जमशेदपुर : टेल्को स्थित छोटा गोविंदपुर जलापूर्ति योजना को बड़ा झटका लगा है। गुरुवार देर रात आकाशीय बिजली गिरने से वाटर ट्रीटमेंट प्लांट में लगा 160 केवी का ट्रांसफॉर्मर पूरी तरह जल गया। इस घटना के बाद शुक्रवार से 21 पंचायतों में जलापूर्ति पूरी तरह बाधित हो गई है, जिससे हजारों लोगों को पानी के संकट का सामना करना पड़ रहा है।

वज्रपात से भारी नुकसान, कई उपकरण जले
वज्रपात की इस घटना में केवल ट्रांसफॉर्मर ही नहीं, बल्कि प्लांट के कई महत्वपूर्ण उपकरण भी क्षतिग्रस्त हो गए। जानकारी के अनुसार, तीन एससी यूनिट, 55 इंच का एक टीवी, तीन मोटर, लगभग छह लाख रुपये का इलेक्ट्रॉनिक मीटर और करीब 2.50 लाख रुपये का पीएलसी (प्रोग्रामेबल लॉजिक कंट्रोलर) भी जलकर नष्ट हो गया। कुल मिलाकर इस घटना में लगभग 15 लाख रुपये का नुकसान आंका गया है।
इस अचानक हुई तकनीकी क्षति ने पूरे जलापूर्ति तंत्र को ठप कर दिया है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में स्थिति गंभीर होती जा रही है।

10-15 दिनों तक जलापूर्ति बाधित रहने की आशंका
जलापूर्ति योजना का संचालन कर रही एजेंसी जेमिनी इंटरप्राइजेज के ठेकेदार अरुण कुमार ने बताया कि ट्रांसफॉर्मर के जल जाने के कारण अगले 10 से 15 दिनों तक जलापूर्ति बहाल कर पाना संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि इस संबंध में पेयजल एवं स्वच्छता विभाग को पूरी जानकारी दे दी गई है, लेकिन अब तक विभाग की ओर से कोई ठोस पहल या सहयोग नहीं मिला है।
ऐसे में एजेंसी खुद को असहाय महसूस कर रही है और मरम्मत कार्य शुरू करने में भी कई तरह की बाधाओं का सामना करना पड़ रहा है। इधर, पानी की आपूर्ति बंद होने से प्रभावित पंचायतों में लोगों को वैकल्पिक व्यवस्था के लिए जूझना पड़ रहा है।

बकाया भुगतान को लेकर पहले से चल रहा विवाद
स्थिति को और जटिल बनाते हुए एजेंसी और विभाग के बीच पहले से ही बकाया भुगतान को लेकर विवाद चल रहा है। जेमिनी इंटरप्राइजेज ने बताया कि पिछले 25 महीनों से करीब 3.75 करोड़ रुपये का भुगतान लंबित है। इसको लेकर एजेंसी ने पेयजल एवं स्वच्छता विभाग, जमशेदपुर प्रमंडल के कार्यपालक अभियंता को अल्टीमेटम भी दिया था।
एजेंसी ने अपने मांग पत्र में स्पष्ट किया था कि यदि 31 मार्च तक बकाया राशि का भुगतान नहीं किया गया, तो एक अप्रैल से जलापूर्ति अनिश्चितकाल के लिए बंद कर दी जाएगी। हालांकि, इस चेतावनी से पहले ही वज्रपात की घटना ने स्थिति को और गंभीर बना दिया है।