंद लेने पहुंचते हैं। पिछले साल इस उद्यान में 4,65,000 पर्यटकों की रिकॉर्ड संख्या दर्ज की गई थी, जो अब तक का सर्वाधिक आंकड़ा है। इस वर्ष भी प्रशासन को उम्मीद है कि पर्यटकों की संख्या में और वृद्धि होगी।
करीब 55 हेक्टेयर क्षेत्र में फैले इस विशाल उद्यान में केवल ट्यूलिप ही नहीं, बल्कि वसंत ऋतु के कई अन्य खूबसूरत फूल भी खिलते हैं। इनमें जलकुंभी, डेफोडिल, मस्करी और साइक्लेमेन जैसे फूल शामिल हैं, जो पूरे वातावरण को और अधिक आकर्षक बना देते हैं।
पर्यटकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए इस बार उद्यान में कई नई व्यवस्थाएं भी की गई हैं। पार्किंग सुविधाओं का विस्तार किया गया है ताकि अधिक संख्या में आने वाले वाहनों को आसानी से जगह मिल सके। इसके साथ ही ऑनलाइन टिकटिंग सिस्टम और क्यूआर कोड आधारित बुकिंग की सुविधा भी शुरू की गई है। श्रीनगर हवाई अड्डे और पर्यटक स्वागत केंद्र जैसे प्रमुख स्थानों पर भी टिकट उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
इस वर्ष पहली बार उद्यान में ऑनलाइन और भौतिक दोनों प्रकार के टिकट की व्यवस्था की गई है। प्रशासन का लक्ष्य है कि अगले दो से तीन वर्षों में पूरी टिकटिंग और प्रवेश प्रक्रिया को पूरी तरह डिजिटल बना दिया जाए। इससे पर्यटकों को अधिक सुविधा मिलेगी और व्यवस्था भी बेहतर तरीके से संचालित की जा सकेगी।
हर साल की तरह इस बार भी ट्यूलिप गार्डन की रंगीन छटा देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित कर रही है और कश्मीर के पर्यटन को नई ऊर्जा दे रही है।

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