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ग्रीन स्टील की ओर टाटा स्टील का बड़ा कदम: लुधियाना में देश के पहले स्क्रैप आधारित प्लांट का आगाज

मुंबई : टाटा स्टील ने भारतीय इस्पात उद्योग के इतिहास में शुक्रवार को एक नया अध्याय जोड़ दिया है। कंपनी ने सतत और पर्यावरण अनुकूल (सस्टेनेबल) इस्पात निर्माण की दिशा में मील का पत्थर गाड़ते हुए पंजाब के लुधियाना (हाई-टेक वैली) में देश के पहले स्क्रैप-आधारित इलेक्ट्रिक आर्क फर्नेस (EAF) प्लांट का भव्य उद्घाटन किया। करीब 3,200 करोड़ रुपये के भारी-भरकम निवेश से तैयार यह अत्याधुनिक प्लांट न केवल औद्योगिक क्रांति लाएगा, बल्कि 2045 तक 'नेट ज़ीरो' उत्सर्जन हासिल करने के टाटा समूह के विजन को भी मजबूती देगा।


इस ऐतिहासिक अवसर पर पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान और टाटा स्टील के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन ने संयुक्त रूप से प्लांट की शुरुआत की। मौके पर टाटा स्टील के सीईओ सह प्रबंध निदेशक टी. वी. नरेंद्रन सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।

CO₂ उत्सर्जन में भारी कटौती, 50% स्वच्छ ऊर्जा का उपयोग

लुधियाना स्थित इस नए प्लांट की वार्षिक उत्पादन क्षमता 0.75 मिलियन टन है। इस इकाई की सबसे बड़ी विशेषता इसका पर्यावरण अनुकूल होना है। इसे इस तरह डिजाइन किया गया है कि प्रति टन स्टील उत्पादन पर कार्बन डाइऑक्साइड (CO₂) का उत्सर्जन 0.3 टन से भी कम रहेगा। चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन ने इसे राष्ट्रीय अनिवार्यता बताते हुए कहा कि यह प्लांट हरित भविष्य के प्रति टाटा समूह की प्रतिबद्धता का प्रतीक है। वहीं, टी. वी. नरेंद्रन ने कहा कि यह निवेश सर्कुलर इकोनॉमी (चक्रीय अर्थव्यवस्था) को बढ़ावा देने की दिशा में टाटा स्टील का एक क्रांतिकारी दृष्टिकोण है, जो संसाधनों की खपत कम करते हुए वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा कायम रखेगा।

शत-प्रतिशत स्क्रैप से बनेगी 'टाटा टिस्कॉन' छड़ें

यह प्लांट पूरी तरह से 'लो-कार्बन स्टील मेकिंग' तकनीक पर आधारित है। इसमें कच्चे माल के तौर पर 100% स्टील स्क्रैप का उपयोग किया जाएगा। खास बात यह है कि इस जरूरत का लगभग 40 प्रतिशत हिस्सा हरियाणा के रोहतक स्थित टाटा स्टील के अपने रिसाइक्लिंग प्लांट से आएगा। यह इकाई कंपनी के लोकप्रिय रिटेल ब्रांड 'टाटा टिस्कॉन' के तहत कंस्ट्रक्शन-ग्रेड स्टील रिबार (छड़) का उत्पादन करेगी। इससे न केवल निर्माण क्षेत्र में टाटा स्टील की पकड़ मजबूत होगी, बल्कि ग्राहकों को पर्यावरण की दृष्टि से सुरक्षित और उच्च गुणवत्ता वाला स्टील भी उपलब्ध होगा।

सामाजिक सरोकार: समुदायों के सशक्तिकरण पर जोर

केवल औद्योगिक विकास ही नहीं, बल्कि टाटा स्टील ने लुधियाना में भी अपनी सामाजिक जिम्मेदारी (CSR) को प्राथमिकता दी है। टाटा स्टील फाउंडेशन के माध्यम से पिछले तीन वर्षों से प्लांट के आसपास के क्षेत्रों में स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि और महिला सशक्तिकरण पर काम किया जा रहा है। स्थानीय आईटीआई छात्रों के लिए रोजगारोन्मुख प्रशिक्षण, सौर ऊर्जा से संचालित स्ट्रीट लाइट, और जलवायु-संवेदनशील कृषि पद्धतियों को बढ़ावा देना इसकी मुख्य पहलों में शामिल है। कंपनी मेधावी छात्रों को छात्रवृत्ति प्रदान कर उनके भविष्य को भी संवार रही है, जो स्थानीय समुदाय के साथ टाटा के गहरे जुड़ाव को दर्शाता है।

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