Jamshedpur:रामनवमी के अवसर पर होने वाले विसर्जन कार्यक्रम को लेकर पूर्वी सिंहभूम जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क नजर आ रहा है। इसी क्रम में उपायुक्त श्री कर्ण सत्यार्थी ने जमशेदपुर के विभिन्न प्रमुख विसर्जन घाटों का निरीक्षण कर तैयारियों का जायजा लिया। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुविधा और विधि-व्यवस्था बनाए रखना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। विसर्जन कार्यक्रम को शांतिपूर्ण एवं सुरक्षित वातावरण में संपन्न कराने के लिए सभी आवश्यक उपाय सुनिश्चित करने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए गए।

प्रमुख घाटों का किया गया निरीक्षण

उपायुक्त ने स्वर्णरेखा घाट, दोमुहानी, बालूघाट, बेलीबोधन, ग्रीन पार्क/डीवीसी, बागबेड़ा घाट सहित शास्त्रीनगर क्षेत्र का दौरा किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने घाटों की स्थिति, पहुंच मार्ग, साफ-सफाई और सुरक्षा इंतजामों का बारीकी से अवलोकन किया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी घाटों को विसर्जन के लिए पूरी तरह सुरक्षित और व्यवस्थित बनाया जाए, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।

सुरक्षा के मद्देनजर बैरिकेडिंग और समतलीकरण के निर्देश

निरीक्षण के क्रम में उपायुक्त ने सुरक्षा के दृष्टिकोण से घाटों पर विशेष ध्यान देने को कहा। उन्होंने निर्देश दिया कि सभी विसर्जन स्थलों पर बैरिकेडिंग की उचित व्यवस्था की जाए तथा घाटों का समतलीकरण कराया जाए, जिससे फिसलन या अन्य दुर्घटनाओं की आशंका को कम किया जा सके। उन्होंने कहा कि छोटी-सी लापरवाही भी बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकती है, इसलिए सभी सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन किया जाए।

आपदा प्रबंधन टीम और गोताखोर रहेंगे अलर्ट

विसर्जन के दौरान किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए उपायुक्त ने गोताखोरों और आपदा प्रबंधन टीमों को अलर्ट मोड में रहने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी टीमें पूरी तैयारी के साथ तैनात रहें और किसी भी आकस्मिक स्थिति में तुरंत कार्रवाई करें। इससे संभावित दुर्घटनाओं को समय रहते रोका जा सकेगा और श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित होगी।

पहुंच मार्ग, रोशनी और साफ-सफाई पर विशेष ध्यान

उपायुक्त ने नगर निकाय एवं जुस्को के प्रतिनिधियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि घाटों तक जाने वाले पहुंच मार्गों का मरम्मतीकरण जल्द से जल्द पूरा किया जाए। साथ ही घाटों पर पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था, साफ-सफाई और पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। उन्होंने कहा कि बड़ी संख्या में श्रद्धालु विसर्जन के लिए पहुंचते हैं, ऐसे में उनकी सुविधा का पूरा ध्यान रखना प्रशासन की जिम्मेदारी है।

विधि व्यवस्था और ट्रैफिक नियंत्रण की पुख्ता तैयारी

त्योहार के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पर्याप्त संख्या में पुलिस बल की तैनाती के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा ट्रैफिक पुलिस को भीड़-भाड़ वाले क्षेत्रों में यातायात व्यवस्था सुचारू रखने के लिए विशेष योजना बनाने को कहा गया। उपायुक्त ने भीड़ नियंत्रण के लिए वॉच टावर और माइक सेट की व्यवस्था करने तथा शोभायात्रा मार्ग एवं घाटों पर ड्रोन और वीडियो कैमरों से निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि हर गतिविधि पर नजर रखी जा सके।

आयोजकों से सहयोग और नियमों के पालन की अपील

उपायुक्त ने सभी अखाड़ा समितियों और आयोजकों से अपील की कि वे प्रशासन के साथ समन्वय बनाकर कार्य करें और सरकार द्वारा जारी सभी दिशा-निर्देशों का पालन करें। विशेष रूप से झंडा की ऊंचाई और अन्य सुरक्षा मानकों का ध्यान रखने को कहा गया। उन्होंने कहा कि सभी के सहयोग से ही पर्व को शांतिपूर्ण और सफल बनाया जा सकता है। निरीक्षण के दौरान सिटी एसपी श्री कुमार शिवाशीष, अनुमंडल पदाधिकारी श्री अर्णव मिश्रा, उप नगर आयुक्त श्री कृष्ण कुमार, एडीएम लॉ एंड ऑर्डर श्री राहुल आनंद सहित अन्य प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी मौजूद रहे।