जमशेदपुर: बिष्टुपुर स्थित निर्मल भवन गेस्ट हाउस में रविवार को राज क्लब गंडा समाज द्वारा झारखंड राज्य स्तरीय सम्मान समारोह सह चिंतन शिविर का आयोजन किया गया, जिसमें समाज के विभिन्न जिलों से आए प्रतिनिधियों ने भाग लिया। कार्यक्रम की अध्यक्षता संगठन के अध्यक्ष नरेश कुमार टांडिया ने की, जबकि मुख्य अतिथि के रूप में लाल महानंद उपस्थित रहे। इस अवसर पर समाज के उत्थान, अधिकार और पहचान को लेकर व्यापक चर्चा की गई। वक्ताओं ने एक स्वर में मांग उठाई कि जिस प्रकार ओडिशा और छत्तीसगढ़ में गंडा समाज को अनुसूचित जाति की सूची में शामिल किया गया है, उसी तरह झारखंड में भी इसे संवैधानिक मान्यता दी जानी चाहिए। कार्यक्रम में सामाजिक एकजुटता, शिक्षा, राजनीतिक भागीदारी और जागरूकता पर भी विशेष जोर दिया गया।

अनुसूचित जाति में शामिल करने की उठी मांग

कार्यक्रम के दौरान मुख्य अतिथि लाल महानंद ने कहा कि गंडा समाज को झारखंड में अब तक उसका उचित अधिकार नहीं मिला है। उन्होंने कहा कि ओडिशा और छत्तीसगढ़ की तर्ज पर झारखंड सरकार को भी गंडा समाज को अनुसूचित जाति की सूची में शामिल करना चाहिए। इससे समाज के लोगों को शिक्षा, रोजगार और सामाजिक सुरक्षा के क्षेत्र में लाभ मिलेगा। वक्ताओं ने कहा कि यह केवल एक मांग नहीं, बल्कि समाज के अधिकारों की लड़ाई है, जिसे संगठित होकर आगे बढ़ाना होगा।

आंदोलन और जनजागरूकता पर जोर

चिंतन शिविर में उपस्थित वक्ताओं ने कहा कि गंडा समाज को अनुसूचित जाति में शामिल कराने के लिए अब आंदोलन को तेज करने की आवश्यकता है। इसके लिए राज्यभर में जनजागरूकता अभियान चलाने, गांव-गांव तक पहुंचने और समाज के लोगों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करने की रणनीति बनाई गई। वक्ताओं ने यह भी कहा कि जब तक समाज एकजुट होकर अपनी आवाज बुलंद नहीं करेगा, तब तक अधिकार प्राप्त करना मुश्किल होगा। इसलिए संगठन को मजबूत बनाना और युवाओं को जोड़ना समय की मांग है।

समाज के प्रतिभाओं का सम्मान और व्यापक भागीदारी

कार्यक्रम के दौरान चक्रधरपुर वार्ड संख्या-15 से विजयी होकर समाज का नाम रोशन करने वाली सुनीति बाघ को सम्मानित किया गया। इस मौके पर समाज के कई गणमान्य लोगों की उपस्थिति रही, जिनमें फूलचंद राजहंस, राजू नाग, धर्मेंद्र दीप, मदन कुमार, सागर सोना, सोनू सोना, रवि महानंद, कृपा नाग, हिरन दीप, बलराम राजहंस, प्रदीप सागर, गणेश टांडिया, हेमंत बिस्वाल, शिवलाल दीप, रथो हरपाल, सतीश कुमार, अमित कुमार, राजेंद्र बाग, माहि बिस्वाल, रश्मि महानंद, मुक्ता बाघ और निशा हरपाल सहित बड़ी संख्या में समाज के लोग शामिल हुए। कार्यक्रम ने सामाजिक एकता और सामूहिक प्रयास की दिशा में एक मजबूत संदेश दिया।