Ad Code

Responsive Advertisement

विश्व जल दिवस पर जल संरक्षण का संकल्प: पूर्वी सिंहभूम में जल महोत्सव पखवाड़ा का भव्य समापन

जमशेदपुर : जिला जनसंपर्क कार्यालय, पूर्वी सिंहभूम की ओर से विश्व जल दिवस-सह-जल महोत्सव पखवाड़ा का समापन समारोह समाहरणालय सभागार में गरिमामय वातावरण में आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता उपायुक्त श्री कर्ण सत्यार्थी ने की। 08 मार्च से 22 मार्च तक चले इस विशेष पखवाड़ा के दौरान जिलेभर में जल संरक्षण, स्वच्छ पेयजल और जनजागरूकता से संबंधित विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिनका समापन इस समारोह के साथ हुआ।

जल संरक्षण को लेकर उपायुक्त का संदेश
समारोह को संबोधित करते हुए उपायुक्त श्री कर्ण सत्यार्थी ने जल के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि जल जीवन का आधार है और इसका संरक्षण वर्तमान समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि बढ़ती जनसंख्या और जलवायु परिवर्तन के कारण जल संसाधनों पर दबाव बढ़ रहा है, ऐसे में हम सभी को मिलकर जल बचाने की दिशा में ठोस कदम उठाने होंगे।
उन्होंने वर्षा जल संचयन को बढ़ावा देने, जल के दुरुपयोग को रोकने और सामुदायिक सहभागिता के माध्यम से जल संरक्षण अभियान को मजबूत बनाने पर विशेष जोर दिया। उपायुक्त ने आम नागरिकों से अपील की कि वे अपने दैनिक जीवन में जल के विवेकपूर्ण उपयोग को अपनाएं और दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करें।

जलसहियाओं और मुखियाओं का सम्मान
कार्यक्रम के दौरान जिले में पेयजल एवं स्वच्छता के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले मुखियाओं और जलसहियाओं को सम्मानित किया गया। इन जलसहियाओं ने ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने, जलापूर्ति योजनाओं के संचालन और लोगों को जागरूक करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
उपायुक्त ने उनके योगदान की सराहना करते हुए कहा कि जलसहियाएं ग्रामीण क्षेत्रों में जल प्रबंधन की रीढ़ हैं। उनके प्रयासों से ही सरकार की योजनाएं धरातल पर सफल हो रही हैं। इस अवसर पर सम्मानित जलसहियाओं ने अपने अनुभव साझा किए और बताया कि किस प्रकार उन्होंने गांवों में जल संरक्षण और स्वच्छता को बढ़ावा दिया।

जल जीवन मिशन और योजनाओं की समीक्षा
समारोह में पेयजल एवं स्वच्छता प्रमंडल, जमशेदपुर एवं आदित्यपुर के कार्यपालक अभियंताओं द्वारा जल जीवन मिशन के अंतर्गत संचालित योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी गई। 08 मार्च से 22 मार्च तक आयोजित जनजागरूकता कार्यक्रमों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों ने जल संरक्षण, जल के समुचित उपयोग और योजनाओं के बेहतर रख-रखाव पर चर्चा की।
उपायुक्त ने निर्देश दिया कि जलसहियाएं ग्रामीणों को नियमित रूप से जल शुल्क जमा करने के लिए प्रेरित करें, ताकि जलापूर्ति योजनाओं का संचालन सुचारू रूप से जारी रह सके। उन्होंने यह भी कहा कि भविष्य में पूर्ण होने वाली योजनाओं के रख-रखाव में किसी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए और सभी संबंधित विभाग मिलकर बेहतर उदाहरण प्रस्तुत करें।

जल संरक्षण की शपथ और जनभागीदारी का संकल्प
कार्यक्रम के अंत में उपस्थित सभी अधिकारियों, कर्मचारियों, मुखियाओं और जलसहियाओं ने जल संरक्षण की शपथ ली। सभी ने यह संकल्प लिया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में जल बचाने के उपायों को अपनाएंगे और दूसरों को भी इसके प्रति जागरूक करेंगे।
इस अवसर पर उपस्थित प्रतिभागियों ने अपने पंचायतों में संचालित नल-जल योजनाओं के अनुभव साझा किए और बताया कि किस प्रकार सामुदायिक सहयोग से इन योजनाओं को सफल बनाया जा रहा है। कार्यक्रम में सहायक अभियंता, कनीय अभियंता, जिला समन्वयक, प्रखंड वाश समन्वयक सहित कई पदाधिकारी उपस्थित रहे।

Post a Comment

0 Comments

Ad Code

Responsive Advertisement